
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
High Cholesterol Early Warning Signs in Hindi: कोलेस्ट्रॉल रक्त में पाया जाने वाला एक मोम जैसा पदार्थ है। यह शरीर में कोशिकाओं के निर्माण के लिए जरूरी होता है। आपको बता दें कि कोलेस्ट्रॉल, लिवर और शरीर की कोशिकाओं में बनता है। कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए बेहद जरूरी होता है। स्वस्थ रहने के लिए शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर सामान्य होना जरूरी होता है। कोलेस्ट्रॉल का अधिक स्तर, हृदय रोगों के जोखिम को बढ़ा सकता है। कोलेस्ट्रॉल का अधिक स्तर, हार्ट अटैक (Heart Attack) के खतरे को भी बढ़ाता है। जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, तो कई लक्षणों का अनुभव (Cholesterol ke Lakshan) होता है। बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, कई गंभीर बीमारियों का कारण भी बनता है। इसलिए कोलेस्ट्रॉल का समय पर इलाज करना जरूरी होता है। आपको कोलेस्ट्रॉल के शुरुआती संकेतों पर ध्यान देना बहुत जरूरी होता है। आइए, जानते हैं कि कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं?
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर सांस लेने में मुश्किल होने लगती है। अगर कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है, तो थोड़ा-सा शारीरिक परिश्रम करने के बाद ही सांस फूल सकती है। इसकी वजह से सीने में जकड़न भी महसूस हो सकती है। सांस लेने में दिक्कत हो, तो इस संकेत को बिल्कुल नजरअंदाज न करें। यह बढ़े हुए बैड कोलेस्ट्रॉल का शुरुआती संकेत हो सकता है।
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर पैरों के तलवे भी ठंडे पड़ सकते हैं। अगर आपके तलवे अक्सर ही ठंडे रहते हैं, तो एक बार कोलेस्ट्रॉल की जांच जरूर करवाएं। दरअसल, कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर आर्टरीज संकरी हो जाती हैं। इसकी वजह से ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है, जिससे पैरों तक ऑक्सीजन सप्लाई कम हो जाती है। इससे तलवे ठंडे पड़ जाते हैं। इसकी वजह से पैरों में दर्द और ऐंठन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
अगर आपको हर वक्त थकान और कमजोरी महसूस हो, तो इस संकेत को बिल्कुल नजरअंदाज न करें। थकान और कमजोरी, हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल का संकेत (High Cholesterol ka Sanket) हो सकता है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की वजह से हृदय की मांसपेशियों में रक्त का प्रवाह कमहोने लगता है। इसकी वजह से शारीरिक गतिविधियों के बाद थकान होने लगती है।
हर वक्त सिरदर्द रहना भी बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल का शुरुआती संकेत हो सकता है। अगर आपको अक्सर ही सिरदर्द बना रहता है, तो इस स्थिति में कोलेस्ट्रॉल की जांच जरूर करवाएं। दरअसल, कोलेस्ट्रॉल की वजह से धमनियां और रक्त वाहिकाएं बंद हो जाती हैं। इससे सिर और गर्दन में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है। इसकी वजह से हाई कोलेस्ट्रॉल के लेवल पर सिरदर्द की समस्या हो सकती है।
अगर आपको लंबे समय से कब्ज, अपच और गैस जैसी समस्याएं परेशान कर रही हैं, तो इन समस्याओं को नजरअंदाज न करें। पाचन से जुड़ी समस्याएं, हाई कोलेस्ट्रॉल का शुरुआती लक्षण (High Cholesterol ke Early Lakshan) हो सकता है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से आंतों में रक्त का प्रवाह बाधित हो सकता है। इसकी वजह से मल त्याग में मुश्किल हो सकती है। इससे कब्ज की समस्या हो सकती है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।