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क्या मोबाइल चलाने से Brain Tumor हो सकता है? जानें स्क्रीन का ब्रेन हेल्थ पर क्या असर पड़ता है?

आजकल बच्चा, बड़ा हो या बुजुर्ग, सभी मोबाइल फोन के बिना नहीं रह पाते हैं। लेकिन, क्या मोबाइल फोन चलाने से ब्रेन ट्यूमर होता है? आइए, जानते हैं ज्यादा स्क्रीन टाइम ब्रेन हेल्थ पर कैसे असर डालता है।

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Written By: Anju Rawat | Published : June 5, 2026 8:38 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Vivek Barun

Mobile and Brain Tumor: क्या आपके मम्मी-पापा या घर के बड़े सदस्य हर छोटी-मोटी समस्या के लिए फोन को जिम्मेदार समझते हैं? अगर हां, तो ऐसा ज्यादातर लोगों के साथ होता है। दरअसल, मोबाइल फोन जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है। लोग चाहकर भी इससे खुद को दूर नहीं कर पाते हैं। आजकल मोबाइल फोन की मदद से ही ऑफिस मीटिंग, पढ़ाई और मनोरंजन हो रहा है। यानी हर उम्र के लोग अपने दिन का ज्यादातर समय स्क्रीन के सामने ही बिताते हैं। मोबाइल फोन ने हमारे जीवन को आसान बना दिया है, लेकिन इसे कई स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी जिम्मेदार माना जाता है। इसलिए लोगों के मन में मोबाइल फोन से जुड़े कई सवाल होते हैं। इसमें से एक है- क्या मोबाइल चलाने से ब्रेन ट्यूमर होता है? तो आइए, ब्रेन ट्यूमर दिवस (हर साल जून को मनाया जाता है) के मौके पर Artemis Hospitals के न्यूरोलॉजी एंड एपिलेप्सी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. विवेक बरुन से जानते हैं इसके बारे में-

क्या मोबाइल चलाने से Brain Tumor हो सकता है?

डॉ. विवेक बरुन बताते हैं, "मोबाइल चलाने से ब्रेन ट्यूमर नहीं होता है। मोबाइल फोन और ब्रेन ट्यूमर के बीच कोई संबंध नहीं है। मोबाइल से हानिकारक रेज निकलती है, जो आंखों और दिमाग पर असर डाल सकता है। लेकिन, इसका ब्रेन ट्यूमर से कोई संबंध नहीं है। लेकिन, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप लंबे समय तक स्क्रीन देख सकते हैं। स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताने से कई दूसरी समस्याएं हो सकती हैं।"

डॉ. विवेक आगे बताते हैं, "ब्रेन ट्यूमर तब होता है, जब मस्तिष्क या उसके आस-पास की कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि होने लगती है। ये कोशिकाएं गांठ बनाती हैं, जिसे ट्यूमर कहा जाता है।"

क्या ज्यादा स्क्रीन टाइम ब्रेन हेल्थ पर असर डालता है?

  • जी हां, अगर लंबे समय तक स्क्रीन पर बैठे रहने से ब्रेन हेल्थ प्रभावित हो सकता है। यह मेंटल हेल्थ पर भी असर डालता है।
  • ज्यादा देर तक मोबाइल फोन चलाने से एंग्जाइटी, बेचैनी और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • ज्यादा स्क्रीन टाइम से आंखों में तनाव बढ़ सकता है और ध्यान केंद्रित करने में मुश्किल हो सकती है।
  • रात को ज्यादा स्क्रीन देखने से शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन का उत्पादन प्रभावित होता है। इससे नींद न आने की समस्या हो सकती है।

Disclaimer: ज्यादा देर तक फोन चलाने से कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। इससे ब्रेन हेल्थ और मेंटल हेल्थ प्रभावित हो सकता है। अगर आपका स्क्रीन से जुड़ा काम रहता है, तो हर 20 से 30 मिनट में आंखों को आराम दें। सोने से एक घंटा पहले मोबाइल बंद करके रख दें।