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30 साल की उम्र होने के बाद ये 4 कैंसर होने का बढ़ सकता है खतरा, महिलाओं के लिए ज्यादा खतरा

Cancer Risk After The Age of 30: उम्र बढ़ने के साथ-साथ न सिर्फ शरीर में बदलाव आते हैं, बल्कि कैंसर जैसी कुछ बीमारियां होने का खतरा भी बढ़ जाता है और इस लेख में हम आपको इन्हीं बीमारियों व उनसे बचाव के बारे में बात करेंगे।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : January 11, 2026 4:24 PM IST

Cancer Risk in Women Over 30: उम्र बढ़ने के साथ-साथ शरीर में कई बदलाव आने लगते हैं और खासतौर पर महिलाओं के शरीर में 30 की उम्र के बाद कई तरह के हार्मोनल व मेटाबॉलिज बदलाव होने लगते हैं। लेकिन कुछ बदलाव सिर्फ उम्र के कारण ही नहीं आते बल्कि जीवनशैली से जुड़ी कुछ खराब आदतों के कारण भी ऐसा होने लगता है।ऐसे में न सिर्फ बीमारियां, बल्कि कुछ तरह के कैंसर का जोखिम भी महिलाओं में धीरे-धीरे बढ़ सकता है। हालांकि अच्छी बात यह है अगर आप आज से ही ध्यान दें और लाइफस्टाइल में कुछ जरूरी बदलाव करें तो इस खतरे को काफी हद तक कम कर सकती हैं। तो आइए जानते हैं 30 के बाद किन 4 कैंसर का खतरा बढ़ सकता है और उनसे बचाव कैसे किया जाएगा।

ब्रेस्ट कैंसर

आज के समय में अधिकतर महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर का ही डर सता रहा है। असल में 30 के बाद महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम बढ़ जाता, खासकर अगर परिवार में पहले किसी को कैंसर होना या आपकी लाइफस्टाइल असंतुलित होना दोनों ही इस जानलेवा बीमारी के खतरे को बढ़ाती है। ऐसे में आप इस खतरे को कम करने के लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज करें, वजन नियंत्रित रखें, शराब और स्मोकिंग न करें। संतुलित आहार लें और समय-समय पर सेल्फ एग्जामिनेशन व मेडिकल चेकअप कराती रहें, ताकि समय से स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।

(और पढ़ें - ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षण)

सर्वाइकल कैंसर

सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं में होने वाला कैंसर है, जो आमतौर पर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस संक्रमण के कारण होता है। परेशानी की बात है कि यह कैंसर धीरे-धीरे विकसित होता है और शुरुआती लक्षणों से आप इसका पता भी नहीं लगा सकते हैं। इससे बचने के लिए आप सुरक्षित यौन गतिविधियां अपनाएं, पर्सनल हाइजीन का ध्यान रखें और डॉक्टर की सलाह से नियमित स्क्रीनिंग भी करवाएं। साथ ही लाइफस्टाइल में बदलाव लाएं और इम्यूनिटी को मजबूत रखने के लिए पौष्टिक आहार और पर्याप्त नींद लें।

(और पढ़ें - गर्भाश्य ग्रीवा के कैंसर के कारण)

कोलोरेक्टल कैंसर

आप इसे बड़ी आंत और मलाशय के कैंसर के रूप में पहचान सकते हैं, जो तब होता है जब आंत की अंदरूनी परत यानी म्यूकोसा की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं। 30 की उम्र के बाद खराब डाइट, फाइबर की कमी और शारीरिक निष्क्रियता इसके जोखिम को बढ़ा देते हैं, जिससे कोलोरेक्टल कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए आप फाइबर युक्त भोजन जैसे फल, सब्जियां और साबुत अनाज डाइट में शामिल करें। प्रोसेस्ड और जंक फूड का सेवन कम करें। रोजाना शारीरिक गतिविधियां करें और इन्हें दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

ओरल कैंसर

आज के समय में ओरल कैंसर का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। ओरल कैंसर को आम बोलचाल की भाषा में मुंह का कैंसर भी कहा जाता है, जो तब होता है जब मुंह के अंदर की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं। यह होंठ, जीभ, मसूड़े, गाल, तालु या गले के निचले हिस्से को प्रभावित करता है। तंबाकू, गुटखा, पान मसाला और स्मोकिंग जैसी चीजें ओरल कैंसर के खतरे को बढ़ाती हैं। 30 के बाद आपको इससे बचने के लिए तंबाकू और नशे से पूरी तरह दूरी बनाने का प्रयास करना चाहिए। मुंह की साफ-सफाई पर ध्यान देना चाहिए और किसी भी घाव या छाले को नजरअंदाज न करके डॉक्टर से चेकअप कराकर सही कारणों की पहचान करनी चाहिए।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।