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Written By: Atul Modi | Published : February 27, 2023 2:37 PM IST
लोग अक्सर अपने मुंह के जबड़े या फिर एक साइड में होने वाले दर्द को तब तक इग्नोर करते रहते हैं जब तक यह गंभीर नहीं हो जाता है। अगर आपको भी कभी-कभी ऐसा महसूस होता है कि आपके चेहरे के एक तरफ जैसे इलेक्ट्रिक शॉक लगा है और बहुत ज्यादा दर्द (Chehre Ki Naso Me Dard) होता है तो यह ट्राइजेमिनल न्यूरालजिया (Trigeminal Neuralgia) के लक्षण हो सकते हैं। अगर इसे इग्नोर किया जाए तो यह और गंभीर हो सकता है। यह दिमाग से जुड़ी गंभीर बीमारी भी हो सकती है। पीएसआरआई मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट, न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर कदम नागपाल कहते हैं कि, कुछ लोग ट्राइजेमिनल न्यूरालजिया को दांतों से जुड़ी समस्या समझकर डेंटिस्ट से इलाज कराने चले जाते हैं, जिसके कारण कई बार पेशेंट को ही नुकसान उठाना पड़ता है, ऐसे में अगर आपकी इस समस्या का समाधान नहीं हो रहा हो तो आपको न्यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लेना चाहिए। वैसे तो यह स्थिति किसी भी व्यक्ति को हो सकती है लेकिन 50 साल से ऊपर के व्यक्तियों को इसका अधिक खतरा होता है। आइए जानते हैं इस स्थिति के कारण और लक्षणों के बारे में।
ट्राइजेमिनल न्यूरालजिया हिंदी में त्रिपृष्ठी तंत्रिकाशूल (Trigeminal Neuralgia In Hindi) कहा जाता है। ट्राइजेमिनल न्यूरालजिया नसों से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है जिसे कुछ लोग नर्व डिसऑर्डर कहते हैं। इस रोग में अक्सर चेहरे के किसी खास जगह में दर्द महसूस हो सकता है। कई बार पेशेंट को यह दर्द बिजली के करंट जैसा भी महसूस होता है। कुल मिलाकर इस बीमारी में मुख्य रूप से चेहरे की नसों में दर्द (Chehre Ki Naso Me Dard) होता है। ट्राइजेमिनल न्यूरालजिया के कारण और लक्षण क्या हैं आइए विस्तार से जानते हैं।
यह स्थिति तब होती है जब एक हेल्थी आर्टरी नर्व पर प्रेशर डालती है और चूंकि यह नर्व दिमाग के अंदर प्रवेश करती है तो इस नर्व को भी नुकसान पहुंच सकता है। यह स्थिति मल्टीपल स्क्लेरोसिस के कारण भी हो सकती है, जो माइलिन शीथ को कमजोर कर देता है। अगर किसी कम उम्र के जवान व्यक्ति में यह स्थिति हो जाती है तो उसका मल्टीपल स्क्लेरोसिस का रिस्क भी बढ़ सकता है।
अगर मरीज को दवाइयों से कोई असर नहीं दिख रहा है तो उन्हें सर्जरी करवाने की सलाह डॉक्टर दे सकते हैं। हालांकि इस स्थिति की सर्जरी की तकनीकों को करने के लिए काफी ज्यादा अनुभव होने की जरूरत होती है। साइबर नाइफ ट्रीटमेंट जिसमें थोड़ा बहुत इनवेसिव किया जाता है, इस स्थिति के रोगियों के लिए काफी बेहतरीन होता है।
हालांकि हाल ही में विकसित किए गए तरीकों में न तो किसी प्रकार का इनवेजन किया जाता है और वह काफी अफोर्डेबल भी होते हैं जिसे मिडल क्लास फैमिली के लोग भी अफोर्ड कर सकते हैं।
(Inputs By: Dr. Kadam Nagpal, Sr. Consultant Neurologist at PSRI Hospital, Delhi)