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Cancer in Women: मदर्स डे पर जानें महिलाओं में होने वाले 3 जानलेवा कैंसर के लक्षण और डायट

मदर्स डे (Mother’s Day) के मौके पर आज हम आपको महिलाओं में होने वाले कुछ कैंसर (Cancer in Women) के बारे में बताने जा रहे हैं, ताकि आप अपनी मां का इन जानलेवा कैंसर से बचाव कर सकें। आइए बात करते हैं महिलाओं (Cancer in Women) में होने वाले तीन जानलेवा कैंसर के बारे में-

Cancer in Women: मदर्स डे पर जानें महिलाओं में होने वाले 3 जानलेवा कैंसर के लक्षण और डायट
Cancer is the second leading cause of death globally, after cardiovascular diseases (CVDs). Cancer is defined as a group of diseases characterized by uncontrolled growth and spread of abnormal cells. As per estimates, cancer affects women less frequently than men – one in two men will develop some form of the disease in a lifetime, compared with one in three women. Also, women are known to survive the disease more often than men. Some attribute these differences to the fact that many of the lifestyle-related risk factors for cancer, such as smoking, drinking and eating fatty foods, are more prevalent among men than women. Studies also indicate that genetic differences between males and females may account for some of the imbalance. But there are some cancers that only affect women because they develop in a woman’s reproductive system, which includes the uterus, fallopian tubes, ovaries, cervix, vagina and vulva. Below are 5 most common cancers among women and the risk factors associated with them:

Written by Kishori Mishra |Updated : May 10, 2020 8:16 AM IST

Cancer in Women: आज (10 मई) पूरी दुनिया में मदर्स डे (Mother's Day 2020) मनाया जा रहा है। यह दिवस मई महीने के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। मदर्स डे (Mother’s Day 2020) मनाने का उद्देश्य अपनी मां के प्यार और ममता के प्रति बच्चों को जागरूक करना है। मां बच्चों की देखभाल में सारा समय व्यतीत कर देती है, लेकिन खुद का ख्याल नहीं रख पाती। ऐसे में हर एक बच्चे का फर्ज बनता है कि वे अपनी मां का ख्याल रख सकें। मदर्स डे (Mother’s Day) के मौके पर आज हम आपको महिलाओं में होने वाले कुछ कैंसर (Cancer in Women) के बारे में बताएंगे, ताकि आप अपनी मां को इन जानलेवा कैंसर के खतरे से बचाव कर सकें। जानें, महिलाओं (Cancer in Women) में होने वाले तीन जानलेवा कैंसर के बारे में-

ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer)

आधुनिक जीवनशैली के चलते स्तन कैंसर (Breast Cancer) का खतरा काफी बढ़ रहा है। आमतौर पर स्तन (Cancer in Women) कैंसर 45 से 50 साल की अवस्था में महिलाओं को होता था, लेकिन अस्वस्थ्य जीवनशैली के कारण ये उम्र घटकर 25 से 30 साल हो गई है। ब्रेस्ट कैंसर पुरुषों को भी होता है, लेकिन महिलाओं में इसकी संभावना अधिक होती है, क्योंकि महिलाओं की छाती में टिशू ज्यादा होते हैं। इस कारण महिलाओं को इस बारे में जागरूक होना जरूरी हो जाता है। महिलाओं की छाती के आसपास गांठ बन जाती है और फिर ये धीरे-धीरे बढ़ते हुए कैंसर का रूप ले लेती है।

स्तन कैंसर के लक्षण (Symptoms of Breast Cancer) 

  • किसी स्तन में या बाहों के नीचे गांठ।
  • किसी स्तन के आकार, आकृति या ऊंचाई में अचानक कोई बदलाव दिखना।
  • स्तन या निप्पल का लाल हो जाना।
  • स्तन से साफ या खून जैसे द्रव का बहना।
  • ब्रेस्ट कैंसर से बुजुर्ग महिलाएं भी सुरक्षित नहीं हैं।
  • स्तन के टिश्यू या त्वचा का ज्यादा समय तक सख्त बने रहना।
  • स्तन या निप्पल की त्वचा पर कुछ अलग दिखना या अनुभव होना।

सर्वाइकल कैंसर या गर्भाशय कैंसर (Cervical Cancer)

सर्वाइकल कैंसर सर्विक्स से उभरने वाला कैंसर है। यह कैंसर ऐसी कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि की वजह से होता है, जो शरीर के अन्य हिस्सों में पहुंच सकती हैं। शुरुआत में कोई लक्षण दिखाई नहीं देता है, इसलिए अक्सर इसकी पहचान करने में देर हो जाती है, जिसके बाद इलाज करने में समस्याएं आती हैं।

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सर्वाइकल कैंसर के लक्षण ( Symptoms of Cervical Cancer)

  • योनि से असामान्य रक्तस्राव
  • मेनरेजी (असामान्य रूप से अधिक या लंबे समय तक चलने वाला मासिक धर्म)
  • पोस्ट-कोइटल (यौन संबंध बनाने के बाद) रक्तस्राव
  • मासिक धर्म के बाद रक्तस्राव
  • योनि से बदबूदार स्राव
  • वजन कम होना

ओवेरियन कैंसर (Ovarian cancer)

ओवेरियन कैंसर तब होता है, जब महिला की दोनों ओवरीज में सेल्स बहुत तेजी से बढ़ने लगती हैं, जिससे हेल्दी टिशूज डैमेज हो जाते हैं। इससे जुड़े जोखिमों के प्रमुख कारणों में बढ़ती उम्र, प्रजनन क्षमता की कमी, ओवरियन कैंसर का पारिवारिक इतिहास, स्तन कैंसर का व्यक्तिगत इतिहास, 30 से अधिक बीएमआई, मासिक धर्म की जल्दी शुरुआत और देर से मेनोपॉज आदि शामिल हैं।

ओवेरियन कैंसर के लक्षण (Symptoms of Ovarian Cancer)

  • पेट में समस्या
  • पाचन में समस्या
  • खाने के बाद पेट फूलना
  • पेट में दर्द
  • ब्लैडर बाउल फंक्शन में बदलाव
  • कम भूख लगना

कैंसर से बचाव के लिए सही डायट (Diet For Cancer)

अखरोट

अखरोट स्तन कैंसर कोशिकाओं में एस्ट्रोजेन रिसेप्टर्स को रोकने में सक्षम हैं। एक अध्‍ययन में पाया गया कि यह कैंसर कोशिकाओं के विकास को धीमा कर रहे हैं। यह प्रोस्‍टेट कैंसर से भी बचाता है।

अदरक

अदरक में पाए जाने वाले एंटी-ऑक्‍सीडेंट्स कैंसर के सेल्‍स से लड़ने में मदद करते हैं। नियमित रूप से अदरक खाने से कैंसर होने की संभावना काफी हद तक कम होती है। इसके अलावा, अदरक कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी कम करता है। यह खून का थक्का जमने से रोकता है। इसमें एंटी फंगल और कैंसर के प्रति प्रतिरोधी गुण भी पाए जाते हैं।

लहसुन

लहसुन का सेवन करने से कैंसर कोशिकाएं जल्‍दी खत्‍म होती हैं और डीएनए जल्‍दी रिपेयर होते हैं। लहसुन में एच. पाइलोरी सहित अन्य बैक्टीरिया से लड़ने वाले एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो अल्सर व पेट के कैंसर का कारण बनते हैं। लहसुन का पूरा फायदा पाने के लिए लहसुन की कुछ लौंग छील लें और पकाने से पहले 15 से 20 मिनट के लिए बाहर खुले में रहने दें। ऐसा करने से इसके सल्फर वाले एंजाइम सक्रिय और यौगिक मुक्त हो जाते हैं। लहसुन कैंसर के खतरे को रोकने या कम करने के लिए ‘ऐलीअम’ परिवार में सबसे ऊपर आता है।

ब्रोकली

सभी क्रूसिफेरस वेजीज (फूलगोभी, गोभी, ब्रोकली) में कैंसर से लड़ने वाले गुण होते हैं, लेकिन ब्रोकली एकमात्र ऐसी सब्जी है, जिसमें बड़ी मात्रा में सल्फोराफेन होता है, जो विशेष रूप से शक्तिशाली यौगिक है। यह शरीर के सुरक्षात्मक एंजाइम्स को बढ़ाता है और कैंसर पैदा करने वाले रसायनों को बाहर निकालता है।

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