ड्राई स्किन और सूखे या कटे-फटे होंठ सर्दियो के मौसम में आम समस्याएं हैं लेकिन कुछ लोगों को ये समस्याएं पूरे सालभर महसूस होती हैं। वहीं कुछ लोगों को घरेलू उपायों की मदद से इन समस्याओं से राहत पाना मुश्किल हो जाता है। दरअसल ऐसी स्थिति में हम कह सकते हैं कि ये परेशानियां गंभीर हैं और इनकी वजह केवल मौसम में बदलाव नहीं। जी हां, ये स्किन प्रॉब्लम्स कुछ गंभीर बीमारियों का लक्षण भी हो सकती हैं। ऐसी ही कुछ बीमारियों के बारे में हम लिख रहे हैं यहां-
ड्राई स्किन- त्वचा पर बार-बार मॉश्चराइज़र लगाने के बाद भी अगर आपकी त्वचा बेहतर नहीं हो रही और वही रूखी-सूखी सी महसूस हो रही तो जर्नल एनेस ब्रेसिलेरॉस दि डर्मटॉलॉजिआ में छपी एक स्टडी के आधार पर कहा जा सकता है कि, यह त्वचा कैंसर से जुड़ी परेशानी एक्टिनिक केरोटोसिस का संकेत हो सकता है।
त्वचा की रंगत बदलना या काला पड़ना- जर्नल एनल्स ऑफ इबादन पोस्टग्रैज्युएट मेडिसिन में छपी एक स्टडी के अनुसार आर्मपिट, गर्दन और कमर जैसे हिस्सों का रंग काले पड़ने की समस्या को अकन्थोसिस निगरिकन्स कहा जाता है। खून में बहुत अधिक इंसुलिन होने के कारण उसका रंग बदलता है, इसलिए इन हिस्सों का रंग गहरा होना टाइप 2 डायबिटीज़ का संकेत हो सकता है।
बदरंग नाखून- अगर आपके नाखूनों पर ब्राउन या बैंगनी रंग के धब्बे दिखायी देते हैं और आपको हाल में कोई चोट भी नहीं लगी तो किसी डर्मटालजिस्ट को दिखाएं क्योंकि जर्नल ऑफ फूट एंड एंकल रिसर्च में छपी एक स्टडी के अनुसार यह मेलेनोमा का संकेत हो सकता है। हो सकता है आपका डॉक्टर आपको बायोप्सि की सलाह दे ताकि इसके सही कारण का पता लगाया जा सके।
कटे-फटे होंठ- एनल्स ऑफ डर्मटालजी में एक स्टडी छपी जिसमें बताया गया कि आपके मुंह के आसपास गुलाबी रंग के पैचेस या होठों के कटने-फटने की समस्या अगर बार-बार हो रही है। तो यह एक्टिनिक चेलिटिस का संकेत भी हो सकता है जो सूरज की किरणों के कारण होनेवाले कैंसर से पहले की स्थिति है।
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