पीरियड्स लेट होने पर क्या करना चाहिए? जानिए प्रेगनेंसी के अलावा पीरियड में देरी के अन्य कारण और घरेलू उपाय

Late Period Causes: पीरियड्स लेट होने के कई कारण हो सकते हैं। महिलाओं को पीरियड्स लेट होने पर क्या करना चाहिए और किस तरह वे अपना ख्याल रख सकती हैं। इसी तरह लेट पीरियड्स की समस्या से आराम के लिए कुछ घरेलू उपाय भी पढ़ें यहां।

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Written By: Sadhna Tiwari | Published : March 24, 2025 7:54 AM IST

Late periods causes and home remedies for relief: पीरियड्स या माहवारी हर महिला की जिंदगी का एक अहम हिस्सा है। फर्टिलिटी वाली एज में (13-14 साल से 45 साल तक की उम्र) महिलाओं को हर महीने पीरियड्स होते हैं और वे हर महीने 5-7 दिनों तक पीरियड्स की स्थिति में रहती हैं। महिलाओं में पीरियड्स होना एक नेचुरल प्रक्रिया है। हालांकि, कई बार ऐसा होता है कि महिलाओं को पीरियड्स के दौरान कुछ समस्याएं भी हो सकती हैं। पीरियड्स के दौरान फ्लो कम या ज्यादा होना, हेवी ब्लीडिंग, पेट में दर्द और कुछ मामलों में बुखार, कमजोरी और थकान जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसी तरह पीरियड्स देर से आना और इर्रेग्यूलर पीरियड्स की स्थिति भी देखी जाती है।

आमतौर पर पीरियड्स न आने या पीरियड लेट होने पर सबसे पहले महिला के प्रेगनेंट होने के बारे में सोचा जाता है। जैसा कि प्रेगनेंसी का पहला लक्षण (first symptom of pregnancy) पीरियड्स मिस होना ही होता है लेकिन, कई बार माहवारी ना आने या लेट पीरियड्स के पीछे कुछ ऐसे कारण भी हो सकते हैं जो प्रेगनेंसी से अलग हों और इनकी तरफ किसी का ध्यान भी नहीं जाता है। यहां बात करते हैं पीरियड्स लेट होने के कुछ अन्य कारणों के बारे में और पीरियड्स लेट होने पर क्या करना चाहिए।

 पीरियड्स लेट होने पर हो सकती हैं ये समस्याएं हैं?- Symptoms of late periods.

आमतौर पर पीरियड्स खत्म होने के बाद 28 या 45 दिनों बाद अगली बार पीरियड्स शुरू हो सकते हैं। लेकिन, कई बार कुछ महिलाओं में पीरियड्स 10-12 दिन या महीनेभर से ज्यादा देर तक नहीं आते हैं। ऐसे में महिलाओं को कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स भी हो सकती हैं। पीरियड्स लेट होने पर होनेवाली कुछ ऐसी ही प्रॉब्लम्स ये हैं-

प्रेगनेंसी के अलावा पीरियड्स लेट होने के कारण क्या हैं?- Causes of late periods.

महिलाओं में बहुत अधिक स्ट्रेस

कई बार बहुत अधिक तनाव लेने की वजह से महिलाओं के पीरियड्स पर भी असर पड़ता है। स्ट्रेस की वजह से महिलाओं के शरीर में गोनैडोट्रोपिन-रिलीजिंग हार्मोन्स के स्तर पर भी पड़ता है। ये हार्मोन्स ओव्यूलेशन और मेंस्ट्रुएशन साइकिल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। स्ट्रेस लेने की वजह से पीरियड्स लेट हो सकते हैं।

मेनापॉज

40 साल की उम्र के बाद महिलाएं मेनोपॉज की तरफ बढ़ती हैं। कई बार मेनोपॉज समय से पहले शुरू हो जाते हैं। इसी तरह मेनोपॉज एक के दौरान महिलाओं में पीरियड्स लेट होने की समस्या हो सकती है। इस स्थिति में आपको अपने डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए।

अनहेल्दी लाइफस्टाइल

गलत तरीके के खानपान और लाइफस्टाइल की वजह से भी महिलाओं के पीरियड्स पर असर पड़ता है। ऐसे में पीरियड्स के दौरान होने वाली समस्याएं और लेट पीरियड्स जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं।

वजन बढ़ना या कम होना

कई बार मोटापे की वजह से महिलाओं में मेंस्ट्रुएशन से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसी तरह बहुत तेजी से वजन कम हो जाने पर भी पीरियड्स से जुड़ी समस्याएं हो सकती है।

दवाओं के साइड-इफेक्ट्स

पीरियड्स देरी से आने और पीरियड्स से जुड़ी परेशानियों के लिए कुछ दवाओं के साइड-इफेक्ट्स भी जिम्मेदार हो सकते हैं। विशेषकर बर्थ कंट्रोल पिल्स के सेवन से ये नुकसान हो सकता है। इसी तरह डिप्रेशन की दवाएं, थायरॉइड की दवाएं और एंटीसाइकोटिक्स के साइड-इफेक्ट्स के चलते भी पीरियड्स लेट हो सकते हैं।

लेट पीरियड्स में राहत के लिए घरेलू उपाय- Home remedies to get relief from problem of late periods.

सौंफ का काढ़ा पिएं -Saunf ka kadha.

लेट पीरियड्स की समस्या में आराम पाने के लिए आप सौंफ का काढ़ा (Saunf ka kadha) पी सकती हैं। इसके लिए एक पानी में आप सौंफ के बीज, अजवाइन के बीज और  जीरा मिलाकर उबाल लें। आप इस पानी में स्वाद के लिए गुड़ और सोंठ का पाउडर भी मिला लें। पीरियड्स लेट होने पर आप इसे काढ़े को कुछ दिनों तक पिएं।

दूध में हल्दी मिलाकर पिएं-Turmeric milk.

पीरियड्स लेट होने पर आप गर्म दूध में थोड़ी-सी हल्दी का पाउडर मिलाएं और इसे अच्छी तरह घोलकर पी लें। आप इसके लिए एक गिलास दूध में 2 चम्मच हल्दी पाउडर, 1 चम्मच चीनी और थोड़ा-सा पानी मिलाकर अच्छी तरह पका लें। फिर, इसे गर्मागर्म पिएं।

अजवाइन और गुड़ का पानी -Ajwain and jaggery water.

एक कप पानी में चम्मचभर गुड़ का पाउडर मिलाएं। फिर इसमें 1-2 चम्मच अजवाइन के बीज मिलाएं और सभी चीजों को एक साथ पका लें। इस पानी को ठंडा करने के बाद छानकर पी लें।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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