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What Happens to Your Body When Cholesterol is High: कोलेस्ट्रॉल एक मोम जैसा पदार्थ है, जो शरीर की कोशिकाओं में पाया जाता है। कोलेस्ट्रॉल को लिपिड भी कहा जाता है। आपको बता दें कि लिवर के द्वारा कोलेस्ट्रॉल बनाया जाता है। इसके अलावा, कुछ खाद्य पदार्थों में भी कोलेस्ट्रॉल पाया जाता है। शरीर के लिए कोलेस्ट्रॉल बेहद जरूरी होता है। लेकिन, कोलेस्ट्रॉल की अधिक मात्रा कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। स्वस्थ रहने के लिए शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर सामान्य होना जरूरी होता है। कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने पर शरीर में कई तरह की परेशानियां होने लगती हैं। आइए, काश्वी अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के एमडी डॉ. आशीष श्रीवास्तव से जानते हैं कि शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से क्या-क्या दिक्कतें होती हैं (Cholesterol Badne se Kya Kya Dikkat Hoti Hai)?
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कारण हार्ट ब्लॉकेज की दिक्कत हो सकती है। जिन लोगों में कोलेस्ट्रॉल का स्तर अधिक रहता है, उन्हें हार्ट ब्लॉकेज की समस्या से गुजरना पड़ सकता है। दरअसल, हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह से धमनियों में प्लाक बन जाता है। इसकी वजह से धमनियां सिकुड़ जाती हैं। इससे ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है। इसकी वजह से हृदय तक ऑक्सीजन और रक्त का प्रवाह सही तरीके से नहीं हो पाता है। इस स्थिति में हार्ट अटैक का जोखिम भी बढ़ जाता है।
शरीर में कोलेस्ट्रॉल का हाई लेवल, सीने में दर्द (एनजाइना) का कारण भी बन सकता है। यानी कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर सीने में दर्द की दिक्कत हो सकती है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से सीने में दर्द इसलिए होता है, क्योंकि हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह से धमनियां सिकुड़ जाती हैं और दिल तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता है। इसकी वजह से बेचैनी और सीने में दर्दका अनुभव हो सकता है।
कोलेस्ट्रॉल का अधिक स्तर, किडनी से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से किडनी की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल, किडनी के कार्यों को प्रभावित कर सकता है। इससे किडनी से जुड़ी बीमारियों का जोखिम भी बढ़ जाता है। दरअसल, कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से नसों में प्लाक बनने लगता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है और किडनी की रक्त वाहिकाएं डैमेज होने लगती हैं। इस तरह से हाई कोलेस्ट्रॉल किडनी से जुड़ी समस्याओं का कारण बनता है।
कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने से हार्ट बीट अनियमित हो सकती है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से धमनियां संकरी हो जाती हैं। इससे हृदय तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं पहुंच पाते हैं। इसकी वजह से हृदय पर ज्यादा दबाव पड़ता है। इससे हृदय गति बाधित हो सकती है। हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल की वजह से हार्ट बीट अनियमित हो सकती है।
यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें धमनियों में प्लाक जमा हो जाता है। जब हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह से धमनियां सख्त हो जाती हैं और ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है, तो एथेरोस्क्लेरोसिस की समस्या हो सकती है। एथेरोस्क्लेरोसिस के कारण हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।