
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : November 9, 2020 10:53 PM IST
Child Vaccination during Covid-19: कोरोना वायरस महामारी की वजह से दुनिया भर में बच्चों के टीकाकरण कार्यक्रम प्रभावित हुए। इन कार्यक्रमों को बंद करने की वजह से करोड़ों बच्चों को सही समय पर कई महत्वपूर्ण टीके नहीं मिल सके। इसी के चलते अब दुनियाभर में बच्चों के लिए कई बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। यूनिसेफ (UNICEF) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने इस स्थिति को आपातकाल बताते हुए सभी देशों को आदेश दिया है कि वे खसरा (major measles) और पोलियो जैसी बीमारियों को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाएं। (Child Vaccination during Covid-19)
यूनाइटेड नेशन्स की इकाइयां यूनिसेफ और WHO का अनुमान है कि पोलियो निर्मूलन के लिए तकरीबन $655 million से $400 मिलियन अमेरिकी डॉलर की ज़रूरत पड़ेगी। जबकि, खसरे की बीमारी के लिए लगभग $255 मिलियन अमेरिकी डॉलर की ज़रूरत पड़ेगी। इसके लिए एक विशेष फंड कलेक्शन की घोषणा भी की गयी है।
इस बारे में विश्व स्वास्थ संगठन प्रमुख टेड्रोस (Dr. Tedros Adhanom Ghebreyesus) ने कहा है कि कोराना वायरस महामारी का दुनियाभर में स्वास्थ्य सेवाओं और इम्यूनाइजेशन कार्यक्रमों पर बहुत बुरा असर पड़ा है। लेकिन, साथ ही टेड्रोस ने यह भी कहा कि, अच्छी बात यह है कि कोरोना वायरस इंफेक्शन से उलट हमें खसरा और पोलियो को रोकने के उपाय पता हैं और इन बीमारियों के बारे में पर्याप्त जानकारी भी उपलब्ध है। हमें अपने संसाधनों की आवश्यकता है जो, अपनी ज़िम्मेदारियों को समझते हुए इन उपायों को आगे बढ़ाने में मदद करें। अगर हम ऐसा कर पाते हैं तो बच्चों का जीवन बचाया जा सकता है।
गौरतलब है कि, पिछले एक दशक में खसरा के मामलों में बढ़ोतरी देखी गयी। कोरोना वायरस महामारी की वजह से खसरा टीकाकरण कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया। जिससे, स्थिति और चिंताजनक बन गयी। वहीं, एक्सपर्ट्स का दावा है कि पोलियो का खतरा अफ्रीका के कई देशों के साथ-साथ एशिया के पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे देशों में बढ़ सकता है। यूनिसेफ के अनुसार पोलियो रोकने में असफल होने से आनेवाले 10 वर्षों तक हर साल 2 लाख तक नये पोलियो के मामले सामने आ सकते हैं। यह आंकड़ां डरावना है और इससे दुनियाभर के कई लाख बच्चों का जीवन प्रभावित होगा।
कोराना वायरस महामारी का दुनियाभर में स्वास्थ्य सेवाओं और इम्यूनाइजेशन कार्यक्रमों पर बहुत बुरा असर पड़ा है।
हालांकि, राहत की बात यह है कि इन संस्थाओं ने नयी तकनीकों और उपायों की खोज की है, जिनकी मदद से बच्चों को कोविड-19 महामारी के दौरान आसानी से टीके दिए जा सकें। आधुनिक नोवल ओरल पोलियो वैक्सीन (novel oral polio vaccine) और मीज़ल आउटब्रेक स्ट्रेटज़ीस रिस्पॉन्स प्लान (Measles Outbreak Strategic Response Plan) ऐसी ही योजनाएं हैं। इनकी मदद से आने वाले कुछ महीनों में बच्चों को जीवन रक्षक टीके दिए जा सकेंगे।