
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
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Cancer Report: कैंसर दुनियाभर में होने वाली मौतों का एक प्रमुख कारण है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, साल 2024 में कैंसर से लगभग एक करोड़ लोगों की मौत हुई थी। फेफड़ों, स्तन, कोलन और प्रोस्टेट कैंसर सबसे आम कैंसरों में शामिल हैं, जो आमतौर पर तंबाकू-शराब के सेवन और मोटापे की वजह से होते हैं। इसके अलावा, वायु प्रदूषण भी फेफड़ों के कैंसर के जोखिम को बढ़ाता है। कैंसर शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकता है और अन्य अंगों तक फैल सकता है। इसलिए कैंसर का समय पर इलाज कराना जरूरी है। कैंसर को लेकर लोगों के मन में डर बना हुआ है, इसी बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कैंसर को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। संगठन के अनुसार, साल 2050 तक कैंसर के मामलों में तेजी देखने को मिल सकती है।
WHO की Global Status Report on Cancer 2026 के अनुसार, अगर कैंसर के मामले इसी तरह से बढ़ते रहे तो नए मामलों की संख्या लगभग दोगुनी हो सकती है। 2050 तक कैंसर के नए मामलों में करीब 70% वृद्धि हो सकती है और कैंसर के नए मरीजों का आंकड़ा 3.5 करोड़ (35 मिलियन) तक पहुंच सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानना है कि बढ़ती आबादी, तंबाकू-शराब का सेवन, मोटापा, शारीरिक गतिविधि की कमी और अस्वस्थ खान-पान कैंसर के मामलों को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।
WHO के अनुसार, कैंसर सिर्फ एक स्वास्थ्य समस्या नहीं है। बल्कि, जानलेवा है और इसका परिवार-समाज पर गहरा प्रभाव पड़ता है। संगठन के आंकड़ों की बात करें तो दुनियाभर में हर दिन 26 हजार से ज्यादा लोगों की मौत सिर्फ कैंसर की वजह से होती है। वहीं, लाखों कैंसर मरीजों के परिवार को इलाज के लिए मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। अगर कैंसर का समय पर जांच और इलाज किया जाए, तो कई कैंसर मरीजों की जान बचाई जा सकती है।
WHO का मानना है कि कैंसर के कई मामलों को रोका जा सकता है। इसके लिए कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है-
Disclaimer: WHO का अनुमान है कि आने वाले सालों में कैंसर के नए मामलों में तेजी से वृद्धि हो सकती है। इसलिए कैंसर से बचाव के लिए जरूरी कदम उठाना बहुत जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन यह भी बताता है कि कैंसर से हर दिन 26 हजार लोगों की जान चली जाती है, जो बेहद चिंताजनक है।