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टेंशन लेने की आदत पड़ सकती है दिल पर भारी, बढ़ सकता है हार्ट अटैक का खतरा

Heart Attack Ke Karan: स्ट्रेस या तनाव आपकी मानसिक स्थिति और हार्ट हेल्थ को बुरी तरह प्रभावित करता है। इससे हार्ट अटैक भी आ सकता है।

टेंशन लेने की आदत पड़ सकती है दिल पर भारी, बढ़ सकता है हार्ट अटैक का खतरा

Written by Sadhna Tiwari |Updated : September 23, 2024 5:39 PM IST

Risk of heart attack and stress: हार्ट डिजिजेज और दिल का दौरा पड़ने जैसी स्थितियां पूरी दुनिया में चिंता का विषय बनी हुई हैं क्योंकि, बीते एक दशक से ना केवल हार्ट डिजिजेज के मामले बढ़े हैं। वहीं, हर साल लाखों लोगों की मृत्यु हार्ट अटैक की वजह से समय से पहले ही हो रही है। भारत में भी हार्ट डिजिजेज का रिस्क (heart diseases in India) बहुत तेजी से बढ़ा है। अलग-अलग रिपोर्ट्स और आंकड़ों के अनुसार, बहुत कम उम्र के लोगों में हार्ट डिजिजेज का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। अनुवांशिंक कारणों और किसी अन्य हेल्थ से जुड़े कारणों को छोड़ दिया जाए तो दिल की बीमारियों से जुड़े अधिकांश मामलों में वजहें है डाइट और लाइफस्टाइल से जुड़ी हुई गलतियां जो लोग अक्सर  करते हैं। हाई फैट फूड खाना, स्मोकिंग करना और एक्सरसाइज ना करना, हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाने वाले कुछ ऐसे ही कारण हैं।

वहीं एक नयी स्टडी के अनुसार, लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में महसूस होने वाले स्ट्रेस जैसी समस्याओं के कारण भी हार्ट अटैक का रिस्क (risk of heart attack due to stress) बढ़ सकता है।

तनाव कैसे करता है हार्ट पर असर (Ways stress affects heart health)

मेंटल हेल्थ से जुड़ी स्थितियां आपके हार्ट से सीधे तौर पर जुड़ी हुई हैं जैसे, गुस्सा, चिड़चिड़ापन, दुख और स्ट्रेस जैसी भावनाएं आपकी हार्ट हेल्थ पर असर डाल सकती हैं। हालांकि, बहुत से लोग इस बारे में सोचते नहीं हैं तो जब तक उन्हें इसका अंदाजा होता है हार्ट को काफी नुकसान पहुंचा सकता है।

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स्ट्रेस लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन गया है। वहीं, क्रोनिक स्ट्रेस की वजह से मेंटल हेल्थऔर हार्ट हेल्थ बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) की लेटेस्ट स्टडी में यह बात सामने आयी कि गंभीर तनाव या क्रोनिक स्ट्रेस की वजह से हार्ट रिदम या दिल के धड़कने की गति में बदलाव आ सकते हैं। इससे, वेंट्रीकुलर टैचीकार्डिया और वेंट्रीकुलर फाइब्रिलेशन जैसी स्थितियां बन सकती हैं। इन दोनों ही कंडीशन्स में हार्ट के निचले हिस्से में असर पड़ता है। लगभग 6 हजार लोगों पर की गयी इस स्टडी में पाया गया कि, बहुत अधिक स्ट्रेस महसूस करने वाले लोगों में एट्रियल फाइब्रिलेशन (AF) होने का खतरा 83 फीसदी तक ज्यादा होता है। यह एक ऐसी कंडीशन है जिसमें हार्टबीट रेग्यूलर नहीं रहती।

वहीं, लंबे समय तक तनाव में रहने से कॉर्टिसोल (cortisol) जैसे हार्मोन्स का स्तर भी शरीर में बढ़ जाता है। ये ब्लड प्रेशर लेवल बढ़ा सकते हैं जो हार्ट हेल्थ को नुकसान पहुंचाता है।

तनाव के कारण व्यक्ति थका-थका और उदास महसूस करता है।

तनाव से हार्ट वेसल्स को काम करने में भी दिक्कतें आती है और इन सब स्थितियों के कारण हार्ट पर दबाव बढ़ता है।

इन कारणों से भी बढ़ता है हार्ट अटैक का रिस्क (Risk factors of heart attack)

एक्सपर्ट्स के अनुसार, लोगों की डाइट और लाइफस्टाइल को हेल्दी बनाने से हार्ट हेल्थ में भी सुधार हो सकता है। इसके साथ कुछ ऐसी चीजें भी हैं जो हार्ट को बीमार बनाने का कारण बना सकती हैं। ये सभी हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी स्थितियों का खतरा बढ़ा सकती हैं। ये कारण हैं-

ठीक तरीके से ना सोना या नींद की कमी

माइग्रेन (Migraine) और सिरदर्द की पुरानी समस्या

वायु प्रदूषण वाली जगहों पर रहना

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