• हिंदी

ठंड के मौसम में बढ़ जाता है निमोनिया का रिस्क, इन 3 वजहों से बच्चे ही नहीं बड़े भी हो जाते हैं बीमार, जानें बचाव के उपाय

ठंड के मौसम में बढ़ जाता है निमोनिया का रिस्क, इन 3 वजहों से बच्चे ही नहीं बड़े भी हो जाते हैं बीमार, जानें बचाव के उपाय

तापमान गिरने के साथ ही कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में निमोनिया होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

Written by Sadhna Tiwari |Updated : November 24, 2023 7:01 AM IST

How to prevent Pneumonia in winters: सर्दियों के मौसम में निमोनिया के मामले भी बढ़ने लगते हैं। तापमान गिरने के साथ ही कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में निमोनिया होने का खतरा भी बढ़ जाता है। विशेषकर फेफड़ों से जुड़ी समस्याओं से पीड़ित लोगों में निमोनिया का रिस्क अधिक होता है। सीओपीडी (COPD), अस्थमा (asthma), लो-इम्यून पॉवर ( low immunity) और डायबिटीज और ब्लड प्रेशर (blood pressure ) जैसी पुरानी बीमारियों (chronic diseases) से पीड़ित लोगों को निमोनिया का हाई-रिस्क ग्रुप माना जाता है इसीलिए, इन लोगों को सर्दियों में अपना खास ख्याल रखना चाहिए।

ठंड के मौसम में निमोनिया होने के कारण (Causes of pneumonia in winters in hindi)

निमोनिया के कारण फेफड़ों ( inflammation in lungs) और श्वसन मार्ग में सूजन बढ़ जाती है। इस सूजन की वजह बच्चों, बुजर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में गम्भीर समस्याएं होने का जोखिम बढ़ जाता है। बैक्टेरिया, फुंगस और ठंडी हवाओं के कारण संक्रमण और बीमारियां गम्भीर होने की आशंका भी बढ़ जाती है। इसी तरह सर्दियों में लोग अधिकांश समय घर के भीतर ही रहते हैं जिससे कमरे या घर में मौजूद अन्य लोगों में बैक्टेरिया के ट्रांसमिशन का रिस्क भी बढ़ जाता है। निमोनिया जैसी गम्भीर बीमारी से बचने के लिए लोगों को अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करना चाहिए। यहां पढ़ें निमोनिया के मरीजों के लिए सही लाइफस्टाइल जो उन्हें इस तकलीफ से बचने में मदद करेगी।

निमोनिया के लक्षण (Symptoms of Pneumonia in hindi.)

  • खांसी (cough)
  • सीने में बलगम बनना और भारीपन महसूस होना
  • छाती में दर्द और तकलीफ (discomfort in chest)
  • थकान (tiredness)
  • कंपकंपी (chills)
  • बुखार (fever)
  • उल्टी (vomiting)

निमोनिया का रिस्क कम करने के उपाय ( Tips to reduce risk of pneumonia)

  • हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। स्मोकिंग और अनहेल्दी इटिंग जैसी आदतें छोड़ दें।
  • हेल्दी डाइट खाएं। सीजनल सब्जियां और ताजे फल खाएं। (diet for pneumonia prevention)
  • हाथों-पैरों की साफ-सफाई का ध्यान रखें।
  • बीमार लोगों के सम्पर्क में आने से बचें।
  • प्राणायाम और नियमित योगाभ्यास करें।
  • प्रोबायोटिक्स वाले फूड्स (probiotics rich foods) का सेवन करें। दही, अचार और खिमची जैसी चीजों को अपनी डाइट में शामिल करें।
  • नियमित एक्सरसाइज करें। 30-45 मिनट की कसरत करें। सुबह-शाम वॉक पर जाएं, एयरोबिक्स (aerobics) करें और जिम करें।
  • रोजाना 8-9 घंटें की नींद सोएं। नींद पूरी होने से शरीर को आराम मिलेगा और निमोनिया के लक्षण भी कम होगें।
  • प्रदूषण वाले स्थानों पर जानें से बचें। हवा, धुएं और धूल जैसी चीजों की वजह से श्वसन मार्ग को नुकसान होता है और निमोनिया के लक्षण बढ़ सकते हैं।