
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Medically Verified By: Dr. Nandini Baruah
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मानसून में कई सडकें और गलियां ऐसी होती हैं, जहां पानी भरा रहता है और आपको कहीं भी आवाजाही करते समय इस पानी से गुजरना पड़ सकता है। हमें लगता है कि बस 5-10 मिनट की ही बात है, एक बार गंदे पानी से होकर निकल जाएंगे, तो फिर पैरों को साफ पानी से धोकर अपने काम में वापस व्यस्त हो जाएंगे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गंदे पानी में आपके ये 10 मिनट स्किन को कितना नुकसान पहुंचा सकते हैं?
कैसे? यह जानने के लिए हमने मैक्स मल्टी स्पेशियलिटी सेंटर, पंचशील पार्क की कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर नंदिनीबरुआ से बात की। उन्होंने बताया कि लगभग 10 मिनट तक गंदे या दूषित पानी में चलने से अपने आप स्किन इन्फेक्शन नहीं होता है। लेकिन कुछ स्थितियों में यह इंफेक्शन का खतरा बढ़ा सकता है। कब और कैसे? आइए इस विषय पर हम डॉक्टर से ही जानते हैं।
डॉक्टर बताती हैं कि स्किन की सबसे बाहरी परत, जिसे स्किन एपिथेलियम कहा जाता है, पर्यावरण में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया, फंगस और अन्य सूक्ष्मजीवों के खिलाफ एक मजबूत प्राकृतिक सुरक्षा कवच का काम करती है। जब तक स्किन सुरक्षित, स्वस्थ और किसी भी कट, घाव या चोट से मुक्त रहती है, तब तक यह गंदे पानी में रहने वाले कीटाणुओं को शरीर में घुसने से रोकने में बहुत असरदार होती है।
इसलिए अगर स्किन में कोई कट नहीं है और वह छिल या खराब नहीं हुई है, तो गंदे पानी के संपर्क में थोड़ी देर आने के बाद स्किन इन्फेक्शन होने की संभावना आम तौर पर कम होती है।
वहीं अगर हम गंदे पानी में चलने की बात करें तो डॉक्टर का कहना है, "हालांकि, अगर स्किन पर कोई खरोंच, कट, दरार, छाला या कीड़े के काटने का निशान हो या कोई अन्य घाव हो, तो स्थिति अलग होती है। ऐसे मामलों में, दूषित पानी में मौजूद बैक्टीरिया और फंगस इन जगहों से स्किन की गहरी परतों में घुस सकते हैं। जिससे इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।"
डॉक्टर सलाह देते हुए कहती हैं कि जिन लोगों को पहले से ही स्किन की कोई समस्या है, जैसे एक्जिमा या पुराने अल्सर, उन्हें भी ज्यादा सावधान रहना चाहिए क्योंकि उनकी स्किन की सुरक्षा परत पहले से ही कमजोर हो सकती है।
कई बार ऐसी स्थिति आती है कि न चाहते हुए भी हमें गंदे पानी से गुजरना पड़ता है, जिससे इंफेक्शन का खतरा पैदा हो जाता है। अगर आपके साथ ऐसा हो जाए तो क्या करें? आइए डॉक्टर से जानते हैं कि वह क्या सलाह देती हैं-
आजकल बाजार में कई ऐसे प्रोडक्ट आ गए हैं, जिन्हें पैरों या जूतों पर लगाकर बारिश के पानी से बचाया जा सकता है। इसमें वाटरप्रूफ सिलिकॉन शू कवर, डिस्पोजेबल प्लास्टिक शू कवर और जिपर वाले वाटरप्रूफ कवर शामिल हैं। यह बहुत ही फायदेमंद तरीका है अपने पैरों को सड़कों पर आने वाली नालियों के गंदे पानी से बचाने का।
डिस्क्लेमर: बारिश में जगह-जगह इकट्ठा होने वाले पानी से पूरी तरह बच पाना मुश्किल है। ऐसे में आप कोशिश करें कि चोट ठीक होने पर ही घर से बाहर निकलें। इसके अलावा अगर आपके पैर पूरी तरह स्वस्थ हैं, तो थोड़ी देर गंदे पानी के संपर्क में आने से आमतौर पर इंफेक्शन का खतरा कम होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हमारी स्किन की आउटर लेयर प्रोटेक्टर की तरह काम करती है। अगर फिर भी स्किन में जलन या अधिक खुजली हो तो डॉक्टर को दिखाएं।