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Written By: Pallavi Kumari | Updated : August 4, 2022 5:08 PM IST
वजाइनल डिस्चार्ज क्या (What is Vaginal Discharge) है? ये सवाल अक्सर महिलाओं के मन में होता है। वो अक्सर ये सोचती रहती हैं कि आखिर ये क्यों होता है और कोई डर की बात तो नहीं? तो, आइए आज हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं। दरअसल, वजाइनल डिस्चार्ज(reproductive system) एक स्वस्थ महिला प्रजनन प्रणाली का संकेत है। सामान्य वजाइनल डिस्चार्ज में पानी जैसा पदार्थ या कहें वजाइनल फ्लूइड , मृत कोशिकाओं और बैक्टीरिया का मिश्रण होता है। इसके अलावा महिलाएं जब फर्टाइल होती हैं तो, उस दौरान वे इसका अनुभव कर सकती हैं। ये फर्टिलिटी के लिए शरीर और प्रजनन अंगों को तैयार करने का काम करता है। लेकिन, कई बार शरीर में कुछ समस्याएं होने पर भी ये होता है। तो, आइए जानते हैं वजाइनल डिस्चार्ज का कारण (Vaginal discharge causes in hindi) पर उससे पहले जानते हैं हेल्दी वजाइनल डिस्चार्ज क्या है।
हेल्दी वजाइनल डिस्चार्जहर महिला के लिए अलग होता है। यह उनके मासिक धर्म (मेंस्ट्रूअल साइकिल) के दौरान भी बदलता रहता है। सामान्य तौर पर, हेल्दी वजाइनल डिस्चार्ज पतला और पानीदार या गाढ़ा दिखाई दे सकता है। साफ, सफेद या ऑफ-व्हाइट हेल्दी वजाइनल भी पूरी तरह से सामान्य है। कुछ महिलाओं को पीरियड्स के पहले और अंत में भूरा, लाल या काला जैसे डिस्चार्ज होता है। ये भी ज्यादा चिंता भी बात नहीं है। लेकिन अगर ये ज्यादा है तो ये चिंता की बात हो सकती है।
सरवाइकल द्रव एक जेल जैसा तरल होता है जिसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और अमीनो एसिड होते हैं। गर्भाशय के तरल पदार्थ की बनावट और मात्रा दोनों एक महिला के मेंस्ट्रूअल साइकिल के दौरान बदलती रहती हैं। उदाहरण के लिए, मेंस्ट्रुअल साइकिल के बाद एक मोटी बलगम जैसी बनावट वाली डिस्चार्ज होता है। यह बादल, सफेद या पीला हो सकता है। दरअसल, ये बताता है कि एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ गया है ओव्यूलेशन के करीब है। ये असल में एग की मूवमेंट बढ़ाने के लिए होता है, ताकि स्पर्म के लिए रास्ता आसान हो। ओव्यूलेशन तक आने वाले दिनों में सर्वाइकल फ्लूइड डिस्चार्ज बढ़ जाता है और ओव्यूलेशन के बाद कम हो जाता है।
तनाव, आहार, खराब लाइफस्टाइल और अंतर्निहित चिकित्सा स्थितियों से संबंधित हार्मोनल असंतुलन कई बार भारी वजाइनल डिस्चार्ज का कारण बन सकते हैं। ऐसे में जरूरी ये है कि आप इन कारणों से बचें और हार्मोन्स को संतुलित रखने की कोशिश करें।
पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम (PCOS) वाले लोगों में एण्ड्रोजन नामक मेल हार्मोन का स्तर अधिक होता है। बढ़ा हुआ एण्ड्रोजन स्तर अनियमित पीरियड्स का कारण बनता है और ओव्यूलेशन को रोकता है। इसलिए इस दौरान लोगों को ज्यादा वजाइनल डिस्चार्ज हो सकता है। इसलिए अगर ज्यादा डिस्चार्ज हो और अन्य लक्षण, जैसे स्पॉटिंग और ऐंठन महसूस हो तो एक बार डॉक्टर को जरूर दिखा लें।
फंगल इंफेक्शन के कारण वजाइनल डिस्चार्ज बढ़ जाता है और यह बहुत गाढ़ा होता है। दरअसल, ये कैंडिडा फंगल के बढ़ने से होता है। ये किसी भी उम्र की महिलाओं को हो सकता है। इसे पचानने का एक तरीका ये है कि अगर वजाइनल डिस्चार्ज के साथ वजाइना में तेज खुजली हो तो ये फंगल इंफेक्शन का कारण बन सकता है। ऐसे में आपको डॉक्टर से मिल कर दवा लेनी चाहिए।
वैजिनाइटिस वजाइना का सूजन है, जो संक्रमण या जलन से हो सकता है, जैसे कि खराब फिटिंग वाले कपड़ों के कारण, पीच बिगड़ने से और खराब वजाइनल हाइजीन से। ऐसे में गाढ़ा वजाइनल डिस्चार्ज हो सकता है जो सफेद, ग्रे, पीला या हरा हो सकता है। इसके अलावा वजाइना से दुर्गंध आ सकती है और जननांग क्षेत्र में खुजली या जलन महसूस हो सकती है। साथ ही कई महिलाओं को पेशाब करते समय दर्द या बेचैनी हो सकती है। ऐसे में अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
बैक्टीरियल वेजिनोसिस एक ऐसी स्थिति है जो योनि में बैक्टीरिया के ज्यादा बढ़ने से होता है। यह योनि संक्रमण 15-44 वर्ष की आयु की महिलाओं में सबसे आम है। ये यूटीआई के कारण भी हो सकता है जिन लोगों को बैक्टीरियल वेजिनोसिस होता है, उन्हें दूधिया या भूरे रंग का वजाइनल डिस्चार्ज दिखाई दे सकता है।
अगर आपको ज्यादा वजाइनल डिस्चार्ज हो रहा है तो आपको अपने डॉक्टर को दिखाने की जरूरत है। इसके अलावा अगर पीला, हरा, ग्रे या दुर्गंधयुक्त डिस्चार्ज है तो भी डॉक्टर को जरूर दिखा लें। इसके साथ अगर आपको जननांगों के पास खुजली या जलन और पेशाब करते समय बेचैनी या दर्द है तो भी आपको अपने डॉक्टर को बताना चाहिए, ताकि समस्या का पता चल सके और आपका इलाज हो सके।