
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Published : September 29, 2019 3:44 PM IST
Cutting on sugar seems like an easy weight loss idea but it may have a downside. © Shutterstock
शक्कर या शुगर (Sugar) को मीठा ज़हर कहा जाता है क्योंकि यह बहुत-सी हेल्थ प्रॉब्लम्स और बीमारियों का खतरा पैदा करती है। कुछ समय पहले से यह विवाद तेज़ हो गया है कि शक्कर खाने (Excessive Sugar consumption) से कैंसर का खतरा भी बढ़ता है। हालांकि इसे पूरी तरह से सही या ग़लत नहीं कहा जा सकता है। शक्कर को एनर्जी देने वाला फूड माना जाता है और ऐसे तर्क दिए जा रहे हैं कि शक्कर कैंसरस सेल्स को भी शक्ति देता है और उन्हें शरीर में विकसित होने में मदद करता है। कम्बाला हिल हॉस्पिटल, मुंबई की कंसल्टेंट डायटिशन निती देसाई का कहना है कि शक्कर के बुरे प्रभावों के बारे में बात करें, तो शक्कर तम्बाकू से कम नहीं है। यह शरीर में जलन और सूजन जैसी समस्याएं बढ़ाता है। शक्कर की अधिक मात्रा से शरीर में इंसुलिन की मात्रा बढ़ा देता है और वजन बढ़ने लगता है। ये दोनों ही स्थितियां कैंसर के अनुकूल होती हैं। (Side Effects of Dietary Sugar)
एक स्टडी में ऐसे संकेत दिए गए हं कि डायटरी शुगर का सेवन और बड़ी उम्र की महिलाओं को होने वाले ब्रेस्ट कैंसर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। शक्कर का अधिक सेवन खून में इंसुलिन की मात्रा बढ़ा देता है। अगर आप बहुत अधिक मात्रा में शक्कर का सेवन करते हैं, तो आपके शरीर को अधिक इंसुलिन की ज़रूरत पड़ेगी, और इस तरह आपका शरीर इंसुलिन को रेग्यूलेट नहीं कर पाएगा। ऐसे में ब्रेस्ट कैंसर की संभावना ऐसी महिलाओं में बढ़ जाती है जो डायबिटीज़ की मरीज़ हैं।
इसी तरह एक और स्टडी में यह बात सामने आयी कि गन्ने के रस से बनने वाली शक्कर में मौजूद तत्व शुक्रोज़, मुख्य रुप से कम उम्र के पुरुषों में कोलोन कैंसर का खतरा बढ़ाता है।