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बचपन में ज्‍यादा वजन का होना हो सकता है खतरनाक : शोध

बचपन का बढ़ा हुआ वजन आने वालेे जीवन में भी स्‍वास्‍थ्‍य का प्रभावित करता है। इसलिए जरूरी है कि बच्‍चों के रूटीन में शारीरिक श्रम, व्‍यायाम और वर्कआउट को शामिल किया जाए। 

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Written By: Yogita Yadav | Updated : August 10, 2019 11:54 AM IST

बचपन का बढ़ा हुआ वजन (childhood obesity) आने वालेे जीवन में भी स्‍वास्‍थ्‍य का प्रभावित करता है। इसलिए जरूरी है कि बच्‍चों के रूटीन में शारीरिक श्रम, व्‍यायाम और वर्कआउट को शामिल किया जाए। यदि आपका बेटा या बेटी बचपन में मोटापे से ग्रस्त (childhood obesity) हैं तो अभी संभल जाइए। वरना बाद में उन्‍हें घुटने और हिप ऑस्टियोआर्थराइटिस का खतरा हो सकता है। नए शोध में यह तथ्‍य सामने आया है। ऑस्टियोआर्थराइटिस आर्थराइटिस का ही एक प्रकार है, जो हडि़डयों पर मौजूद टिश्‍यू का लचीलापन कम होते जाने के कारण बढ़ता है।

क्‍या कहते हैं आंकड़े  (childhood obesity)

नतीजे बताते हैं कि बचपन के बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) में ध्‍यान देने लायक बढ़ोतरी (childhood obesity) हो रही है, जिससे ऑस्टियोआर्थराइटिस में 1.7 फीसदी तक की बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसका असर घुटने के ऑस्टियोआर्थराइटिस में 0.6 फीसदी और हिप में 0.6 फीसदी की वृद्धि हुई है। इसके विपरीत, बड़ी उम्र के लोगों में बीएमआई में 2.7 प्रतिशत प्रति की बढ़ोतरी का असर घुटनों के आर्थराइटिस में 1.3 प्रतिशत और हिप में 0.4 प्रतिशत के रूप में देखने में आता है।

बचपन का हाई बीएमआई ज्‍यादा घातक (childhood obesity)

ब्रिटेन के ऑक्‍सफोर्ड विश्वविद्यालय में हुए शोध में यह चौंकाने वाले तथ्‍य सामने आए हैं। अध्‍ययन का नेतृत्‍व करने वाले प्रोफेसर प्रीतो-अलहमब्रा ने कहा "हमारे नतीजे बताते हैं कि वयस्क बीएमआई (childhood obesity) का प्रभाव घुटनों पर अधिक होता है, जबकि बचपन में बीएमआई ज्‍यादा होने से घुटने और हिप दोनों प्रभावित होते हैं। जिससे ऑस्टियोआर्थराइटिस को जोखिम बढ़ जाता है। यह शोध जर्नल एनाल्स ऑफ रूमेटिक डिजीज में प्रकाशित हुआ, जिसमें जीनोम वाइड एसोसिएशन स्टडीज (जीडब्ल्यूएएस) के आंकड़े भी शामिल किए गए। इन दोनों के आंकड़ों में क्रमश: 15 और 9 7 विशिष्ट जीन परिवर्तनों की पहचान की गई। चाइल्‍डहुड बीएमआई और एडल्‍ट बीएमआई के अध्‍यनन को एसएनपी (सिंगल न्यूक्लियोटाइड पॉलिमॉर्फिज्म) कहा जाता है।

कैसे किया गया शोध 

टीम ने 3,37,000 व्यक्तियों के एक अलग जीडब्ल्यूएएस का इस्तेमाल किया। चाइल्‍डहुड ऑबेसिटी में 13/15 एसएनपी और एडल्‍टहुड ऑबेसिटी में 68/97 एसएनपी की पहचान हुई। इसके बाद उन्‍होंने अपने अध्‍ययन और विभिन्‍न अस्‍पतालों में आने वाले घुटने, हाथ और हिप ऑस्टियोआर्थराइटिस के मरीजों के आंकड़ों का तुल्‍नात्‍मक अध्‍ययन किया। अध्ययन, एम्स्टर्डम में रूमेटोलॉजी (युलर 2018) की वार्षिक यूरोपीय कांग्रेस में भी प्रस्तुत किया गया। हाथ में ऑस्टियोआर्थराइटिस के विकास में  बचपन और वयस्क मोटापे के बीच कोई संबंध नहीं था।

हो सकता है विकलांगता का जोखिम 

स्विट्जरलैंड के एक गैरसरकारी संगठन यूरोपियन लीग अगेन्स्ट रूमेटिज़्म (ईयूएलएआर) के अध्यक्ष जोहान्स डब्ल्यू बिज्ल्स्मा ने भी कहा, "बचपन और वयस्‍क दोनों में मोटापा एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है। मोटापे के कारण होने वाली इस समस्‍या और विकलांगता को रोकने के लिए इस अध्‍ययन पर गौर किया जाना चाहिए।"

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