भारतीय महिलाओं में तेजी से बढ़ रहा है Cervical Cancer, डॉ. अरुण बता रहे हैं इसके लक्षण और अन्य जानकारियां

डॉ. अरुण कुमार गोयल के अनुसार, महिलाओं के सर्विक्स के हिस्से में जब कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं, तो कैंसर का रूप ले लेती हैं। इसे ही सर्वाइकल कैंसर कहा जाता है।

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Written By: Ashu Kumar Das | Updated : January 5, 2026 4:23 PM IST

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Medically Verified By: Dr Arun Kumar Goel

Cervical Cancer in Women symptoms : सर्वाइकल कैंसर भारतीय महिलाओं में पाया जाने वाला दूसरा सबसे बड़ा कैंसर है। WHO-IARC और ग्लोबल कैंसर डेटा के अनुसार भारत सर्वाइकल कैंसर के वैश्विक बोझ में लगभग एक-चौथाई (लगभग 20 से 25%) हिस्सा रखता है। भारत में हर साल 1 लाख से ज्यादा महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर पाया जाता है। भारत समेत दुनिया के विभिन्न देशों में बढ़ते सर्वाइकल कैंसर के मामलों को देखते हुए साल 2026 में जनवरी का महीना सर्वाइकल कैंसर अवेयरनेस मंथ के तौर पर मनाया जा रहा है।

इस खास मौके पर हम एक स्पेशल सीरीज चला रहे हैं। इस सीरीज के पहले एपिसोड में हम जानेंगे सर्वाइकल कैंसर क्या होता है, सर्वाइकल कैंसर के लक्षण क्या हैं और सर्वाइकल कैंसर का पता किन टेस्ट के जरिए किया जाता है। इस विषय पर अधिक जानकारी दे रहे हैं हरियाणा के सोनीपत स्थित एंड्रोमेडा कैंसर अस्पताल के सीनियर ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अरुण कुमार गोयल।

सर्वाइकल कैंसर क्या है?

डॉ. अरुण कुमार गोयल के अनुसार, महिलाओं के सर्विक्स के हिस्से में जब कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं, तो कैंसर का रूप ले लेती हैं। सर्विक्स में होने वाली असामान्य कोशिकाओं की बढ़ोतरी को ही सर्वाइकल कैंसर कहा जाता है। किसी भी महिला में सर्वाइकल कैंसर धीरे-धीरे विकसित होता है। शुरुआत में इसे प्री-कैंसर स्टेज (Precancerous stage) कहा जाता है। इसमें कोशिकाओं में बदलाव होते हैं लेकिन कैंसर पूरी तरह विकसित नहीं होता है।

सर्वाइकल कैंसर का कारण

डॉ. अरुण कुमार का कहना है कि किसी भी महिला को सर्वाइकल कैंसर होने का मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) है। ये वायरस मुख्य रूप से यौन संपर्क के जरिए फैलता है। जब कोई महिला पार्टनर के साथ यौन संबंध बनाती है, तो ये वायरस फैलता है। ज्यादातर मामलों में HPV वायरस खुद से ही ठीक हो जाता है। लेकिन कुछ मामलों में ये वायरस बना रहता है और सर्वाइकल कैंसर का कारण बनता है।

सर्वाइकल कैंसर कितने प्रकार का होता है?

सीनियर ऑंकोलॉजिस्ट का कहना है कि सर्वाइकल कैंसर को मुख्य रूप से 2 हिस्सों में बांटा गया है।

1. स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा: भारत में दर्ज किए जाने वाले सर्वाइकल कैंसर के 70 से 80 फीसदी में स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा ही पाया जाता है। इसमें महिलाओं की सर्विक्स की बाहरी सतह की कोशिकाओं में बढ़ोतरी नजर आती है।

2. एडिनोकार्सिनोमा : ये सर्वाइकल कैंसर मुख्य रूप से सर्विक्स के अंदर मौजूद ग्रंथियां (Glands) की कोशिकाओं में विकसित होता है। स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा के मुकाबले एडिनोकार्सिनोमा देरी से पता चलता है।

सर्वाइकल कैंसर के लक्षण

शुरुआती जांच में सर्वाइकल कैंसर के लक्षण बहुत ही हल्के होते हैं। इसलिए इसकी पहचान बहुत मुश्किल हो जाती है।

पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग

सेक्सुअल रिलेशन के बाद ब्लीडिंग

योनि से बदबूदार डिस्चार्ज होना

पीरियड्स का लंबे समय तक आना

सर्वाइकल कैंसर की जांच कैसे होती है?

पैप स्मीयर टेस्ट (Pap Smear Test)- सर्वाइकल कैंसर का पता लगाने के लिए ये सबसे आम और प्रभावी जांच है। इसमें सर्विक्स की कोशिकाओं का सैंपल लेकर जांच की जाती है।

HPV टेस्ट - इस टेस्ट के जरिए एचपीवी वायरस की मौजूदगी का पता चलता है। HPV टेस्ट को पैप स्मीयर टेस्ट के साथ ही किया जाता है।

कोलपोस्कोपी- यदि पैप टेस्ट असामान्य हो, तो यह जांच की जाती है।

सर्वाइकल कैंसर की कितनी स्टेज होते हैं?

सर्वाइकल कैंसरमुख्य रूप से 4 स्टेज में बांटा गया हैः

Stage 1 : स्टेज 1 में सर्वाइकल कैंसर सिर्फ सर्विक्स तक ही सीमित रहता है।

Stage 2 : दूसरी स्टेज में कैंसर के सेल्स गर्भाशय के बाहर तक आ जाते हैं। लेकिन पेल्विक वॉल तक नहीं पहुंचते हैं।

Stage 3 : इस स्टेज में कैंसर के सेल्स पेल्विक एरिया तक फैल चुके होते हैं।

Stage 4 : सर्वाइकल कैंसर की आखिरी स्टेज में कैंसर सर्विक्स के साथ-साथ शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंच चुका होता है।

Highlights

  • जनवरी सर्वाइकल कैंसर अवेयरनेस मंथ के तौर पर मनाया जाता है।
  • सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में पाए जाने वाला आम कैंसर है।
  • सर्वाइकल कैंसर भारतीय महिलाओं में तेजी से फैल रहा है।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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