
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Cancer Treatment in Hindi: बहुत सी बीमारियां धीरे-धीरे इसलिए खतरनाक बन जाती हैं, क्योंकि समय रहते लोगों को उस बीमारी की सही या पूर्ण जानकारी नहीं मिल पाती है। इसलिए कैंसर से प्रभावी रूप से बचाव और उसका इलाज करने के लिए इसके प्रति जागरूकता होना जरूरी है। आज विश्व कैंसर दिवस है और हर साल आज के दिन यह दिन इसलिए मनाया जाता है ताकि ताकि लोग कैंसर के बारे में जागरूक हों और इसे रोकने, सही समय पर इलाज कराने और मरीजों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएं। इस लेख में डॉक्टर क्रायोविवा लाइफ साइंसेस की मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अदिति कुंडू ने कैंसर डे के मौके पर इससे जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां दी और लोगों को जागरूक करने की कोशिश करते हुए बताया कि किस प्रकार से रीजेनरेटिव मेडिसिन कैंसर पेशेंट्स के जीवन में एक नई उम्मीद ला सकता है।
कैंसर न सिर्फ मरीज को शारीरिक रूप से बीमार बनाता है बल्कि मानसिक तौर पर भी गंभीर रूप से प्रभावित कर देता है। कीमोथेरेपी, रेडिएशन और सर्जरी अब भी मुख्य इलाज हैं, लेकिन मरीज की शारीरिक और मानसिक सेहत का ख्याल रखना भी जरूरी है। इसी काम में स्टेम सेल विज्ञान और रीजेनरेटिव मेडिसिन नई उम्मीद दे रहे हैं। ये तकनीकें इलाज के दौरान शरीर की कमजोरी कम करती हैं और मरीज की रिकवरी में मदद करती हैं। आज यह विज्ञान कैंसर देखभाल को सिर्फ बीमारी पर नहीं, बल्कि मरीज पर केंद्रित बना रहा है।
स्टेम सेल ऐसी खास कोशिकाएं हैं जो खुद को दोबारा बना सकती हैं और शरीर की अलग-अलग कोशिकाओं में बदल सकती हैं। कैंसर का इलाज अक्सर शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं को भी नुकसान पहुंचाता है और रोगी की इम्यूनिटी कमजोर कर देता है। स्टेम सेल इस नुकसान को ठीक करने में मदद करते हैं। ये खून की कोशिकाओं को बहाल करते हैं, इम्यून सिस्टम मजबूत करते हैं और ऊतक की रिकवरी में मदद करते हैं।
हेमेटोपोएटिक स्टेम सेल्स, जो बोन मैरो और अंबिलिकल कॉर्ड ब्लड से मिलते हैं, का उपयोग ब्लड कैंसर जैसे ल्यूकेमिया और लिम्फोमा में किया जाता है। शोध अब यह भी देख रहे हैं कि ये कोशिकाएं गंभीर कैंसर इलाज के बाद मरीजों की तेजी से रिकवरी में मदद कर सकती हैं।
मेडिकल साइंस मानता है कि गर्भनाल यानी अम्बिलिकल कॉर्ड ब्लड स्टेम सेल्स का एक सुरक्षित और भरोसेमंद स्रोत है। जन्म के समय इन्हें सुरक्षित रखना परिवारों के लिए भविष्य में इलाज का एक कीमती विकल्प हो सकता है। साइंस के इस फैक्ट की जानकारी हर परिवार को होनी चाहिए, ताकि भविष्य में होने वाली किसी ऐसे वक्त पर यह जानकारी जीवन बचाने में मदद कर सके।
रिसर्चों में यह भी पाया गया है कि स्टे सेल बेस्ड स्पोर्टिव थेरेपी मरीजों के जल्दी ठीक होने में मदद करने के साथ-साथ अस्पताल में भी कम समय तक रहने में मदद करती है। साथ ही कैंसर व उसके ट्रीटमेंट से होने वाली जटिलताओं को कम करने व मरीज द्वारा उन्हें अच्छे से मैनेज कर पाने में भी मदद कर सकती है। इसका मतलब है कि भविष्य में कैंसर का इलाज की ये पूरी प्रक्रिया और सुधर पाएगी और मरीजों को अनुभव और बेहद हो पाएगा।
क्रायोविवा लाइफ साइंसेज स्टेम सेल और रीजेनेरेटिव मेडिसिन के बारे में जागरूकता बढ़ाने और नई तकनीकों को समर्थन देने के लिए काम कर रही है। इसका उद्देश्य है कि परिवार सही जानकारी के आधार पर स्वास्थ्य संबंधी फैसले लें। संगठन डॉक्टरों और शोधकर्ताओं के साथ मिलकर काम करता है ताकि सपोर्टिव केयर कैंसर इलाज का अहम हिस्सा बन सके।
कैंसर से लड़ाई सिर्फ बीमारी को खत्म करने तक नहीं है। स्टेम सेल और रीजेनेरेटिव मेडिसिन अब एक नए युग की शुरुआत कर रहे हैं, जो मरीजों को तेजी से ठीक होने, मजबूत रहने और बेहतर जीवन जीने का मौका देता है। ये नई तकनीकें मरीजों और उनके परिवारों के लिए नई उम्मीद लेकर आई हैं।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।