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Cholesterol se Heart Attack : कोलेस्ट्रॉल की परेशानी आज के समय में काफी ज्यादा लोगों को हो रही है। बता दें कि कोलेस्ट्रॉल नसों में मोम जैसा पदार्थ होता है, जिसकी अधिकता की वजह से ब्लॉकेज की संभावना हो जाती है। ऐसे में हार्ट संबंधी परेशानी बढ़ सकती है। वहीं, ब्लॉकेज की वजह से हार्ट में ब्लड प्रवाह पूरी तरह से बंद होने पर हार्ट अटैक का खतरा रहता है। ऐसे में कुछ लोगों के मन में इस तरह का सवाल रहता है कि कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कितने दिनों बाद हार्ट अटैक का खतरा रहता है? अगर आपके भी मन में ऐसा सवाल है, तो इसका जबाव हम आपको इस लेख में देने जा रहे हैं। इस विषय की जानकारी के लिए हमने दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजिस्ट, को-चेयरपर्सन डॉ. रजत मोहन से बातचीत की है। आइए डॉक्टर से जानते हैं कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कितने दिन बाद हार्ट अटैक आता है?
डॉ. रजत मोहन का कहना है कि ऐसी किसी तरह की कोई स्टडी नहीं हुई है, जिसमें बताया गया हो कि कोलेस्ट्रॉल जब बढ़ेगा, तो उसके कितने दिन बाद हार्ट अटैक आएगा। सिर्फ कोलेस्ट्रॉल ब्लड के अंदर बढ़ जाए, तो हार्ट अटैक आएगा ऐसा निश्चित नहीं है। डॉक्टर का कहना है कि ऐसा नहीं है ब्लड में कोलेस्ट्रॉल बढ़े, तो हार्ट अटैक आना शुरू हो जाता है।
हालांकि, हार्ट की नसों में कोलेस्ट्रॉल जमा होने लगता है, जिसकी वजह से हार्ट में ब्लड सर्कुलेशन में कमी आती है। ऐसे में हार्ट अटैक आने का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, इसका समय निश्चित नहीं है। इसलिए आपको ऐसा बिल्कुल भी नहीं सोचना चाहिए कि आपका कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है, तो 10 दिन या महीनेभर में आपको हार्ट अटैक आएगा।
डॉक्टर रजत का कहना है कि नसों में कोलेस्ट्रॉल स्तर को कम करना बहुत ही जरूरी है। इसके लिए आपको अपने डाइट पर अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है।
अगर आप कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करना चाहते हैं, तो सैचुरेटेड फैट जैसे- घी, रिफाइंड, बटर इत्यादि चीजों को सेवन न करें। जब भी पैकेट वाली चीजें खरीदें, तो उसमें मौजूद सामग्री के बारे में बढ़ें कि उसमें सैचुरेटेड फैट है या नहीं।
अक्सर हम चाय के साथ कचौड़ियां, नमकी, भजिया जैसी चीजों का सेवन करते हैं, जिसमें सैचुरेटेड फैट की अधिक मात्रा बोती है। कोशिश करें कि अगर आपको कोलेस्ट्रॉल है, तो इस तरह की फ्राइड चीजों का सेवन बिल्कुल भी न करें।
अक्सर हमने देखा होगा कि घरों में लोग किसी भी चीज को तलने के बाद उस तेल को दोबारा इस्तेमाल करने लग जाते हैं। ऐसे तेलों में ट्रांस फैट की मात्रा अधिक होती है। ट्रांस फैट के प्रयोग से शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है। ऐसे में कोशिश करें कि ऐसे तेल का प्रयोग न करें। इससे आपके ब्लड में कोलेस्ट्रॉल का स्तर काफी ज्यादा बढ़ सकता है।
डॉक्टर का कहना है कि इस तरह के आहार का सेवन करने से दिल की नसों में फैट जमा होने लगता है, जिसकी वजह से ब्लड सर्कुलेशन पर असर पड़ता है। नसों में ब्लड का प्रवाह कम होने से या फिर पूरी तरह से बंद होने हार्ट अटैक या फिर हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाता है।
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की वजह से हार्ट अटैक की संभावनाबढ़ जाती है। इस तरह की परेशानी मुख्य रूप से डायबिटीज से जूझ रहे मरीजों और हार्ट डिजीज संबंधी परेशानियों से जूझ रहे लोगों में अधिक होती है। ऐसे में आपको अपने स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है। ताकि स्थिति का इलाज समय पर हो सके।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।