Bad Taste in Mouth: कीमो के बाद मुंह का स्वाद खराब क्यों हो जाता है? और इसे कैसे ठीक करें

Chemotherapy Side Effects: कीमोथेरेपी के बाद स्वाद का बदलना एक सामान्य लेकिन अस्थायी समस्या है। सही देखभाल और धैर्य के साथ इसे नियंत्रित किया जा सकता है और मरीज अपनी सामान्य स्थिति में वापस आ सकता है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : April 17, 2026 8:09 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Tarang Krishna

Metallic Caste After Chemo Treatment: कैंसर के इलाज में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाली ट्रीटमेंट तकनीकों में से एक कीमोथेरेपी है, जो कैंसर के लिए सर्जरी के बाद दूसरी सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली ट्रीटमेंट प्रोसीजर बन चुकी है। कीमोथेरेपी कैंसर के इलाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी कहा जाता है। लेकिन जब भी कीमोथेरेपी या कीमो का नाम आता है, तो लोग अक्सर थोड़ा डर जाते हैं, क्योंकि इससे मरीजों में कई अलग-अलग प्रकार के साइड इफेक्ट्स देखे जाते हैं जो मरीज की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं। उनमें से एक बहुत आम समस्या है मुंह का स्वाद खराब हो जाना, जिसे मेडिकल भाषा में डिस्गेशिया (Dysgeusia) कहा जाता है। कई मरीज बताते हैं कि उन्हें खाना अच्छा नहीं लगता, सब कुछ कड़वा या धातु जैसा लगता है। यह केवल स्वाद का बदलाव नहीं है, बल्कि इसका असर मरीज के खाने की इच्छा, शरीर की ताकत और मानसिक स्थिति पर भी पड़ता है। Cancer Healer Center के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. तरंग कृष्णा ने इस बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी।

कीमोथेरेपी से मुंह का स्वाद खराब होना

कीमोथेरेपी की दवाइयां तेजी से बढ़ने वाली कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन इस प्रक्रिया में वे शरीर की कुछ स्वस्थ कोशिकाओं को भी प्रभावित करती हैं। जीभ पर मौजूद टेस्ट बड्स, जो स्वाद पहचानने का काम करते हैं, इस प्रक्रिया से प्रभावित होते हैं। सामान्य तौर पर ये कोशिकाएं हर कुछ दिनों में खुद को रीजनरेट करती हैं, लेकिन कीमोथेरेपी इस प्रक्रिया को धीमा कर देती है।

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सिर्फ इतना ही नहीं कीमोथेरेपी के प्रभाव के कारण कई बार मरीजों को अन्य कई लक्षण भी देखने लग जाते हैं जिनमें मुंह के अंदर सूजन, छाले या घाव होना आदि शामिल है। इससे खाना खाना दर्दनाक हो जाता है और स्वाद भी बिगड़ जाता है। लार का कम बनना भी एक कारण है, क्योंकि लार स्वाद को महसूस करने में मदद करती है। जब मुंह सूख जाता है, तो स्वाद फीका या अलग लगने लगता है।

मुंह का स्वाद बिगड़ने का मरीज पर असर

कीमो के प्रभाव के कारण कैंसर के कुछ मरीजों के मुंह का स्वाद धातु जैसा हो जाता है और ऐसा आमतौर पर इसलिए होता है क्योंकि ये दवाएं कई बार शरीर में केमिकल के बैलेंस को खराब कर देती हैं। इस समस्या का असर केवल स्वाद तक सीमित नहीं रहता। कई बार मरीज खाना कम कर देता है, जिससे वजन गिरता है और शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता। इससे रिकवरी पर भी असर पड़ सकता है।

कैसे करें इस समस्या को दूर

कीमो के कारण अगर मुंह का स्वाद बिगड़ गया है, तो ऐसे में इस समस्या से निपटने के लिए कुछ तरीके अपनाए सकते हैं जैसे -

  • ओरल हाइजीन - मुंह की साफ-सफाई पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। दिन में दो से तीन बार हल्के ब्रश से दांत साफ करना चाहिए और नमक या बेकिंग सोडा वाले पानी से गरारे करने से फायदा होता है। इससे मुंह साफ रहता है और स्वाद में कुछ सुधार होता है।
  • खानपान में थोड़ा बदलाव - ऐसा करना भी अच्छा विकल्प हो सकता है, जैसे हल्के खट्टे फल जैसे नींबू या संतरा स्वाद को बेहतर कर सकते हैं। हालांकि, अगर आपके मुंह में छाले हैं, तो तो ऐसे खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। पुदीना या धनिया जैसे ताजे हर्ब्स खाने को थोड़ा फ्रेश बना सकते हैं। अगर धातु जैसा स्वाद ज्यादा महसूस हो रहा हो, तो स्टील के बर्तनों की जगह कांच या चीनी मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल करना बेहतर होता है।
  • ज्यादा तरल लें - पानी और तरल पदार्थ पर्याप्त मात्रा में लेना भी जरूरी है। नारियल पानी, सूप या हर्बल ड्रिंक मुंह के सूखेपन को कम करने में मदद करते हैं।मरीज को बार-बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाना चाहिए, ताकि शरीर को जरूरी पोषण मिलता रहे। ऐसे भोजन लेना चाहिए जो आसानी से खाया जा सके, जैसे सॉफ्ट या सेमी-सॉलिड फूड।

इसके अलावा मरीज को मानसिक रूप से भी यह समझना होगा कि यह एक अस्थायी स्थिति है और धीरे-धीरे ठीक हो जाती है। परिवार का सहयोग और सकारात्मक वातावरण मरीज की रिकवरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब हम शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत करने पर ध्यान देते हैं, तो साइड इफेक्ट्स से उबरने की क्षमता भी बेहतर होती है। सही पोषण, संतुलित जीवनशैली और सकारात्मक सोच इस प्रक्रिया में मदद करते हैं।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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