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Rheumatoid Arthritis Stiffness in The Morning: जोड़ों में दर्द होना आज के समय में आम समस्या बन गई है, लेकिन यह जरूरी नहीं है कि जोड़ों में दर्द के सभी मामले किसी कॉमन समस्या से जुड़े हों। जोड़ों में दर्द होने की समस्या को आमतौर पर अर्थराइटिस कहा जाता है, लेकिन यह रूमेटाइड अर्थराइटिस नहीं है। अर्थराइटिस और रूमेटाइड अर्थराइटिस दोनों अलग हेल्थ कंडीशन हैं। रूमेटाइड अर्थराइटिस आमतौर पर एक ऑटोइम्यून कंडीशन है और इस बारे में ज्यादातर लोगों को जानकारी भी है। लेकिन ज्यादातर लोग यह समझ नहीं पाते कि समय पर दवाएं लेने और अन्य चीजों का ध्यान रखने के बावजूद भी रूमेटाइड अर्थराइटिस के मरीजों को सुबह के समय जोड़ों में ज्यादा अकड़न और दर्द क्यों रहता है। डॉ. मिहिर थानवी, कंसल्टेंट - आर्थोपेडिक्स एंड स्पाइन अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर के अनुसार इसके पीछे कुछ खास वजह हो सकती हैं, जिनके बारे में हम इस लेख में जानेंगे।
रूमेटाइड आर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की इम्यून सिस्टम गलती से जोड़ों पर हमला करने लगती है। इससे जोड़ों में सूजन, दर्द, अकड़न और चलने-फिरने में दिक्कत होती है। इस बीमारी का एक प्रमुख लक्षण है- सुबह के समय दर्द और जकड़न का ज्यादा होना। कई मरीज बताते हैं कि सुबह उठते ही उंगलियां, कलाई, घुटने या टखने सख्त और दर्दनाक महसूस होते हैं, जो 30 मिनट से लेकर कई घंटों तक रह सकते हैं।
डॉ. मिहिर थानवी, कंसल्टेंट - आर्थोपेडिक्स एंड स्पाइन अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर
रूमेटाइड अर्थराइटिस में सुबह के समय दर्द और जकड़न बढ़ने के पीछे कई कारण होते हैं। रात भर सोने के दौरान शरीर और जोड़ों की मूवमेंट लगभग न के बराबर होती है, जिससे जोड़ों में सूजन वाला द्रव जमा हो जाता है और सुबह अकड़न ज्यादा महसूस होती है। इसके अलावा आरए में सूजन बढ़ाने वाले केमिकल्स, जैसे इंटरल्यूकिन-6, रात के समय अधिक सक्रिय हो जाते हैं और उनका स्तर सुबह ज्यादा रहता है, जिससे दर्द बढ़ जाता है। इसी समय शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर अपेक्षाकृत कम हो सकता है, जबकि यही हार्मोन सूजन को नियंत्रित करने में मदद करता है। साथ ही जोड़ों की अंदरूनी परत (सायनोवियम) में बनी रहने वाली सूजन रात भर आराम की अवस्था में अधिक प्रभाव दिखाती है, इसलिए सुबह उठते ही जोड़ों में दर्द अधिक महसूस होता है।
रूमेटाइड अर्थराइटिस में सुबह की जकड़न और दर्द से राहत पाने के लिए कुछ नियमित आदतें बेहद मददगार साबित होती हैं। सुबह उठने से पहले हाथ-पैरों की हल्की स्ट्रेचिंग, जैसे उंगलियों को खोलना-बंद करना, कलाई और टखनों को घुमाना- जोड़ों की अकड़न कम करने में सहायक है। गुनगुने पानी से स्नान या प्रभावित हिस्सों पर हल्की गर्म सिकाई करने से मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं और दर्द कम महसूस होता है। डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं समय पर लेना जरूरी है, क्योंकि लापरवाही से सूजन बढ़ सकती है।
संतुलित आहार, खासकर ओमेगा-3 युक्त खाद्य पदार्थ और हरी सब्जियां, सूजन कम करने में मदद करते हैं, जबकि जंक फूड से बचना चाहिए। साथ ही वजन नियंत्रित रखना, तनाव कम करना, योग और पर्याप्त नींद लेना भी सुबह की परेशानी को काफी हद तक घटा सकता है। यदि सुबह की जकड़न एक घंटे से ज्यादा बनी रहे, जोड़ों में सूजन बढ़ती जाए या रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगें, तो तुरंत रूमेटोलॉजिस्ट से सलाह लें। सही समय पर इलाज से बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है और जोड़ों को स्थायी नुकसान से बचाया जा सकता है। रूमेटाइड आर्थराइटिस में सुबह दर्द और अकड़न बढ़ना आम बात है, लेकिन सही दवा, नियमित व्यायाम और संतुलित जीवनशैली से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। समय पर पहचान और उपचार ही इस बीमारी से बेहतर जीवन की कुंजी है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।