
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : April 10, 2026 4:00 PM IST
Medically Verified By: Dr. Deepanshu Gurnani
Image credits by: Nose bone increase
नाक हमारे चेहरे का एक अहम हिस्सा माना जाता है और इसकी बनावट में किसी भी तरह का बदलाव सीधे तौर पर चेहरे की सुंदरता और सांस लेने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है। कई लोगों में नाक की हड्डी बढ़ने या टेढ़ी होने की समस्या देखी जाती है, जिसे आम भाषा में नाक की हड्डी बढ़ना कहा जाता है। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में नेज़ल बोन डिफॉर्मिटी या डेविएटेड सेप्टम के रूप में जाना जाता है।
जयपुर स्थित नारायणा हॉस्पिटल के सीनिरयर कंसल्टेंट ईएनटी ऑन्कोलॉजी डॉ. दीपांशु गुरनानी का कहना है कि नाक के अंदर एक पतली हड्डी और कार्टिलेज की दीवार पाई जाती है, जिसे सेप्टम कहा जाता है। जब यह दीवार एक तरफ झुक जाती है या असामान्य रूप से बढ़ जाती है, तब नाक की संरचना में बदलाव देखा जाता है। इस स्थिति में सांस लेने में परेशानी महसूस की जाती है और नाक बंद रहने की समस्या भी बनी रहती है।
नाक की हड्डी बढ़ने के पीछे कई कारण जिम्मेदार माने जाते हैं, आइए जानते हैं इन कारणों के बारे में-
नाक की हड्डी बढ़ने पर कई लक्षण महसूस किए जाते हैं।
कुछ लोगों में चेहरे की बनावट में बदलाव भी नजर आता है, जिससे आत्मविश्वास पर असर पड़ता है।
डॉक्टर कहते हैं कि इस समस्या का इलाज इसके कारण और गंभीरता के आधार पर तय किया जाता है। हल्के मामलों में दवाओं और लाइफस्टाइल में बदलाव से राहत दी जाती है। डॉक्टर द्वारा नेज़ल स्प्रे, एंटी एलर्जिक दवाएं और स्टीम इनहेलेशन की सलाह दी जाती है।
अगर समस्या ज्यादा गंभीर पाई जाती है, तो सर्जरी की जरूरत महसूस की जाती है। इस प्रक्रिया को सेप्टोप्लास्टी कहा जाता है, जिसमें नाक के अंदर की टेढ़ी हड्डी को सीधा किया जाता है। यह एक सुरक्षित और प्रभावी तरीका माना जाता है, जिससे सांस लेने में सुधार देखा जाता है।
हल्की परेशानी में कुछ घरेलू उपाय भी मददगार साबित होते हैं।
अगर लंबे समय तक नाक बंद रहने की समस्या बनी रहती है, बार बार संक्रमण होता है या सांस लेने में ज्यादा परेशानी महसूस की जाती है, तो डॉक्टर से जांच कराई जाती है। समय पर इलाज करने से जटिलताओं से बचाव किया जाता है।
नाक की हड्डी बढ़ने की समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जाता। सही समय पर इसके कारणों को समझा जाता है और उचित इलाज अपनाया जाता है। हल्के मामलों में दवाओं और घरेलू उपायों से राहत दी जाती है, जबकि गंभीर स्थिति में सर्जरी को प्रभावी विकल्प माना जाता है। सही देखभाल और जागरूकता से इस समस्या को नियंत्रित किया जाता है और बेहतर जीवन गुणवत्ता बनाए रखी जाती है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
नाक की हड्डी बढ़ने पर स्टीम लें सकते हैं। इसके अलावा नमक के पानी से साफ करने से फायदेमंद हो सकता है।
नाक की हड्डी बढ़ने पर कुछ लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है। वहीं, नाक से खून आना, खर्टाटे आने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
इसके लिए फिजियोथेरेपी, ब्रेसिंग (बच्चों में), व्यायाम और दर्द प्रबंधन का उपयोग किया जाता है।
छोटे बच्चों की हड्डियां विकसित हो रही होती हैं और इसलिए पूरी तरह से विकसित न हुई होने के कारण वयस्कों की तुलना में उनकी हड्डियां कमजोर होती हैं।
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