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कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने के लिए आयुर्वेदिक उपाय। © Shutterstock.
शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल (Cholesterol Level) का बढ़ना ना सिर्फ हृदय रोग सहित कई गंभीर बीमारियों को जन्म देता है, बल्कि कई अन्य समस्याएं जैसे हाई ब्लड प्रेशर, ओबेसिटी का कारण भी बनता है। अधिक कोलेस्ट्रॉल लेवल होने से पूरी सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डालता है (Ayurvedic tips to control Cholesterol Level)। बैड कोलेस्ट्रॉल हृदय रोग या स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ाता है। कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने के उपायों (Ayurvedic tips to control Cholesterol Level) को जानने से पहले जानें क्या होता है कोलेस्ट्रॉल।
कोलेस्ट्रॉल एक तरह का वसायुक्त तत्व है, जिसका उत्पादन लिवर करता है। यह कोशिकाओं की दीवारों, नर्वस सिस्टम के सुरक्षा कवच और हॉर्मोस के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। यह प्रोटीन के साथ मिलकर लिपोप्रोटीन बनाता है, जो फैट को खून में घुलने से रोकता है। शरीर में दो तरह के कोलेस्ट्रॉल एचडीएल (हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन या गुड कोलेस्ट्रॉल) और एलडीएल (लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन या बैड कोलेस्ट्रॉल) होते हैं। गुड कोलेस्ट्रॉल हल्का होता है, जो ब्लड वेसेल्स में जमे फैट को अपने साथ बहा ले जाता है। बैड कोलेस्ट्रॉल अधिक चिपचिपा और गाढ़ा होता है। इसकी मात्रा अधिक होने पर यह ब्लड वेसेल्स और आर्टरी की दीवारों पर जम जाता है, जिससे खून के बहाव में रुकावट आती है। इसके बढ़ने से हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर और ओबेसिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
खानपान की स्वस्थ आदतें अपनाकर इसे आसानी से नियंत्रित किया सकता है। आप कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के लिए आयुर्वेदिक तरीके अपना सकते हैं।
कोलेस्ट्रॉल पर नियंत्रण के लिए आप लहसुन का इस्तेमाल कर सकते हैं। अपने स्वाद, एंटी बायोटिक तत्वों और सेहत लाभ के लिए मशहूर लहसुन को आप भोजन में या फिर कच्चा उपयोग कर सकते हैं। यदि आपका कोलेस्ट्रॉल हाई है तो आप इसे रोकने के लिए लहसुन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आप एक ताजा लहसुन की कली लीजिए और उसमें आधा चम्मच अदरक को मिलाइए। फिर उसमें आधा चम्मच नींबू का रस मिलाइए। इन तीनों को अच्छी तरह से मिलाने के बाद आप इसे रोज हर मील से पहले खा सकते हैं।
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एक्सपर्ट के मुताबिक वजन कम करना हो या सेहत और खूबसूरती बढ़ानी हो या सर्दी जुकाम से निजात पानी हो, इन सब के लिए दालचीनी का प्रयोग काफी लाभकारी रहता है। एक चम्मच दालचीनी और हर्बल त्रिकटु के एक चौथाई चम्मच को मिलाकर चाय बनाएं और इसे पीयें। चाय बनाने के बाद 10 मिनट के लिए इसे ठंड़ा होने दें। फिर एक चम्मच शहद डालकर दिन में दो बार इसे लें।
नियमित रूप से सुबह खाली पेट आंवला जूस पीने से पेट संबंधी समस्याओं के साथ हाई कोलेस्ट्रॉल को भी कम किया जा सकता है। आंवला के हमारे शरीर पर एंटी-हाइपरलिपिडेमिक, एंटी-एथेरोजेनिक और हाइरोलिपिडेमिक प्रभाव होते हैं। यह बॉडी के हाइपोलिपिडेमिक एजेंट की तरह काम करता है और सीरम में लिपिड की मात्रा को कम करता है।
रोजाना सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में शहद मिलाकर पीने से न केवल वजन कम होता है बल्कि उर्जा भी मिलती है। कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल के लिए आप हल्के गर्म पानी के साथ शहद मिलाकर पीजिए आपको बहुत ही फायदा मिलेगा। यह आपके सिस्टम से वसा को ‘स्क्रैप’ करने और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करेगा। इस पेय को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आप एक चम्मच नींबू का रस या सेब के सिरके की 10 बूंद भी मिला सकते हैं।
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शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को प्रभावी ढंग से कंट्रोल करने के लिए आप आप अपने आहार में बाजरा, क्विनोआ, दलिया, गेहूं, सेब, अंगूर, और बादाम को शामिल कीजिए। एक शोध में यह बात सामने आई है कि बादाम खाने से शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा काफी कम हो जाती है, जबकि यह आपके शरीर में अच्छा कोलेस्ट्रॉल के कणों को बढ़ाने में मदद करता है।
कोलेस्ट्रॉल पर नियंत्रण रखना है तो फैटी भोजन, पनीर, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ या प्रोसेस्ड फूड, उच्च वसा वाले दूध या दही से बचें। इसके अलावा मिठाई और ठंडे खाद्य पदार्थ और पेय पदार्थों की खपत से भी बचें।