Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- सेक्सुअल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
Causes of diabetes in youth: डायबिटीज एक 'साइलेंट किलर' बीमारी है, जिसका समय पर प्रबंधन करना बेहद जरूरी है। हाल ही में 4 साल लम्बे चलने वाली एक स्टडी में डायबिटीज का खतरा बढ़ाने वाले कई कारणों का पता चला और लोगों द्वारा की जानेवाली कुछ बड़ी गलतियों के बारे में भी पता चला। इस स्टडी के परिणाम देख डॉक्टर्स हैरान हैं। मुंबई शहर में स्थित डायबेटोलॉजी डॉ. राजीव कोविल के क्लीनिक्स द्वारा यह अध्ययन 4 साल तक चलाया गया। इस स्टडी के अनुसार, कोविड-19 महामारी के बाद लोगों में डायबिटीज की बीमारी तेजी से बढ़ी है।
कोविड ने ना केवल डेली लाइफस्टाइल को बदल दिया बल्कि डायबिटीज और अन्य मेटाबॉलिक हेल्थ प्रॉब्लम्स का रिस्क (risk of metabolic diseases) भी बढ़ा दिया। इसके परिणामस्वरूप कम उम्र में इस बीमारी की चपेट में आना, वजन बढ़ना और लिवर व किडनी से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाने जैसी कई कॉम्प्लिकेशन्स में भी बढ़ोतरी हुई है।
इस स्टडी से यह समझा गया कि अगर डायबिटीज की बीमारी का समय पर निदान (Diagnosis of early diabetes) और प्रबंधन शुरू किया जाए तो युवाओं सहित सभी आयु वर्ग में डायबिटीज से जुड़ी कॉम्प्लिकेशन्स से बचा जा सकता है।
इस स्टडी के दौरान कोविड से पहले ( 24 मार्च 2016 - 23 मार्च 2020) और महामारी के बाद (24 मार्च 2020 - 23 मार्च 2024) के दौरान मरीजों की प्रोफाइल का तुलनात्मक अध्ययन किया। इस स्टडी से यह पता चला कि, महामारी के बाद डायबिटीज के नये मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।जो यह दर्शाता है कि लोगों को अपनी लाइफस्टाइल पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
डॉ. राजीव कोविल ने कहा, “टाइप 2 डायबिटीज की शुरुआत की उम्र (onset of diabetes in early age) में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। महामारी से पहले इस बीमारी की औसत शुरुआत 47 साल की उम्र में होती थी, जो महामारी के बाद घटकर 42 साल हो गई है। खासतौर पर 25 से 39 साल के युवाओं में इस बीमारी के मामलों में वृद्धि हुई है। नए मामलों में वजन बढ़ने की प्रवृत्ति भी साफ दिखती है। पुरुषों का औसत वजन 75 किलो से बढ़कर 84 किलो हो गया है, जबकि महिलाओं का वजन औसत 61 किलो से बढ़कर 69 किलो तक पहुंच गया है। विशेष रूप से महिलाओं में शरीर में फैट की मात्रा में चिंताजनक वृद्धि देखी गई है। औसतन महिलाओं में फैट का प्रतिशत 42% और पुरुषों में 36% दर्ज किया गया है। इसमें प्रमुख रूप से व्हिसरल फैट (आंतरिक अंगों के आसपास जमा होने वाली) अधिक पाई गई है, जो चयापचय संबंधी समस्याओं का मुख्य कारण बनती है।”
फिजिशियन और डायबिटीज एक्सपर्ट, डॉ. आरती उल्लाल ( ग्लेनईगल्स अस्पताल परेल, मुंबई) ने कहा कि, “कोविड-19 संक्रमण के कारण डायबिटीज के कुछ नये मरीज भी सामने आए। इन नये मरीजों को डायबिटीज से जुड़ी कॉम्प्लिकेशन्स से बचने के लिए ये उपाय करने चाहिए-