सर्वाइकल कैंसर से जुड़ी इन बातों का पता होना हर महिला के लिए जरूरी, शुरू में पहचान बचा सकता है आपकी जान

cervical cancer prevention : इस प्रकार के कैंसर में सर्विक्स की कोशिकाएं प्रभावित होती है, जो कैंसर का कारण बनती है। आइए जानते हैं ऐसी 5 बातें, जो हर एक महिला को पता होनी चाहिए।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : September 12, 2022 1:37 PM IST

cervical cancer prevention : भले ही आपकी सैलरी हजारों रुपये हो या फिर आपका काम-धंधा अच्छा चल रहा हो लेकिन जब बात स्वास्थ्य की आती है तो बस छोड़ दीजिए। और जब बात महिलाओं के स्वास्थ्य की होती है तो ये स्थिति और भी ज्यादा बदतर हो जाती है। लेकिन इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि बहुत सी स्वास्थ्य स्थितियां सिर्फ महिलाओं को ही प्रभावित करती है, जिसमें से एक है सर्वाइकल कैंसर। इस प्रकार के कैंसर में सर्विक्स की कोशिकाएं प्रभावित होती है, जो कैंसर का कारण बनती है। सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer)आमतौर पर अलग-अलग प्रकार के यौन संचारित संक्रमण के कारण होता है, जिन्हें ह्यूमन पैपिलोमावायरस के रूप में जाना जाता है। ये वायरस बहुत खतरनाक (cervical cancer prevention)होता है, और नजरअंदाजी आपके लिए जानलेवा साबित होती है। आइए जानते हैं ऐसी 5 बातें, जो हर एक महिला को पता होनी चाहिए।

सर्वाइकल कैंसर से जुड़ी इन बातों का रखें ख्याल (cervical cancer prevention tips in hindi)

1-सबसे आम कारण ये वायरस

ह्यूमन पैपिलोमावायरस(एचपीवी) इस प्रकार के कैंसर का सबसे आम कारण है। ये वायरस यौन गतिविधि के दौरान एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है, इसलिए जरूरी है कि आप यौन संबंध बनाते वक्त सावधानी बरतें और हर एक चीज का ख्याल रखें।

2-जरूरी नहीं वायरस से ही हो कैंसर

इस बात को जान लीजिए कि ह्यूमन पैपिलोमावायरस के सभी स्ट्रेन से कैंसर नहीं होता है। एचपीवी परिवार के ढेर सारे स्ट्रेन हैं और उन सभी से कैंसर नहीं होता है। हां, इनमें से कुछ की वजह से कैंसर जरूर हो सकता है और बाकी एक-दो इंफेक्शन ऐसे हैं, जिनकी वजह से आप कैंसर का शिकार हो सकते हैं।

3-वैक्सीन से सुरक्षा

वैक्सीन कैंसर के खतरे को रोकने में मदद कर सकती है। जब आप एचपीवी वैक्सीन लेती हैं तो ये वायरस के खिलाफ आपको सुरक्षा प्रदान करती है। अगर वायरस शरीर में प्रवेश कर जाता है तो आपका शरीर एंटी-बॉडीज का उत्पादन करने लगता है, जो वायरस से लड़ता है और कैंसर के खतरे को कम करता है।

4-इस कैंसर को रोक सकते हैं

कैंसर के इस प्रकार को रोका जा सकता है। नियमित रूप से जांच और स्क्रीनिंग इस बीमारी को रोकने में मदद कर सकती है। अगर आपमें ये बीमारी विकसित हो रही है या फिर बीमारी विकसित हो चुकी है तो उसकी जांच के लिए आप पैप टेस्टिंग भी कर सकते हैं।

5-ये चीजें बढ़ाती हैं खतरा

खाई जानी वाली निरोधक गोलियां और धूम्रपान खतरे को बढ़ाने का काम करती हैं। जब आप धूम्रपान करते हैं तो आपका इम्यून सिस्टम कमजोर होना शुरू हो जाता है और ये इम्यून सिस्टम को वायरस से लड़ने के लिए मुश्किल बना देता है। इसलिए इन आदतों को छोड़ना जरूरी है।