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How to prevent Pneumonia in winters: सर्दियों के मौसम में निमोनिया के मामले भी बढ़ने लगते हैं। तापमान गिरने के साथ ही कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में निमोनिया होने का खतरा भी बढ़ जाता है। विशेषकर फेफड़ों से जुड़ी समस्याओं से पीड़ित लोगों में निमोनिया का रिस्क अधिक होता है। सीओपीडी (COPD), अस्थमा (asthma), लो-इम्यून पॉवर ( low immunity) और डायबिटीज और ब्लड प्रेशर (blood pressure ) जैसी पुरानी बीमारियों (chronic diseases) से पीड़ित लोगों को निमोनिया का हाई-रिस्क ग्रुप माना जाता है इसीलिए, इन लोगों को सर्दियों में अपना खास ख्याल रखना चाहिए।
निमोनिया के कारण फेफड़ों ( inflammation in lungs) और श्वसन मार्ग में सूजन बढ़ जाती है। इस सूजन की वजह बच्चों, बुजर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में गम्भीर समस्याएं होने का जोखिम बढ़ जाता है। बैक्टेरिया, फुंगस और ठंडी हवाओं के कारण संक्रमण और बीमारियां गम्भीर होने की आशंका भी बढ़ जाती है। इसी तरह सर्दियों में लोग अधिकांश समय घर के भीतर ही रहते हैं जिससे कमरे या घर में मौजूद अन्य लोगों में बैक्टेरिया के ट्रांसमिशन का रिस्क भी बढ़ जाता है। निमोनिया जैसी गम्भीर बीमारी से बचने के लिए लोगों को अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करना चाहिए। यहां पढ़ें निमोनिया के मरीजों के लिए सही लाइफस्टाइल जो उन्हें इस तकलीफ से बचने में मदद करेगी।