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Aloe vera lagane ke nuksan: एलोवेरा एक प्राकृतिक औषधीय पौधा है, जो खूब सारे पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें विटामिन ए, सी, ई, और बी 12 के साथ-साथ फोलिक एसिड, कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। एलोवेरा की जेल त्वचा को पोषण देने, घाव भरने और जलन को शांत करने में बेहद असरदार होती है। इसके अलावा यह पाचन सुधारने, इम्यून सिस्टम को मजबूत करने और डिटॉक्सिफिकेशन में भी मदद करता है। एलोवेरा के नियमित इस्तेमाल से बालों और त्वचा दोनों को प्राकृतिक चमक मिलती है। यह एक बहुपयोगी और पूरी तरह प्राकृतिक हर्ब है। बेशक, एलोवेरा को आमतौर पर त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है, लेकिन अगर इसे जरूरत से ज्यादा या गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो यह कुछ लोगों की त्वचा को नुकसान भी पहुंचा सकता है। खासतौर पर संवेदनशील या एलर्जिक स्किन वालों को एलोवेरा लगाते समय सावधानी बरतनी चाहिए। यहां हम बता रहे हैं कि चेहरे पर ज़्यादा एलोवेरा लगाने से कौन-कौन से नुकसान हो सकते हैं और किन लोगों को विशेष ध्यान रखना चाहिए।
एलोवेरा में एस्ट्रिजेंट गुण होते हैं, जो त्वचा का तेल सोख लेते हैं। इसलिए ज़्यादा मात्रा में लगाने से स्किन की प्राकृतिक नमी खत्म हो सकती है, जिससे ड्राइनेस, खिंचाव और खुजली होने लगती है। (Also read: चेहरे की चमक बढ़ाने के लिए एलोवेरा)
कई लोगों में यह एलर्जी का कारण भी बनता है। दरअसल कुछ लोगों को एलोवेरा से एलर्जी हो सकती है। इससे चेहरे पर रैश, जलन, लालिमा या सूजन हो सकती है। अगर पहली बार इस्तेमाल कर रहे हैं, तो पैच टेस्ट जरूर करें।
फोटो सेंसिटिविटी यानी सूरज की रोशनी से परेशानी। असल में एलोवेरा को ज़्यादा देर तक लगाने से कुछ लोगों की त्वचा सूरज की रोशनी के प्रति संवेदनशील हो सकती है, जिससे सनबर्न या टैनिंग का खतरा बढ़ जाता है।
एलोवेरा जेल स्किन पर लंबे समय तक रहने से पोर्स ब्लॉक हो सकते हैं, जिससे पिंपल्स, व्हाइटहेड्स और ब्लैकहेड्स बनने लगते हैं, खासकर अगर स्किन पहले से ऑयली हो। इसलिए सबसे पहले अपनी स्किन के प्रकार को जान लें। (Also Read: पिंपल्स का इलाज करने के लिए घरेलू नुस्खे)
लगातार अधिक मात्रा में एलोवेरा लगाने से त्वचा की प्राकृतिक ऑयल बैलेंस गड़बड़ा सकता है। इससे स्किन की खुद को रिपेयर करने की क्षमता कम हो सकती है।
हालांकि, एलोवेरा का इस्तेमाल सीमित मात्रा में करें, और पहले पैच टेस्ट जरूर करें। रातभर लगाने की बजाय 15–20 मिनट बाद धोना बेहतर रहता है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।