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Early signs and symptoms of cancer: भारत में कैंसर के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के विशेषज्ञों ने 2025 में भारत में कैंसर के मामलों में 12.8 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान लगाया है। फिलहाल भारत में, नौ में से एक व्यक्ति को अपने जीवनकाल में कैंसर होने की संभावना है। डॉ. जे. बी. शर्मा, डायरेक्टर, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, एक्शन कैंसर हॉस्पिटल, दिल्ली कैंसर से संबंधित लोगों को संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो सके इसलिए जागरूकता के उद्देश्य से हर साल 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है। ऐसे में कैंसर से संबंधित जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है, जिससे लक्षणों पर ध्यान देकर सही समय पर इलाज के माध्यम से कैंसर से बचा जा सकता है। इसलिए आज के लेख में हम एक्सपर्ट से समझने का प्रयास करेंगे कि आखिर किस प्रकार से कैंसर से बचा जा सकता है:
सबसे पहले आपको कैंसर जैसी घातक बीमारी के बारे में समझना अत्यंत आवश्यक है। कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं और शरीर के अन्य अंगों में फैलने लगती हैं। यह बीमारी शरीर के किसी भी अंग में हो सकती है, जैसे कि फेफड़े, स्तन, प्रोस्टेट और आंत। अगर उनके लक्षणों की बात करें तो यह विभिन्न प्रकार के हो सकते हैं जैसे: अनियंत्रित वजन घटाना, थकान और कमजोरी, दर्द और सूजन, खांसी और सांस लेने में परेशानी, पेट में दर्द और उल्टी, त्वचा पर असामान्य बदलाव, स्तन में गांठ या सूजन, पेशाब में परेशानी या दर्द, आंत में परेशानी या दर्द जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
आजकल लोगों में अस्वस्थ आहार, अनियमित जीवनशैली, धूम्रपान, तंबाकू का सेवन, वायरल संक्रमण, अनुवांशिक कारण, विकिरण के संपर्क में आना और हार्मोनल असंतुलन के कारण कैंसर होने की संभावना बनी रहती है। इसलिए कैंसर के लक्षणों पर ध्यान देकर तुरंत डॉक्टर से परामर्श करना बहुत जरूरी है। इसका इलाज विभिन्न प्रकार से किया जाता है जिसमें सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, हार्मोन थेरेपी प्रमुख हैं। अगर हम सर्जरी की बात करें तो, कैंसर की कोशिकाओं को हटाने के लिए सर्जरी की जाती है। कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी और हार्मोन थेरेपी में कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है। इसके अलावा मरीजों की स्थिति के अनुसार डॉक्टर इलाज करते हैं।
कैंसर की रोकथाम के लिए सबसे पहले स्वस्थ आहार और जीवनशैली को अपनाना आवश्यक है। इसके अलावा धूम्रपान और तंबाकू का सेवन न करें, प्रदूषण से बचने का प्रयास करें, समय-समय पर अपने स्वास्थ्य की जांच करते रहें और किसी भी प्रकार के लक्षणों के दिखाई पड़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।