
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : November 4, 2025 6:48 PM IST
Purusho me Banjhpan ke Karan: आज के समय में इनफर्टिलिटी यानी बांझपन की समस्या काफी बढ़ चुकी है और इसके काफी मामले देखे जा रहे हैं। जब भी बांझपन की समस्या देखी जाती है, तो ज्यादातर मामलों में लोगों को लगता है कि महिला में ही कोई दिक्कत है। लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता है, क्योंकि पुरुषों के अंदर भी कुछ कमी हो सकती है जो उनमें इनफर्टिलिटी यानी पुरुषों में बांझपन की समस्या पैदा कर सकती है। पुरुषों के शरीर में छोटे-छोटे बीज (जिन्हें हम स्पर्म कहते हैं) बनते हैं और इनसे जुड़ी किसी तरह की समस्या भी इनफर्टिलिटी का कारण बन सकती है। इसलिए अगर कोई कपल कंसीव करने की कोशिश कर रहा है और ऐसा हो नहीं पा रहा है, तो इसके पीछे का कारण पुरुषों में इनफर्टिलिटी भी हो सकती है। इस लेख में हम कुछ ऐसे ही कारणों के बारे में बताने वाले हैं, जो पुरुषों में बांझपन की समस्या पैदा कर सकते हैं और अधिकतर लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं होती है।
बहुत ही कम पुरुषों को इस बारे में जानकारी नहीं होती है, लेकिन यह सच है। अंडकोष में वायरल इन्फेक्शन होना कई बार पुरुषों में बांझपन की समस्या पैदा कर सकता है। खासतौर पर ऐसा तब होता है, जब वायरल इन्फेक्शन बहुत ज्यादा बढ़ गया हो या फिर उसका लंबे समय से इलाज न हुआ हो। हालांकि, ऐसा जरूरी भी नहीं है कि वायरल इन्फेक्शन के कारण इनफर्टिलिटी हो जाए। वहीं वायरल इन्फेक्शन के अलावा अंडकोष में बैक्टीरियल इन्फेक्शन भी हो सकता है, जिसका खतरा वायरल इन्फेक्शन के जितना तो नहीं होता है लेकिन अगर यह हो जाता है, तो इसके कारण भी इन्फर्टिलिटी हो सकती है।
अंडकोष की थैली में बहुत सी नसें होती हैं, जिन्हें वैरिकोज वेन्स कहा जाता है। अगर इन नसों में किसी कारण से सूजन आ जाती है, तो इससे टेस्टिकल्स के शुक्राणु बनाने की क्षमता प्रभावित हो जाती है। अगर सूजन ज्यादा है तो ऐसी स्थिति में बांझपन की समस्या भी पैदा हो सकती है। वेरीकोसील एक गंभीर समस्या है, जिसका जल्द से जल्द निदान करके इलाज शुरू करना जरूरी होता है ताकि किसी प्रकार का परमानेंट डैमेज होने से बचाया जा सके।
किसी एक्सीडेंट जैसे सड़क दुर्घटना या किसी अन्य कारण से गिर जाने आदि के कारण अगर अंडकोष में चोट लग जाती है, तो इससे भी अंडकोष के शुक्राणु बनाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। यह बेहद दर्दनाक स्थिति होने के साथ-साथ इसका जल्द से जल्द इलाज करना भी जरूरी होता है। यहां तक कि कुछ मामलों में अगर किसी व्यक्ति को गंभीर चोट लगती है तो इसके कारण अंडकोष में स्थायी क्षति भी हो सकती है।
यह खासतौर पर उन लोगों को जानना जरूरी होता है, जो जिम के दौरान या फिटनेस आदि पाने के लिए टेस्टोस्टेरोन सप्लीमेंट्स इस्तेमाल करते हैं। टेस्टोस्टेरोन सप्लीमेंट्स को सिर्फ तब तक ही सुरक्षित माना जाता है, जब तक उन्हें सही लिमिट में और एक्सपर्ट्स की देखरेख में लिया जाए। क्योंकि गलत तरीके से सेवन करने से पुरुषों में बांझपन की समस्या पैदा हो सकती है और कई बार यह समस्या स्थायी हो जाती है जिसका बाद में इलाज नहीं हो पाता है।
पुरुषों में बांझपन से जुड़ी समस्याएं जेनेटिक भी हो सकती हैं, जिनके बारे में आज के समय में भी ज्यादातर लोगों को पूरी जानकारी नहीं हैं। उदाहरण के लिए अगर किसी पुरुष के परिवार के सगे रिश्तों जैसे सगे भाई या पिता में पहले से बांझपन की समस्या हो चुकी है और वह जेनेटिक समस्या है, तो ऐसे में इनफर्टिलिटी का खतरा भी काफी हद तक बढ़ जाता है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।