
Also Read
Can you Get a heart attack while sleeping : आज के समय में कम उम्र के लोगों को भी हार्ट अटैक आ रहा है, यह काफी लोगों के बीच एक चिंता का विषय बना हुआ है। हार्ट अटैक आने के पीछे कई कारण होते हैं, जिसमें खराब लाइफस्टाइल, बदलता वातावरण, धूम्रपान, काफी ज्यादा फिजिकल एक्विटीज करना इत्यादि हो सकता है। वहीं, हार्ट अटैक दिन, रात और सुबह किसी भी वक्त आ सकता है। कुछ लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या सोते समय हार्ट अटैक आ सकता है? अगर आपके मन में भी इस तरह का सवाल है, तो इस लेख में हम आपके इस सवालों के जबाव देंगे। इस विषय की जानकारी के लिए हमने न्यूबर्ग डायग्नोसिस सेंटर के कंसल्टेंट पैथोलॉजिस्ट डॉक्टर आकाश शाह से बातचीत की है। आइए जानते हैं डॉक्टर से क्या सोते समय हार्ट अटैक आ सकता है या नहीं?
डॉक्टर आकाश का कहना है कि सोते समय हार्ट अटैक आ सकता है। हालांकि, ये स्थिति जगने की तुलना में या एक्टिव होने की तुलना में कम देखने को मिलती है। आइए डॉक्टर से जानते हैं सोते समय हार्ट अटैक आने के कुछ कारणों के बारे में-
डॉक्टर का कहना है कि कोरोनरी आर्टरी डिजीज से जूझ रहे मरीजों को सोते समय हार्ट अटैक आ सकता है। दरअसल, नींद के दौरान हार्ट अटैक आने का मुख्य कारण कोरोनरी आर्टरी डिजीज जैसी स्थितियां हो सकती हैं, जिसकी वजह से हार्ट में ब्लड सर्कुलेशन सीमित हो जाता है। ऐसे में हार्ट अटैक आने की संभावना बढ़ जाती है।
नॉक्टर्नल एनजाइना (nocturnal angina) नामक स्थिति की वजह से भी सोते समय हार्ट अटैक आ सकता है। यह ऐसी स्थिति है, जिसमें हृदय में ऑक्सीजन की आपूर्ति होने लगती है। इस स्थिति में मरीजों को सीने में दर्द और नींद के दौरान हार्ट अटैक आना जैसी परेशानी हो सकती है।
नींद में हार्ट अटैक आने का एक अन्य कारण स्लीप एपनिया हो सकता है। यह एक विकार है, जिसमें नींद के दौरान मरीजों का सांस बार-बार रुकती रहती है। यह हृदय में ऑक्सीजन के प्रवाह को बाधित करता है, जिससे हार्ट संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
दरअसल, जब हृदय को कम ऑक्सीजन के स्तर के कारण अधिक मेहनत करनी पड़ती है, तो इससे हार्ट अटैक आ सकता है। मुख्य रूप से हाई कोलेस्ट्रॉल, उच्च ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी स्थितियों में इसका खतरा अधिक रहता है।
Also Read: इन 9 लक्षणों से समझ जाएं 2 दिनों में आ सकता है हार्ट अटैक
हार्ट अटैक के जोखिम को कम करने के लिए सही दवाएं, बेहतर आहार और नियमित रूप से एक्सरसाइज करें। इसके साथ-साथ अगर आपको किसी तरह का हार्ट डिजीज है, तो नियमित रूप से अपना चेकअप कराना बिल्कुल भी न भूलें।