अक्सर रहती है थकान तो हो सकता है क्रोनिक माइलॉयड ल्यूकेमिया (CML) का संकेत, जानें क्या हैं इस बीमारी का कारण और इलाज

Chronic Myeloid Leukemia: यह अस्थि मज्जा का एक असामान्य प्रकार का कैंसर है, जो वृद्ध वयस्कों को ज्यादा प्रभावित करता है। जानें, इस बीमारी के लक्षण, कारण और इलाज के बारे में-

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Written By: Anju Rawat | Published : September 4, 2025 5:40 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Dinesh Bhurani

Chronic Myeloid Leukemia: क्रोनिक माइलॉयड ल्यूकेमिया, इसे सीएमएल (CML) भी कहा जाता है। यह अस्थि मज्जा (Bone Marrow) का एक असामान्य प्रकार का कैंसर है। यानी यह कैंसर के अन्य प्रकारों की तुलना में कम लोगों को प्रभावित करता है। आपको बता दें कि अस्थि मज्जा हड्डियों के अंदर स्थित स्पंजी ऊतक होता है, जहां रक्त कोशिकाएं (Blood Cells) बनती हैं। सीएमएल रोग के कारण, रक्त में सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या बढ़ने लगती है। वैसे तो यह कैंसर किसी भी व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है। लेकिन, वृद्ध वयस्कों में इसके ज्यादा मामले देखने को मिलता है। यह बच्चों को कम प्रभावित करता है। यह एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है। इसका समय पर इलाज करवाना बहुत जरूरी होता है। इसलिए क्रोनिक माइलोजेनस ल्यूकेमिया के लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके संकेत नजर आते ही, तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए और जरूरी टेस्ट करवाकर इलाज शुरू करवाना चाहिए। आइए, राजीव गांधी कैंसर संस्थान एवं अनुसंधान केंद्र, दिल्ली में हेमेटो-ऑन्कोलॉजी एवं अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण विभाग के निदेशक डॉ. दिनेश भूरानी से जानते हैं क्रोनिक माइलॉयड ल्यूकेमिया (CML) के लक्षण, कारण और इलाज के बारे में-

क्रोनिक माइलॉयड ल्यूकेमिया क्या होता है?- What is Chronic Myeloid Leukemia in Hindi

क्रोनिक माइलॉयड ल्यूकेमिया (CML) रक्त और अस्थि मज्जा का धीरे-धीरे बढ़ने वाला एक प्रकार का कैंसर है। यह आमतौर पर वृद्ध वयस्कों को प्रभावित करता है। आपको बता दें कि यह सफेद रक्त कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि के कारण होता है। जब सफेद रक्त कोशिकाओं का ज्यादा उत्पादन होता है और ये अस्थि मज्जा और रक्त में जमा होने लगते हैं, तो यह रोग विकसित होता है। क्रोनिक माइलॉयड ल्यूकेमिया एक प्रकार का कैंसर है, जो अस्थि मज्जा में शुरू होता है। अस्थि मज्जा हड्डियों के अंदर का कोमल ऊतक है। यही सफेद रक्त कोशिकाओं का उत्पादन होता है।

क्रोनिक माइलॉयड ल्यूकेमिया के लक्षण

क्रोनिक माइलॉयड ल्यूकेमिया में शुरुआती लक्षण नजर नहीं आते हैं। लेकिन, जब स्थिति गंभीर होने लगती है तो कुछ लक्षणों का अनुभव हो सकता है।

  • हड्डियों में तेज दर्द होना
  • थकान और कमजोरी महसूस होना
  • तेज बुखार आना
  • भूख कम लगना
  • लगातार वजन कम होना
  • जल्दी पेट भर जाना
  • सोते समय पसीना आना
  • आसानी से खून बहना
  • पसलियों के नीचे दर्द होना
  • दृष्टि धुंधली होना

किन लोगों में रहता है क्रोनिक माइलॉयड ल्यूकेमिया का ज्यादा जोखिम

कुछ लोगों में क्रोनिक माइलॉयड ल्यूकेमिया रोग होने का खतरा ज्यादा बना रहता है। इनमें शामिल हैं...

  • बच्चों और युवाओं की तुलना में बुजुर्गों में सीएमएल विकसित होने का खतरा ज्यादा रहता है।
  • महिलाओं की तुलना में पुरुषों में सीएमएल के मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं। पुरुषों में इसका खतरा ज्यादा बना रहता है।
  • रेडिएशन थेरेपी लेने वाले लोगों में भी सीएमएल का जोखिम ज्यादा रहता है।

क्रोनिक माइलॉयड ल्यूकेमिया का इलाज

  • सीएमएल के लिए कई तरह की दवाएं उपलब्ध हैं। डॉक्टर व्यक्ति की स्थिति को ध्यान में रखकर दवाइयां लिखता है।
  • प्रतिरोधी रोग वाले रोगियों के लिए अस्थि मज्जा या स्टेम सेल प्रत्यारोपण एक विकल्प हो सकता है।

Highlights

  • क्रोनिक माइलॉयड ल्यूकेमिया में वजन तेजी से कम होने लगता है।
  • क्रोनिक माइलॉयड ल्यूकेमिया में सफेद रक्त कोशिकाओं में अनियंत्रित रूप से वृद्धि होने लगती है।
  • क्रोनिक माइलॉयड ल्यूकेमिया का इलाज संभव है।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।