
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Written By: Anju Rawat | Updated : April 21, 2026 10:41 AM IST
Medically Verified By: Dr. Pradeep Kumar Singh Singh
thumb replantation surgery
क्या हो अगर एकदम से हाथ का अंगूठा कटकर अलग हो जाए? यह सुनने में ही कितना दर्दनाक और भयावह लग रहा है? लेकिन, ऐसा ही कुछ दिन पहले 13 वर्षीय बच्चे के साथ हुआ। उसका हाथ का अंगूठा चारा काटने की मशीन से एकदम से अलग हो गया, लेकिन अच्छी बात यह है कि अब उसका अंगूठा पूरी तरह से जुड़ चुका है और धीरे-धीरे अंगूठा सामान्य तरीके से फंक्शनिंग करने लगेगा।
आपका बता दें कि चारा काटने की मशीन में गलती से एक 13 वर्षीय बच्चे का हाथ आ गया था। इसकी वजह से उसके दाएं हाथ का अंगूठा पूरी तरह से कट गया था। इसके तुरंत बाद बच्चे को गुरुग्राम के ऑर्टेमिस हॉस्पिटल लाया गया। डॉक्टर से इस स्थिति को बेहद गंभीर बताया और तुरंत माइक्रोसर्जरी करवाने की सलाह दी। इसकी मदद से अंगूठे को फिर से जोड़ने में सफलता हासिल हुई। डॉक्टरों का कहना है कि अगर बच्चे को अस्पताल लाने में या सर्जरी में थोड़ी-सी देरी होती तो अंगूठे को जोड़ना काफी मुश्किल हो जाता है। इस स्थिति में बच्चे को उम्रभर बिना अंगूठे के ही रहना पड़ता।
आर्टेमिस हॉस्पिटल्स के कॉस्मेटिक एंड प्लास्टिक सर्जरी हेड डॉ. प्रदीप कुमार सिंह बताते हैं, "इस तरह के मामलों में तुरंत सर्जरी या इलाज करना जरूरी होता है। जरा-सी देरी से रीप्लांट की संभावना खत्म हो सकती है। इमरजेंसी रीप्लांटेशन से बच्चे के अंगूठे को जोड़ने में मदद मिली। इस बच्चे के मामले में तेज ट्रांसपोर्टेशन और इमरजेंसी सर्जरी से अंगूठे को बचाने में बहुत मदद मिली। इस तरह का रीप्लांटेशन बहुत चुनौतीपूर्ण होता है। इसमें हड्डियों, वेसल्स, नर्व और टेंडन को बिल्कुल सही तरीके से रिपेयर करना होता है। हमें उम्मीद है कि बच्चा जल्दी ही आसानी से अपने अंगूठे का प्रयोग करने में सक्षम हो सकेगा।"
हाथ में अंगूठे का काफी महत्व होता है। हाथों का लगभग 40 प्रतिशत काम अंगूठे की मदद से ही होता है। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए डॉक्टरों की टीम ने इमरजेंसी रीप्लांटेशन का फैसला लिया। इस मामले में एक जटिल माइक्रोसर्जरी की गई। इसमें हड्डी को जोड़ना, आर्टरी, नर्व रिपेयर और टेंडन का रीकंस्ट्रक्शन करना शामिल था।
इस सर्जरी का सहारा इसलिए लिया गया, ताकि अंगूठे का स्ट्रक्चर सही रहे। साथ ही, अंगूठे की फंक्शनिंग भी सही तरीके से हो सके। सर्जरी और पोस्ट-ऑपरेटिव केयर के बाद बच्चा तेजी से रिकवरी कर रहा है और उसका अंगूठा अच्छी तरह से जुड़ गया था।
डॉ. पकंज कुमार बताते हैं, "यह बहुत ही बारीक काम होता है, जिसमें डॉक्टर Microsurgery का इस्तेमाल करते हैं। इसमें सबसे पहले हड्डी को पिन से जोड़ा जाता है। फिर नसों को सिला और खून की नलियों को जोड़ा जाता है। आखिर में मांसपेशियों और त्वचा को जोड़ा जाता है। इस सर्जरी की मदद से अंगूठे की पकड़ और काम करने की क्षमता काफी हद तक धीरे-धीरे वापस आ जाती है।"
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।