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Kya Periods Mai Blood Test Karwa Sakte Hain: पीरियड्स हर महिला के जीवन का एक सामान्य हिस्सा हैं। इस दौरान शरीर में कई बदलाव होते हैं जैसे हार्मोनल उतार-चढ़ाव, ब्लीडिंग, थकान और अक्सर दर्द भी। ऐसे में अक्सर मन में सवाल उठता है कि 'क्या इन दिनों में ब्लड टेस्ट करवाना सही रहेगा?' या 'इसे टाल देना चाहिए?' असल में इसका जवाब सीधा हां या ना नहीं है।
कुछ टेस्ट पीरियड्स के दौरान भी बिना किसी समस्या के हो सकते हैं, वहीं कुछ टेस्ट ऐसे हैं जिन्हें इन दिनों टालना बेहतर होता है ताकि रिजल्ट ज्यादा सटीक आए। इसका सही-सही जवाब जानने के लिए हमने सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर रीता बक्शी से बात की और जाना कि इन दोनों स्थितियों में क्या करना चाहिए।
रूटीन टेस्ट सुरक्षित हैं – जैसे ब्लड शुगर, लिवर फंक्शन, किडनी फंक्शन या CBC। इनका पीरियड्स से कोई असर नहीं पड़ता, इसलिए इन्हें कभी भी कराया जा सकता है।
थायराइड और कोलेस्ट्रॉल टेस्ट – इनकी रिपोर्ट्स हार्मोनल बदलाव से प्रभावित नहीं होतीं। अगर डॉक्टर ने कहा है तो पीरियड्स में भी ये टेस्ट करवाने में कोई दिक्कत नहीं।
इमरजेंसी की जरूरत – अगर किसी बीमारी के इलाज या सर्जरी के लिए तुरंत रिपोर्ट चाहिए, तो पीरियड्स रुकने का इंतज़ारकरना समझदारी नहीं होगी।
हार्मोन टेस्ट का सही समय – कुछ टेस्ट जैसे FSH, LH और AMH को पीरियड्स के पहले या दूसरे दिन ही कराया जाता है, क्योंकि इन्हीं दिनों में उनका सही रिजल्ट मिलता है।
हेल्थ चेकअप पैकेज – अगर आपने पूरा बॉडी चेकअप बुक किया है, तो डॉक्टर इसे रोकने की सलाह नहीं देते। पीरियड्स इस पर कोई बड़ा असर नहीं डालते।
हीमोग्लोबिन और आयरन लेवल पर असर – ब्लीडिंग के कारण रिपोर्ट सामान्य से कम आ सकती है और यह भ्रम पैदा कर सकती है कि शरीर में खून की कमी है।
विटामिन लेवल टेस्ट – विटामिन D और B12 जैसे टेस्ट में हल्की गड़बड़ी दिख सकती है, जो आपके वास्तविक स्तर को सही तरह से नहीं बताती।
ब्लड क्लॉटिंग और इंफ्लेमेशन टेस्ट – पीरियड्स में खून का नेचर बदलता है, जिससे इनकी रिपोर्ट्स सटीक न हों।
आराम और सुविधा की समस्या – इस समय कई महिलाएं थकान, ऐंठन और कमजोरी महसूस करती हैं, जिससे टेस्ट कराना असुविधाजनक लग सकता है।
जरूरी न होने पर इंतजार करें – अगर टेस्ट तुरंत जरूरी नहीं है, तो पीरियड्स खत्म होने के 3–4 दिन बाद करवाना बेहतर रहेगा। इससे रिपोर्ट ज्यादा सही और भरोसेमंद होगी।
डॉक्टर ने बतया कि 'महिला का शरीर अलग तरह से रिएक्ट करता है। कुछ के लिए पीरियड्स में ब्लड टेस्ट कराना आसान होता है, जबकि कुछ के लिए यह थकाऊ और गलत रिज़ल्ट देने वाला हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि पहले टेस्ट का प्रकार समझें और फिर तय करें कि यह अभी कराना सही होगा या कुछ दिन बाद। सबसे अच्छा उपाय यही है कि डॉक्टर से सलाह लेकर सही समय तय किया जाए। सही टेस्ट सही समय पर करवाने से ही आपकी सेहत की पूरी और असली तस्वीर सामने आती है।'