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Written By: Jitendra Gupta | Updated : May 25, 2022 6:08 PM IST
इन 7 समस्याओं में भूलकर भी न करें अरंडी तेल का इस्तेमाल, परेशानी घटेगी नहीं बल्कि बढ़ेगी
Side Effects of Castor Oil in hindi: त्वचा या बालों की हर तरह की समस्या को दूर करने के काम आता है अरंडी का तेल (Arandi ke Tel) यानी कैस्टर ऑयल (Castor Oil)। आयुर्वेद में इसे पेट शोधक भी कहा जाता है यानी पेट से संबंधित हर तरह की समस्याओं को दूर करता है। खासकर, कब्ज से आप परेशान हैं, तो इसका इस्तेमाल करें। इसके अलावा, जोड़ों के दर्द को दूर करने के लिए भी अरंडी के तेल का यूज होता आया है। यह आंतों में पचे हुए भोजन को आगे पहुंचाने का काम करता है। पेट में मौजूद अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालता है। इसमें एंटी-इफ्लेमेटरी, एंटी-फंगल तत्व होता है, जो दर्द को कम करने के काम आता है। इससे इम्यूनिटी भी बूस्ट होती है। इतने फायदों के बाद भी अरंडी के तेल के कुछ नुकसान (Castor Oil side effects) भी होते हैं। जानें, अरंडी के तेल के नुकसान (Castor Oil side effects in hindi) क्या-क्या हैं...
कई बार ऐसा होता है कि उल्टी या जी मिचलाने जैसा महसूस होता है। लोग अरंडी के तेल का सेवन करने लगते हैं, ताकि इस समस्या से बचा जा सके। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि अरंडी का तेल (Arandi ke Tel ke side effects) या कैस्टर ऑयल के अधिक सेवन से भी जी मिचलाने की समस्या होने लगती है? इससे डिहाइड्रेशन, इलेक्ट्रोलाइट इम्बैलेंस जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
बच्चों में डायरिया यानी दस्त एक कॉमन समस्या है। दस्त होने पर पेट दर्द, ऐंठन, मरोड़, उल्टी, जी मिचलाना आदि परेशानियां होने लगती हैं। डायरिया का समय पर इलाज ना किया जाए, तो शरीर में पानी की कमी हो सकती है। अरंडी का तेल भी दस्त (castor oil cures Diarrhea) होने का मुख्य कारण है।
प्रदूषण, अधिक जंक फूड का सेवन, त्वचा की साफ-सफाई का ध्यान ना रखना आदि स्किन को काफी नुकसान पहुंचाता है। इससे त्वचा में जलन, लाल चकत्ते, फोड़े-फुंसी आदि होने लगती है। कई बार अरंडी के तेल का अधिक यूज भी त्वचा पर जलन पैदा कर देता है, जिससे स्किन लाल पड़ जाती है।
गैस्ट्रोएन्टराइटिस जिसे हम “पेट का फ्लू” भी कहते हैं। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें पेट और आंतों (जठरांत्र संबंधी मार्ग) में जलन और सूजन देखी जाती है। अरंडी के तेल का ज्यादा इस्तेमाल गैस्ट्रोएन्टराइटिस की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
अरंडी के तेल के अधिक इस्तेमाल से पेट में ऐंठन, दर्द या फिर मरोड़ की समस्या देखने को मिलती है, इसलिए इसके अधिक इस्तेमाल से बचना चाहिए।
चक्कर आना एक आम समस्या है। खानपान में पौष्टिक तत्वों की कमी, खाना ना खाना आदि से भी शरीर कमजोर हो जाता है, जिससे चक्कर आने लगता है। चक्कर आना कोई रोग नहीं बल्कि किसी रोग का एक लक्षण हो सकता है। कई बार अरंडी के तेल के अधिक उपयोग से भी चक्कर आने लगता है।
एक शोध के अनुसार, अरंडी के तेल का अधिक इस्तेमाल से मांसपेशियों में ऐंठन का कारण बन सकता है। यदि समस्या अधिक गंभीर हो, तो डॉक्टर से जरूर मिलें।