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Chandra Grahan 2018: नंगी आंखों से चंद्र ग्रहण देखना कितना सुरक्षित ?

मिड नॉर्थ कोस्ट एस्ट्रोनॉमी के डेविड रेनेके के अनुसार, चंद्र ग्रहण सूर्य ग्रहण से अलग है। इसे नंगी आंखों से देखना बिल्कुल सुरक्षित होता है।

आज (27 जुलाई) चंद्र ग्रहण लगने वाला है। 21वीं सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण। यह आज मध्य रात्रि में 11 बजकर 45 मिनट पर होगा और इसका समापन 28 जुलाई की सुबह 2 बजकर 45 मिनट पर होगा। इस चंद्र ग्रहण को लेकर लोगों के मन में काफी उत्सुकता है पर जब भी चंद्र या सूर्य ग्रहण पड़ता है, तो ज्यादातर लोगों के मन में इसे लेकर काफी डर बैठ जाता है। लोग इसे नंगी आंखों से भी देखने से बचते हैं। ज्यादातर लोग सोचते हैं कि नंगी आंखों से देखने पर आंखों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। आंखें खराब हो सकती हैं। आंखों की रोशनी कम हो सकती है।

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देख सकते हैं नंगी आंखों से

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खगोविज्ञान और ज्योतिष के मुताबिक, चंद्र ग्रहण एक खास घटना है। इस तरह के ग्रहण को लेकर कई मिथ्स भी प्रचलित हैं। मिड नॉर्थ कोस्ट एस्ट्रोनॉमी के डेविड रेनेके के अनुसार, यह आकाश में होने वाला एक खूबसूरत नजारा होगा। इसे किसी को भी मिस नहीं करना चाहिए। रेनेके का कहना है कि चंद्र ग्रहण सूर्य ग्रहण से अलग है। इसे नंगी आंखों से देखना बिल्कुल सुरक्षित होता है। ऐसा सूर्य ग्रहण के दौरान नहीं होता है। इसे देखने के लिए किसी भी तरह के प्रोटेक्टिव फिल्टर्स की भी जरूरत नहीं पड़ती है। इसे आप अपनी आंखों पर कुछ भी इस्तेमाल किए बिना ही बेझिझक देख सकते हैं। हां, किसी भी तरह के चमकीले प्रकाश को देखने से बचें।

सूर्य ग्रहण में होता है नुकसान

आपको बता दें कि सूर्य ग्रहण के दौरान सोलर रेडिएशन से आंखों के नाजुक टिशू डैमेज हो जाते हैं, जिस वजह से देखने में दिक्कत हो सकती है। इसे रेटिनल सनबर्न भी कहते हैं। ये परेशानी कुछ वक्त या फिर हमेशा के लिए भी हो सकती है। चंद्र ग्रहण के दौरान ऐसा नहीं होता। इस दिन चांद को खुली आंखों से देखने से कोई नुकसान नहीं होता। आप चाहें तो खुले मैदान या फिर पास के किसी पार्क में जाकर चांद को देख सकते हैं।

चित्रस्रोत: Shutterstock.

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