बुखार के साथ बच्चे को हो रहे हैं दस्त? ये 6 घेरलू उपाय अपनाने से तुरंत रुकेंगे लूजमोशन

मौसम में बदलाव होने पर बच्चों को डायरिया बहुत जल्दी अपना शिकार बनाता है। दस्‍त के साथ उल्‍टी पेट में संक्रमण का संकेत हो सकते हैं, इसलिए सावधान रहें। जब भी बच्चे का मल पतला निकले या उसे उल्टी हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

WrittenBy

Written By: Rashmi Upadhyay | Published : October 19, 2020 4:34 PM IST

​बड़ों के समान ही शिशु भी कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का शिकार होते हैं। खासकर जब मौसम में बदलाव आता है तो दस्त, डायरिया, पेट का संक्रमण, गले में दर्द और जुकाम-बुखार जैसी समस्याएं होना आम हो जाता है। मौसम में बदलाव होने पर बच्चों को डायरिया बहुत जल्दी अपना शिकार बनाता है। दस्‍त के साथ उल्‍टी पेट में संक्रमण का संकेत हो सकते हैं, इसलिए सावधान रहें। जब भी बच्चे का मल पतला निकले या उसे उल्टी हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा आप चाहें तो इस स्थिति से निपटने के लिए घरेलू नुस्खे भी अपना सकते हैं। आज हम आपको बच्चों को दस्त होने पर दिखने वाले लक्षण और घरेलू उपचार बता रहे हैं।

बच्चों में दस्त के लक्षण

Lose motions

अपनाएं ये घरेलू उपाय

1. राइस कंजी दस्‍त के लिए एक बेहतरीन घरेलू और कारगर उपाय है। एक मुट्ठी राइस पाउडर पानी में मिलाकर कम से कम 10 मिनट पकाएं। इसमें हल्‍का नमक और बाद में कम से कम एक लीटर पानी मिलाकर पतला कर लें। इस पतले तरल पदार्थ को बच्‍चे को पिलाएं।

2. यह सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात है की आप पीने वाले पानी को किस तरीके से शुद्ध करते हैं। पीने वाला पानी अच्छे से उबला हुआ हो और फ़िल्टर करके साफ़ सुथरी जगह पर स्टोर किया गया हो। आप भी पानी में क्लोरीन टेबलेट डालकर उसे पीने योग्य बना सकते हैं।

3. बिना डॉक्टर की सलाह के बच्‍चे को कोई भी एंटीबायोटिक दवा देने से बचें। डॉक्‍टर द्वारा दी गई दवाओं के बारे में सही से जानकारी लेनी चाहिए। अगर बच्‍चे को उल्‍टी की दवा दे रहे हैं तो ध्‍यान रहे कि इसके तुरंत बाद उसे फीडिंग ना कराएं। दवा देने के बाद कम से कम एक घंटे बाद फीडिंग कराएं।

4. अगर बच्चा बहुत छोटा है तो उसे माँ के दूध से ही, तरल और पोषक तत्वों की कमी पूरी हो जाती है। थोड़े से बड़े बच्चों को बिना मसाले वाला और आसानी से पचने वाला खाना खिलाएं जैसे की इडली, मूंग दाल खिचड़ी या चावल की खीर सबसे अच्छा माना जाता है.

5. अगर बच्चा फीडिंग नहीं कर रहा है तो जबरदस्ती न करें। उसे जब भूख लगे, तब ही फीडिंग कराएं।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source