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सेलेरी में 8 प्रकार के एंटी-कैंसर पदार्थ होते हैं, जो कई तरीकों से कैंसर को ठीक कर सकते हैं। सेलेरी जूस में मौजूद एसिटिलेनिक पदार्थ ट्यूमर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकते हैं। ©Shutterstock.
सेलेरी जूस कई पोषक तत्वों से भरा हुआ है। इसमें लगभग सभी आवश्यक विटामिन, खनिज, एंटीऑक्सीडेंट और ऊर्जा शामिल है, जो सामूहिक रूप से हमारे शरीर को प्राकृतिक रूप से चलाने में मदद करते हैं।
कैंसर से बचाव:
रोजाना सेलेरी जूस का सेवन करने से कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचाव किया जा सकता है। सेलेरी में 8 प्रकार के एंटी-कैंसर पदार्थ होते हैं, जो कई तरीकों से कैंसर को ठीक कर सकते हैं। सेलेरी जूस में मौजूद एसिटिलेनिक पदार्थ ट्यूमर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकते हैं। इसमें मौजूद फोनोलिक एसिड, प्रोस्टाग्लैंडिन (कैंसर कोशिकाओं को बढ़ाता है) को निष्क्रिय करता है और फाइटो हमारे कोशिकाओं के डीएनए को नष्ट करने वाली मुक्त कोशिकाओं को रोकता है।
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कोलेस्ट्रॉल को करता है कम:
सेलेरी का रस हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने का एक उत्कृष्ट प्राकृतिक उपाय है। इसमें 3-एन-ब्यूटिफ्थाथाइड नामक एक रासायनिक यौगिक होता है, जो रक्त प्रवाह में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने का काम करता है। यह पित्त या स्टेरॉयड एसिड के स्राव को भी बढ़ावा देता है, जो कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक होता है। सेलेरी के केवल 2 डंठल से निकाला गया रस, कोलेस्ट्रॉल के स्तर को सात पॉइंट्स तक कम कर सकता है।
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रक्त प्रवाह नियंत्रण:
रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए आप रोजाना एक गिलास सेलेरी का जूस पी सकते हैं। इसमें मौजूद 3-एन-ब्यूटिफ्थाथाइड स्ट्रेस हार्मोन के स्राव को कम करता है। इससे रक्त वाहिकाओं के आसपास मौजूद मांसपेशियों को आराम मिलता है और भीतर की दीवारों पर अधिक दबाव पैदा किए बिना रक्त संचार आसानी से होता है।
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पाचन संबंधी तकलीफों से रक्षा:
पाचन संबधी समस्याओं को ठीक करने में सेलेरी का जूस काफी ज्यादा मदद करता है। इसमें फाइबर होने के कारण यह प्राकृतिक रूप से लैक्सेटिव होता है। कब्ज जैसी समस्या से निजात दिलाने में फाइबर बेहद फायदेमंद होता है। पाचन तंत्र को सही रखने के लिए आप रोजाना सेलेरी के रस का सेवन कर सकते हैं।
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कैल्सिफिकेशन से बचाव:
ताजा सेलेरी का रस हमारे गॉल ब्लैडर, यूरिन ब्लैडर और गुर्दे के अंदर कैल्सिफिकेशन को बनने से रोकता है। सेलेरी का रस इन अंगों से अपशिष्ट और विषाक्त पदार्थों को हटाने की क्षमता रखता है। सेलेरी इन अंगों में मौजूद स्टोन को तोड़ आसानी से हटा सकता है।
एसिड बेस संतुलन:
अध्ययनों से पता चला है कि सेलेरी ऐसा खाद्य पदार्थ है, जो शरीर में एसिड को संतुलित बनाए रखने में मदद करता है। यह एसिडिटी को कम करता है और हमारे शरीर को क्षारीय बनाता है, ताकि पीएच स्तर अच्छा बना रहे।
इसमें पॉली एसिटिलीन नामक कार्बनिक यौगिक पाया जाता है, जो ऑस्टियो आर्थराइटिस, गाउट व रूमेटोइड आर्थराइटिस जैसी हड्डियों की बीमारियों में सूजन को रोकता है। ©Shutterstock.
एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण:
सेलेरी का रस हाई एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण से समृद्ध होता है। इसमें पॉली एसिटिलीन नामक कार्बनिक यौगिक पाया जाता है, जो ऑस्टियो आर्थराइटिस, गाउट व रूमेटोइड आर्थराइटिस जैसी हड्डियों की बीमारियों में सूजन को रोकता है। इसके अलावा, यह ब्रोंकाइटिस व अस्थमा जैसी श्वसन संबंधी विकारों को को भी रोकने का काम करता है।
डाइयुरेटिक्स (मूत्रवर्धक) :
एक अच्छा डाइयुरेटिक्स होने के कारण सेलेरी का रस मूत्र के उत्पादन की सुविधा प्रदान कर, हमें स्वस्थ रहने में मदद करता है। दरअसल, इसमें मौजूद दो आवश्यक खनिज, सोडियम और पोटेशियम हमारे शरीर के तरल पदार्थ को नियमित करने में मदद करते हैं, जिससे मूत्र को त्यागना आसान हो जाता है।
वजन पर नियंत्रण :
अगर आप बढ़ते वजन से परेशान हैं, तो रोजाना सेलेरी के जूस का सेवन कर सकते हैं। सेलेरी एक कारगर वेट कंट्रोलर की तरह काम करता है। इसमें कैलरी कम होती है। यह भूख को शांत कर वजन को नियंत्रित करने में मदद करता है।
अनिंद्रा से निजात :
अनिद्रा (इंसोम्निया) से परेशान लोग सेलेरी के जूस का सेवन कर सकते हैं। यह नींद संबंधी विकार है, जो शरीर पर काफी ज्यादा नकारात्मक प्रभाव डालता है। इसमें मौजूद, मैग्नीशियम हमारी नसों को आराम देने का काम करता है, जिससे अनिद्रा की शिकायत काफी कम हो जाती है।