
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : May 15, 2026 6:46 PM IST
Medically Verified By: Dr. Vijaykumar C Bada
Small intestine inflammation
Small intestine inflammation : छोटी आंत हमारे पाचन तंत्र का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है यह खाने को पचाने के बाद शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों, विटामिन और मिनरल्स को अवशोषित करने का काम करने में सहायक होती है। ऐसे में छोटी आंत का स्वस्थ होना बहुत ही जरूरी होता है। लेकिन जब छोटी आंत में सूजन आ जाती है, तो शरीर का पूरा डाइजेस्टिव सिस्टम प्रभावित होने लगता है। इस समस्या को मेडिकल भाषा में एंटराइटिस कहा जाता है।
हैदराबाद स्थित यशोदा हॉस्पिटल्स में GI ऑन्कोलॉजी, सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, HPB साइंसेज, मिनिमल एक्सेस सर्जरी और रोबोटिक साइंसेज के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. विजयकुमार सी. बाडा का कहना है कि छोटी आंत में सूजन कई कारणों से हो सकती है। कुछ मामलों में यह इन्फेक्शन की वजह से होती है, जबकि कई बार गलत खानपान, ऑटोइम्यून बीमारियां या लंबे समय तक दवाओं का इस्तेमाल भी इसके पीछे जिम्मेदार हो सकते हैं। इस लेख में हम डॉक्टर से विस्तार से समझेंगे कि छोटी आंत में सूजन क्यों आती है और इसके पीछे क्या है कारण?
डॉक्टर कहते हैं कि छोटी आंत में सूजन की सबसे आम वजह बैक्टीरियल या वायरल इन्फेक्शन होता है। मुख्य रूप से दूषित पानी, बासी खाना या खराब हाइजीन के कारण शरीर में ऐसे बैक्टीरिया पहुंच जाते हैं, जो आंतों में इंफेक्शन पैदा कर सकते हैं।
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इसके अलावा फूड पॉइजनिंग, काफी ज्यादा मसालेदार खाना, शराब का ज्यादा सेवन और बार-बार बाहर का खाना खाने से भी आंतों पर असर पड़ सकता है। कई बार लंबे समय तक पेनकिलर्स या एंटी-बायोटिक्स लेने से भी छोटी आंत की परत कमजोर हो जाती है, जिससे सूजन बढ़ने लगती है। कुछ लोगों में क्रोहन डिजीज जैसी ऑटोइम्यून बीमारी भी छोटी आंत में गंभीर इंफ्लेमेशन पैदा कर सकती है। इस स्थिति में शरीर की इम्यून सिस्टम गलती से अपनी ही आंतों पर हमला करने लगती है।
छोटी आंत में सूजन होने पर कई तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जिसे लोग सामान्य समझकर इग्नोर कर देते हैं। इसके कुछ लक्षण निम्न हैं, जैसे-
अगर लंबे समय तक सूजन बनी रहे, तो शरीर में पोषण की कमी भी हो सकती है क्योंकि छोटी आंत सही तरीके से न्यूट्रिएंट्स अवशोषित नहीं कर पाती।
डॉक्टर कहते हैं कि अगर दस्त में खून आने लगे, तेज बुखार हो, लगातार उल्टी हो या शरीर में डिहाइड्रेशन बढ़ने लगे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। लंबे समय तक अनदेखी करने पर यह समस्या अल्सर, आंतों में ब्लीडिंग या गंभीर इंफेक्शन का रूप ले सकती है। कुछ मरीजों में लगातार सूजन के कारण आंतों की कार्यक्षमता भी प्रभावित हो सकती है, जिससे शरीर में विटामिन और आयरन की भारी कमी हो जाती है।
डॉक्टर कहते हैं कि इसका इलाज पूरी तरह सूजन की वजह पर निर्भर करता है। अगर सूजन का कारण बैक्टीरियल इंफेक्शन है, तो एंटीबायोटिक दवाएं दी जाती है। वहीं, वायरल इंफेक्शन में आराम, हल्का भोजन और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी जाती है। डॉक्टर आमतौर पर मरीजों को ज्यादा पानी पीने की सलाह देते हैं। इसके अलावा हल्का खाना खाने के साथ मसालेदार खाने से परहेज करने की सलाह देते हैं।
अगर आप छोटी आंत की सूजन से बचना चाहते हैं, तो सबसे पहले साफ-सफाई का ध्यान रखें। हमेशा साफ पानी पिएं, ताजा भोजन करें और बाहर का अस्वच्छ खाना खाने से बचें। इसके अलावा बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक दवाएं लेने से भी बचना चाहिए।
Disclaimer : विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पेट से जुड़ी समस्याएं बार-बार हो रही हों, तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और सही इलाज से छोटी आंत में सूजन की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।