... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
मुझे यकीन है कि आपने इस आर्टिकल की हेडलाइन या शीर्षक पढ़ने से पहले शायद ही आपने इस बारे में बहुत कुछ सोचा होगा। आप खुद कल्पना कीजिए: नाखून और लीवर, क्या आपने कभी सोचा था कि इन दोनों के बीच कोई विशेष संबंध होगा? लेकिन मानव शरीर के बारे में आश्चर्यजनक बात यही है कि उसमें सब कुछ एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और हां, आपके नाखून आपके लीवर की सेहत का संकेत दे सकते हैं।
ऐसी स्टडीज हैं जो हमें बताती हैं कि नाखूनों में परिवर्तन एक ख़राब लीवर या इस अंग से जुड़ी किसी गड़बड़ी का संकेत हो सकता है जो जानलेवा भी हो सकता है। दरअसल, 2010 में जर्नल ऑफ यूरोपियन एकेडमी ऑफ डर्मटॉलजी एंड वेनेरोलॉजी में छपी एक स्टडी में बताया गया कि नाखूनों में परिवर्तन लीवर की सेहत को सेहत की तरफ ध्यान देने का एक बड़ा संकेत है। नाखूनों में परिवर्तन लीवर सिरोसिस (liver cirrhosis), हेपेटाइटिस सी वायरस (hepatitis C virus) और हेपेटाइटिस बी (hepatitis B virus) वायरस इंफेक्शन जैसी लीवर से जुड़ी विभिन्न बीमारियों का एक लक्षण है। लीवर की परेशानियां नाखूनों के अलावा त्वचा के विभिन्न भागों को प्रभावित करती हैं।
स्टडी में 100 मरीज़ शामिल थे, जो एचसीवी, एचबीवी और लीवर सेल फेलियर जैसी समस्याओं से पीड़ित थे और कुछ कंट्रोल ग्रुप में थे। इन्हें दो ग्रुप्स में बांटा गया और दोनों समूहों में शामिल रोगियों का मेडिकल इतिहास देखा गया और उनके पूरे शरीर की सामान्य जांच, पूर्ण ब्लड पिक्चर, हेपेटाइटिस बी एंटीजेन, हेपेटाइटिस सी एंटीबॉडी, लीवर के काम करने के तरीके का टेस्ट, पेट की अल्ट्रासोनोग्राफी और पीसीआर और लीवर रोग की जांच की गयी। साथ ही दोनों समूहों के नाखूनों की भी जांच की गई।
यह देखा गया कि नियंत्रण समूह (35%) की तुलना में रोगी समूह (68%) के लोगों के नाखूनों में ज़्यादा बदलाव हुए थे। नाखून में इंफेक्शन, इंटीकॉमीसिस (नाखूनों का एक फंगल इंफेक्शन) सबसे ज़्यादा यानि 18% मरीज़ों में देखा गया जबकि नियंत्रण ग्रुप में यह आंकड़ा 10% का था। इनकामोइकोसिस के अलावा, जो अन्य समस्याएं लीवर की बीमारियों से पीड़ित लोगों में देखी गयीं वह थीं- लान्जिटूडनल स्ट्रिएशन (longitudinal striations), कमज़ोर नाखून, उंगलियों के जोड़ों का मोटा होना, डिस्ट्रॉफिक नेल (dystrophic nails), ल्यूकोनीका (leukonychia) और लान्जिटूडनल मेलानोनीचिया (longitudinal melanonychia), यह एक प्रकार का फंगल इंफेक्शन है जिसमें नाखून काले पड़ जाते हैं।
इस प्रकार अध्ययन ने निष्कर्ष निकाला कि न केवल लीवर सिरोसिस के रोगियों के नाखूनों में परिवर्तन होता है बल्कि एचसीवी और एचबीवी इंफेक्शन वाले लोगों में यह समस्या देखी जाती है। लीवर से जुड़े इन आम इंफेक्शन का इलाज आप किसी जनरल फिजिशियन या डर्मटॉलजिस्ट की मदद से कर सकते हैं।
Read this in English
अनुवादक:Sadhana Tiwari
चित्रस्रोत: Shutterstock
संदर्भ:1: Salem A, Gamil H, Hamed M, Galal S. Nail changes in patients with liver disease. J Eur Acad Dermatol Venereol. 2010 Jun;24(6):649-54. doi: 10.1111/j.1468-3083.2009.03476.x. Epub 2009 Nov 2. PubMed PMID: 19888943.