
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : May 17, 2026 11:44 AM IST
Medically Verified By: Dr. Aseem Dhall
heart health mitral valve (Image credit: chatgpt)
अचानक तेज धड़कन, घबराहट, सीने में हल्का दर्द, सांस फूलना या चक्कर आने जैसी समस्याओं को सिर्फ एंग्जायटी या पैनिक अटैक समझ लेते हैं। लेकिन कई मामलों में इसके पीछे दिल से जुड़ी एक स्थिति भी हो सकती है, जिसे माइट्रल वाल्व प्रोलैप्स (Mitral Valve Prolapse - MVP) कहा जाता है। यह दिल की एक ऐसी समस्या है जिसमें हार्ट का एक वाल्व ठीक से बंद नहीं हो पाता। लेकिन इसके कुछ लक्षण इस तरह के होते हैं, जो आमतौर पर घरबाहट, स्ट्रेस, डर या डिप्रेशन जैसी समस्याओं के दौरान भी देखे जाते हैं और यही कारण है कि कई बार लोग इस गंभीर बीमारी को इग्नोर कर देते हैं। डॉ. असीम ढल, डायरेक्टर एंड एचओडी, कार्डियक साइंसेज, ISIC Multispeciality Hospital ने इस बारे में काफी महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं, जिनके बारे में हम इस लेख में जानेंगे।
क्या आपने कभी सोचा है कि हार्ट में कितने वाल्व होते हैं? दरअसल, मनुष्य के हार्ट में चार वाल्व होते हैं, जो ब्लड फ्लो को सही समय पर सही जगह तक पहुंचाने में मदद करते हैं। इनमें से एक वाल्व है माइट्रल वाल्व, जो दिल के बाएं हिस्से में मौजूद होता है। जब यह वाल्व थोड़ा ढीला हो जाता है या ठीक से बंद नहीं होता, तो उसे माइट्रल वाल्व प्रोलैप्स कहा जाता है। कई लोगों में यह स्थिति हल्की होती है और कोई गंभीर समस्या नहीं करती, लेकिन कुछ लोगों में इसके लक्षण एंग्जायटी जैसे महसूस हो सकते हैं।
MVP यानी माइट्रल वाल्व प्रोलैप्स से ग्रसित मरीजों को अक्सर अचानक से कई बार दिल की धड़कन तेज होना, बेचैनी, थकान, सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द या अचानक आदि लक्षण महसूस होने लगते हैं। यही कारण है कि कई बार लोग इसे सिर्फ मानसिक तनाव या पैनिक समझ लेते हैं, जबकि वास्तव में ये हार्ट वाल्व डिजीज के लक्षण हो सकते हैं। कुछ मरीजों में बार-बार ऐसा होने पर डर और चिंता भी बढ़ जाती है, जिससे स्थिति और भ्रमित करने वाली हो सकती है। इसलिए केवल लक्षण देखकर निष्कर्ष निकालना सही नहीं होता।
अगर बार-बार सीने में दर्द, दिल की धड़कनों का बढ़ना, बेहोशी जैसा महसूस होना, सांस फूलना या अचानक घबराहट महसूस होना आदि लक्षण महसूस होते हैं तो हार्ट चेकअप करवाना जरूरी है। ईसीजी, इकोकार्डियोग्राफी और अन्य कई जांच की जा सकती हैं, जिनके हार्ट के स्वास्थ्य का पता लगाया जा सकता है। सही जांच व इमेजिंग स्कैन्स की मदद से ही यह कन्फर्म किया जा सकता है कि जो घबराहट हो रही है, वह हार्ट के कारण है या सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी कोई समस्या है।
हालांकि, इस बात का ध्यान रखना है कि माइट्रल वाल्व प्रोलैप्स हमेशा खतरनाक नहीं होता, लेकिन सही पहचान और नियमित मॉनिटरिंग जरूरी है। कई लोग वर्षों तक इसे केवल तनाव समझकर नजरअंदाज करते रहते हैं। सही जांच और डॉक्टर की सलाह से इस स्थिति को आसानी से मैनेज किया जा सकता है। साथ ही पर्याप्त नींद, तनाव कम करना, नियमित व्यायाम और हेल्दी लाइफस्टाइल दिल को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
Dr Aseem Dhall, Director & HOD, Cardiac Sciences, ISIC Multispeciality Hospital
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल माइट्रल वाल्व प्रोलैप्स जुड़ी सही जानकारी देना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल हार्ट से जुड़ी किसी भी बीमारी के इलाज के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
हमारे हृदय में कुल 4 वाल्व होते हैं, जिनमें माइट्रव वाल्व, ट्राईकस्पिड वाल्व, एओर्टिव वाल्व और पल्मोनरी वाल्व
यह एक ऐसी स्थति है, जिसमें हार्ट की वाल्व किसी कारण से ठीक से काम करना बंद कर देती है।
हृदय से होने वाली कोई भी बीमारी जैसे हार्ट अटैक, हार्ट का रुक जाना (हार्ट फेलियर) और धमनियों से जुड़ी बीमारी आदि