क्या आप जानते हैं हाई ट्राइग्लिसराइड्स हार्ट अटैक के खतरे को तेजी से बढ़ा देता है? जानें किनके लिए ज्यादा खतरा

High Triglycerides Risk: हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि कुछ चीजें हैं जो ट्राइग्लिसराइड को बैड कोलेस्ट्रॉल से भी ज्यादा खतरनाक बनाती हैं और इसलिए उसे गंभीरता से लेना बहुत जरूरी है।

WrittenBy

Written By: Mukesh Sharma | Updated : January 12, 2026 2:09 PM IST

WrittenBy

Medically Verified By: Dr. Ajeet Singh

How Dangerous is High Triglycerides: डायबिटीज के बारे में खूब जानकारी है, हाई ब्लड प्रेशर और लो ब्लड प्रेशर क्या है इस बारे में भी जानकारी है। बैड कोलेस्ट्रॉल के बारे में भी अच्छे से पता है, तो फिर ट्राइग्लिसराइड के बारे में क्या नहीं? जैसे बढ़ा हुआ बैड कोलेस्ट्रॉल हार्ट अटैक व ब्रेन स्ट्रोक जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा बन सकता है, उसी प्रकार से ट्राइग्लिसराइड्स भी इन जानलेवा बीमारियों के रिस्क को बढ़ा देता है। ट्राइग्लिसराइड्स एक तरह का फैट होता है, जो खून में पाया जाता है और खून में आता है ये हमारे द्वारा खाए गए भोजन से। बहुत सिंपल है, जब आप खाना खाते हैं तो आपके भोजन से मिली एक्स्ट्रा कैलोरी को शरीर ट्राइग्लिसराइड्स में बदल देता है। इसलिए ये ट्राइग्लिसराइड्स आपके शरीर की फैट सेल्स में जमा हो जाते हैं, जो बाद में ऊर्जा के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।

अब सोच रहे होंगे कि ट्राइग्लिसराइड्स तो अच्छी चीज लग रही है, जिसे शरीर जरूरत पड़ने पर एनर्जी के लिए बचाकर रखता है, तो फिर दिक्कत क्या है? हम बताते हैं जब आप रोजाना नियमित रूप से ही ज्यादा कैलोरी ले रहे हैं, तो इसका मतलब है कि शरीर को और ज्यादा इसे रिजर्व करके रखना पड़ता है जिस कारण से ट्राइग्लिसराइड्स लेवल बढ़ जाता है। बढ़ा हुआ ट्राइग्लिसराइड कई बीमारियों का खतरा पैदा करता है। डॉ. अजीत सिंह, सीनियर कंसल्टेंट एंड हेड - कार्डियक साइंसेज, शारदाकेयर हेल्थ सिटी ने इस बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी, जिसके बारे में हम आगे जानेंगे।

(और पढ़ें - नसों को चुपके से ब्लॉक कर देता है ट्राइग्लिसराइड)

सिर्फ रिपोर्ट में लिखा नंबर नहीं ट्राइग्लिसराइड

डॉ. अजीत सिंह ने बताया कि ट्राइग्लिसराइड्स का बढ़ना सिर्फ रिपोर्ट में लिखा एक नंबर नहीं है, बल्कि यह आपके हार्ट जैसे बहुत जरूरी अंगों के लिए एक गंभीर चेतावनी है। सरल शब्दों में कहें तो ट्राइग्लिसराइड आपके खून में मौजूद एक तरह की चर्बी होती है, जिसका लेवल अगर बढ़ जाए तो फिर धमनियों और नसों में दिक्कत आने लगती है। अगर ट्राइग्लिसराइड लेवल बढ़ा हुआ है, तो इससे बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL Cholesterol) छोटे-छोटे कण बनने लग जाते हैं। खराब कोलेस्ट्रॉल के ये कण धमनियों या नसों में जमने लग जाते हैं और धीरे-धीरे ब्लॉकेज व सूजन पैदा करने लगता है। नसों की अंदरूनी परत को यह सूजन कमजोर करने लगती है, जिससे चर्बी जमा होने लगती है।

(और पढ़ें - ट्राइग्लिसराइड किस कारण से बढ़ता है)

क्यों है बैड कोलेस्ट्रॉल से भी खतरनाक

ट्राइग्लिसराइड को बैड कोलेस्ट्रॉल से भी खतरनाक इसलिए माना जाता है, क्योंकि एक तो इसके बढ़ने के बैड कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ने लग जाता है। दूसरा शरीर में इसका लेवल ज्यादा होने से शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL Cholesterol) का लेवल कम होने लगता है। ये सभी चीजें ब्लड फ्लो पर प्रभावित करती हैं और इसके कारण ब्लड फ्लो जितना कम होता है उतना ही ज्यादा हार्ट अटैक आने का खतरा बढ़ जाता है।

इसके अलावा अगर व्यक्ति पहले से ही मोटापा या डायबिटीज का मरीज है या फिर धूम्रपान आदि करता है, तो ऐसे में शरीर में और ज्यादा गंभीर समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता है और हार्ट अटैक का रिस्क भी और ज्यादा बढ़ जाता है। सरल शब्दों में कहें तो इन स्थितियों में ट्राइग्लिसराइड का बढ़ने जलती आग में पेट्रोल डालने जैसा है।

ट्राइग्लिसराइड को कम करने की कई वजह

डॉ. अजीत सिंह ने आगे बताया कि कोई एक नहीं बल्कि कई वजह हैं तो बताती हैं कि ट्राइग्लिसराइड को कंट्रोल करना जरूरी है। इसे कंट्रोल करने के लिए कोई खास तकनीक की जरूरत नहीं होती है, बस आपको खानपान सही रखना है, नियमित रूप से व्यायाम करना है और समय-समय पर डॉक्टर से संपर्क करते रहना है। अगर आप इन चीजों का ध्यान रखते हैं, तो आपका ट्राइग्लिसराइड लेवल भी कंट्रोल रहेगा और हार्ट भी हेल्दी रहेगा।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।