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Chikungunya Virus New Varient: मौसम में परिवर्तन के साथ ही मच्छरों का प्रकोप शुरू हो गया है। मच्छरों के काटने से डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। यह बीमारी सीधे हड्डियों पर अटैक करती है। जिससे चलने-फिरने में समस्या हो सकती है। जुलाई के बाद यह बीमारी फैलना शुरू हो जाता है। इस बीमारी से बड़े बच्चे और बुजुर्ग सभी प्रभावित हो सकते हैं। लेकिन बच्चों और बुजुर्गों को खास सावधानी रखने के लिए कहा गया है। इसके लिए जरूरी है कि रात में सोने से पहले मच्छरदानी जरूर लगाएं। आसपास पानी इकट्ठा न होने दें। ठहरे हुए पानी में नियमित रूप से एंटी लार्वा का छिड़काव करवाएं। चिकनगुनिया को लेकर हमने डॉक्टर राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के डॉक्टर एपी जैन और Dr. Nikhil Gupta एसोसिएट प्रोफेसर (मेडिसीन) से बात की। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कुछ कहा-
डॉ. निखिल ने बताया कि, चिकनगुनिया वायरस मच्छरों द्वारा फैलता है। सबसे आम तौर पर एडीज (स्टेगोमिया) एजिप्टी और एडीज (स्टेगोमिया) एल्बोपिक्टस , डेंगू मच्छर की वजह से ये बीमारी फैल सकते हैं। ये मच्छर मुख्य रूप से दिन के उजाले में काटते हैं। ये मच्छर ठहरे हुए पानी में अंडे देते हैं। जब कोई सामान्य मच्छर किसी ऐसे व्यक्ति को काटता है जिसके ब्लड में पहले से ही CHIKV है, तो यह वायरस मच्छर में भी आ जता है। ये मच्छर जब किसी नए व्यक्ति को काटता है, तो वह व्यक्ति भी चिकनगुनिया से संक्रमित हो सकता है।
हालाँकि, CHIKV संक्रमण के साथ कभी-कभी आँख, हृदय और तंत्रिका संबंधी समस्याएं भी हो सकती है। अधिक आयु के रोगियों को गंभीर बीमारी का अधिक जोखिम होता है। प्रसव के दौरान संक्रमित नवजात शिशु और अन्य बीमारियों को ग्रसित वृद्ध गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं और CHIKV संक्रमण से मृत्यु का जोखिम बढ़ सकता है। लकिन उन्होंने बताया कि कोई भी जो एक बार इस बीमारी से ठीक हो जाता है, उसकी प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत हो जाती है। भविष्य में संक्रमण का खतरा कम हो जाता है।
चिकनगुनिया वायरस का पता बीमारी के पहले सप्ताह में ब्लड में एजीएम चिकनगुनिया एंटी बॉडी का टेस्ट किया जाता है। यह टेस्ट पांच दिन के बाद ही किया जाता है। इससे पहले दो या तीन दिन में इसका टेस्ट कराने पर चिकनगुनिया का पता लगाना मुस्किल हो जाता है।
एपी जैन विभागाध्यक्ष (हृदय रोग एवं सल्य चिक्त्सा विभाग) ने बताया कि, चिकनगुनिया जोड़ों में हो रहे तेज दर्द के लिए एंटी-पायरेटिक्स से ठीक किया जा सकता है। इसके साथ ही डॉक्टर अधिक पानी या जूस पीने और आराम करने की सलाह देते हैं। CHIKV संक्रमण के लिए कोई विशेष एंटीवायरल दवा नहीं है।
जब तक डेंगू संक्रमण की संभावना पूरी तरह समाप्त न हो जाए, तब तक दर्द से राहत और बुखार कम करने के लिए पैरासिटामोल या एसिटामिनोफेन का इस्तेमाल कर सकते हैं। क्योंकि नॉन-स्टेरायडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs) से रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है।