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Cancer in Women: आज (10 मई) पूरी दुनिया में मदर्स डे (Mother's Day 2020) मनाया जा रहा है। यह दिवस मई महीने के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। मदर्स डे (Mother’s Day 2020) मनाने का उद्देश्य अपनी मां के प्यार और ममता के प्रति बच्चों को जागरूक करना है। मां बच्चों की देखभाल में सारा समय व्यतीत कर देती है, लेकिन खुद का ख्याल नहीं रख पाती। ऐसे में हर एक बच्चे का फर्ज बनता है कि वे अपनी मां का ख्याल रख सकें। मदर्स डे (Mother’s Day) के मौके पर आज हम आपको महिलाओं में होने वाले कुछ कैंसर (Cancer in Women) के बारे में बताएंगे, ताकि आप अपनी मां को इन जानलेवा कैंसर के खतरे से बचाव कर सकें। जानें, महिलाओं (Cancer in Women) में होने वाले तीन जानलेवा कैंसर के बारे में-
आधुनिक जीवनशैली के चलते स्तन कैंसर (Breast Cancer) का खतरा काफी बढ़ रहा है। आमतौर पर स्तन (Cancer in Women) कैंसर 45 से 50 साल की अवस्था में महिलाओं को होता था, लेकिन अस्वस्थ्य जीवनशैली के कारण ये उम्र घटकर 25 से 30 साल हो गई है। ब्रेस्ट कैंसर पुरुषों को भी होता है, लेकिन महिलाओं में इसकी संभावना अधिक होती है, क्योंकि महिलाओं की छाती में टिशू ज्यादा होते हैं। इस कारण महिलाओं को इस बारे में जागरूक होना जरूरी हो जाता है। महिलाओं की छाती के आसपास गांठ बन जाती है और फिर ये धीरे-धीरे बढ़ते हुए कैंसर का रूप ले लेती है।
सर्वाइकल कैंसर सर्विक्स से उभरने वाला कैंसर है। यह कैंसर ऐसी कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि की वजह से होता है, जो शरीर के अन्य हिस्सों में पहुंच सकती हैं। शुरुआत में कोई लक्षण दिखाई नहीं देता है, इसलिए अक्सर इसकी पहचान करने में देर हो जाती है, जिसके बाद इलाज करने में समस्याएं आती हैं।
ओवेरियन कैंसर तब होता है, जब महिला की दोनों ओवरीज में सेल्स बहुत तेजी से बढ़ने लगती हैं, जिससे हेल्दी टिशूज डैमेज हो जाते हैं। इससे जुड़े जोखिमों के प्रमुख कारणों में बढ़ती उम्र, प्रजनन क्षमता की कमी, ओवरियन कैंसर का पारिवारिक इतिहास, स्तन कैंसर का व्यक्तिगत इतिहास, 30 से अधिक बीएमआई, मासिक धर्म की जल्दी शुरुआत और देर से मेनोपॉज आदि शामिल हैं।
अखरोट स्तन कैंसर कोशिकाओं में एस्ट्रोजेन रिसेप्टर्स को रोकने में सक्षम हैं। एक अध्ययन में पाया गया कि यह कैंसर कोशिकाओं के विकास को धीमा कर रहे हैं। यह प्रोस्टेट कैंसर से भी बचाता है।
अदरक में पाए जाने वाले एंटी-ऑक्सीडेंट्स कैंसर के सेल्स से लड़ने में मदद करते हैं। नियमित रूप से अदरक खाने से कैंसर होने की संभावना काफी हद तक कम होती है। इसके अलावा, अदरक कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी कम करता है। यह खून का थक्का जमने से रोकता है। इसमें एंटी फंगल और कैंसर के प्रति प्रतिरोधी गुण भी पाए जाते हैं।
लहसुन का सेवन करने से कैंसर कोशिकाएं जल्दी खत्म होती हैं और डीएनए जल्दी रिपेयर होते हैं। लहसुन में एच. पाइलोरी सहित अन्य बैक्टीरिया से लड़ने वाले एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो अल्सर व पेट के कैंसर का कारण बनते हैं। लहसुन का पूरा फायदा पाने के लिए लहसुन की कुछ लौंग छील लें और पकाने से पहले 15 से 20 मिनट के लिए बाहर खुले में रहने दें। ऐसा करने से इसके सल्फर वाले एंजाइम सक्रिय और यौगिक मुक्त हो जाते हैं। लहसुन कैंसर के खतरे को रोकने या कम करने के लिए ‘ऐलीअम’ परिवार में सबसे ऊपर आता है।
सभी क्रूसिफेरस वेजीज (फूलगोभी, गोभी, ब्रोकली) में कैंसर से लड़ने वाले गुण होते हैं, लेकिन ब्रोकली एकमात्र ऐसी सब्जी है, जिसमें बड़ी मात्रा में सल्फोराफेन होता है, जो विशेष रूप से शक्तिशाली यौगिक है। यह शरीर के सुरक्षात्मक एंजाइम्स को बढ़ाता है और कैंसर पैदा करने वाले रसायनों को बाहर निकालता है।
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