आपका मोटापा कहीं शरीर के अंदर की सूजन तो नहीं? इग्नोर किया तो बढ़ सकता है हार्ट अटैक रिस्क

Chronic Inflammation in Body: शरीर का वजन बहुत ज्यादा बढ़ना कई बार शरीर के अंदर बढ़ रही सूजन यानी इन्फ्लेमेशन का संकेत हो सकता है, जो कई बार हार्ट अटैक के खतरे को भी बढ़ा सकता है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : April 26, 2026 1:49 PM IST

Obesity Side Effects in Body: मोटापा हमारे स्वास्थ्य के सबसे बड़े दुश्मनों में से एक है और उसके होने का कारण ज्यादातर मामलों में हमारे ही द्वारा की गई गलतियां होती हैं जैसे खराब जीवनशैली व खराब खानपान आदि। लेकिन शरीर में मोटापा आने के अन्य कारण भी हो सकते हैं, जिसमें आपकी कोई गलती नहीं होती है जैसे हार्मोन से जुड़ी समस्याएं या फिर कोई अन्य बीमारी। इसी तरह की एक हेल्थ कंडीशन है, शरीर के अंदर सूजन (इन्फ्लेमेशन) बढ़ना, जो शरीर में मोटापा बढ़ने के साथ-साथ अन्य कई बीमारियो का खतरा पैदा करती है जिसमें हार्ट अटैक जैसी जानलेवा कंडीशन भी हो सकती हैं। इसलिए मोटापे को सिर्फ मोटापा समझ कर ही नहीं बैठे रहना चाहिए, क्योंकि यह किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है। इस लेख में हम आपको मोटापे और शरीर के अंदर हुई सूजन के कनेक्शन के बारे में बताे वाले हैं।

सूजन और मोटापे का कनेक्शन

अगर शरीर के अंदर लंबे समय से इन्फ्लेमेशन (सूजन) है, तो उसके कारण मोटापा बढ़ सकता है, क्योंकि फैट से प्रभावित सेल्स खास तरह के केमिकल रिलीज करती हैं, जो मोटापे का कारण बन सकती है। ठीक उसी प्रकार अगर मोटापा बढ़ा हुआ है, तो उसके कारण शरीर के अंदर सूजन बढ़ने लगती है, क्योंकि मोटापे से ग्रस्त कोशिकाओं में स्ट्रेस बढ़ता है और उसका सीधा असर शरीर के अंदरूनी हिस्से में सूजन व लालिमा बढ़ने लगती है। इस प्रकार ये दोनों ही स्थितियो का एक दूसरे से कनेक्शन होता है और अगर एक चीज बढ़ती है तो दूसरी अपने आप बढ़ जाती है।

क्यों बढ़ जाता है हार्ट अटैक रिस्क

आज के दौर में हर किसी को पता है कि अगर शरीर का वजन बहुत ज्यादा बढ़ गया है, तो उससे हार्ट अटैक रिस्क बढ़ता है, सरल शब्दों में कहें तो मोटापे से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता ही है। वहीं लंबे समय से अगर बॉडी के अंदर इन्फ्लेमेशन है, यानी क्रोनि इन्फ्लेमेशन के कारण भी हार्ट अटैक रिस्क बढ़ जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि लंबे समय से क्रोनिक इन्फ्लेमेशन धमनियों में जमे प्लाक को उखाड़ सकती है जिसके कारण हार्ट अटैक का खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है।

जब ये दोनों ही कंडीशन हार्ट अटैक को बढ़ाती हैं और एक एक-दूसरे का कारण भी बन सकती हैं, जिससे हार्ट अटैक का खतरा दोगुना हो सकता है। इसलिए इसलिए मोटापे जैसी स्थिति को गलती से भी इग्नोर नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।

हार्ट अटैक का खतरा कैसे कम करें

हार्ट अटैक का खतरा कई अलग-अलग स्थितियों के कारण बढ़ सकता है, हालांकि, अगर बढ़ते वजन के कारण यह समस्या हो रही है तो जल्द से जल्द इसे कम करना बेहद जरूरी हो सकता है। बढ़ते वजन को इश तरह से कम किया जा सकता है -

  • नियमित रूप से एक्सर साइज करें
  • सुबह और शाम खाना खाने के बाद आधा घंटा वॉकिंग करें
  • डाइट में ज्यादा फल और सब्जियां लें
  • तला हुआ, शुगर और बाहर की अन्य चीजें न खाएं
  • मानसिक तनाव कम करने के लिए योग व मेडिटेशन करें
  • रोजाना पूरी नींद लें, जिसके लिए समय पर सोएं व उठें
  • पर्याप्त पानी पीएं और शरीर को डिहाइड्रेट न होने दें

शरीर का वजन बढ़ना कई बार किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है और उसके लिए आपको जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए। डॉक्टर कुछ टेस्ट की मदद से अंदरूनी बीमारियों का पता लगा सकते हैं और उनके अनुसार दवाएं दे सकते हैं। वहीं अगर सिर्फ खराब जीवनशैली व एक्सरसाइज आदि की कमी के कारण ये समस्याएं हो रही हैं, तो डॉक्टर आपको कुछ लाइफस्टाइल टिप्स भी दे सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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