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क्या आपकी जीभ का रंग बता सकता है पेट की सेहत?

जीभ का रंग पेट की परेशानी की ओर इशाका कर सकता है। इस तरह के दावे कई लोग करते हैं। इस दावे में कितनी सच्चाई है, इसकी जानकारी के लिए हम डॉक्टर से जानते हैं-

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Written By: Kishori Mishra | Published : July 29, 2026 2:28 PM IST

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Medically Verified By: Dr Tushar Tayal

जीभ का रंग देखकर क्या पेट की समस्याओं का पता लगाया जा सकता है? सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसे दावे देखने को मिलते हैं। आयुर्वेद में भी जीभ को शरीर के अंदरूनी स्वास्थ्य का आईना माना गया है। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या वास्तव में जीभ का रंग पाचन तंत्र की स्थिति के बारे में बता सकता है? कई हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि जीभ शरीर में होने वाले कुछ बदलावों का संकेत जरूर दे सकती है, लेकिन सिर्फ इसके आधार पर किसी बीमारी का निदान नहीं किया जा सकता।

गुरुग्राम स्थित सीके बिरला हॉस्पिटल के एसोसिएट डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन डॉ. तुषार तयाल का कहना है कि एक स्वस्थ व्यक्ति की जीभ आमतौर पर हल्के गुलाबी रंग की होती है और उस पर पतली सफेद परत दिखाई दे सकती है। अगर जीभ का रंग, बनावट या उस पर जमी परत में लंबे समय तक बदलाव बना रहे, तो यह शरीर में किसी समस्या का शुरुआती संकेत हो सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को पेट की बीमारी ही है।

जीभ का रंग किन समस्याओं की ओर कर सकता है इशारा?

डॉक्टर तुषार का कहना है कि मोटी सफेद परत मुंह की सफाई ठीक से न होने, शरीर में पानी की कमी, ओरल इंफेक्शन या कुछ मामलों में पाचन संबंधी गड़बड़ी का संकेत हो सकती है। Cleveland Clinic के अनुसार, जीभ का रंग और उसकी सतह में बदलाव कई बार डिहाइड्रेशन, संक्रमण या पोषण संबंधी कमी का संकेत दे सकते हैं, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए अन्य लक्षणों और जांचों को भी ध्यान में रखा जाता है।

tongue color affect Stomach Health

वहीं, पीली परत खराब ओरल हाइजीन, बैक्टीरिया की अधिकता, धूम्रपान या कुछ पाचन संबंधी समस्याओं से जुड़ी हो सकती है। अगर जीभ बहुत लाल और चमकदार दिखाई दे, तो यह विटामिन B12, फोलेट या आयरन की कमी का संकेत हो सकता है। NHS (UK) के मुताबिक, जीभ के रंग में बदलाव कई कारणों से हो सकता है और लगातार बने रहने पर डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

सिर्फ जीभ देखकर बीमारी का पता लगाना सही नहीं

डॉ. तयाल का कहना है कि जीभ का निरीक्षण डॉक्टर की शारीरिक जांच का एक हिस्सा जरूर होता है, लेकिन किसी भी बीमारी का निदान केवल इसे देखकर नहीं किया जाता। यदि किसी व्यक्ति को जीभ के रंग में बदलाव के साथ पेट दर्द, लगातार कब्ज, एसिडिटी, भूख कम लगना, वजन घटना, मुंह से बदबू या बार-बार उल्टी जैसी समस्याएं भी हों, तो डॉक्टर मरीज के लक्षणों, मेडिकल हिस्ट्री और जरूरत पड़ने पर ब्लड टेस्ट या अन्य जांचों के आधार पर सही कारण का पता लगाते हैं।

MedlinePlus भी स्पष्ट करता है कि जीभ में होने वाले बदलाव कई बार संक्रमण, पोषण की कमी, एलर्जी या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़े हो सकते हैं। इसलिए केवल जीभ देखकर बीमारी का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

अगर जीभ का रंग या उस पर जमी परत दो सप्ताह से अधिक समय तक बनी रहे, जीभ में दर्द या घाव हो, सफाई के बाद भी परत न हटे या इसके साथ पाचन संबंधी लक्षण लगातार बने रहें, तो बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। Mayo Clinic के अनुसार, सफेद परत या ओरल थ्रश जैसी समस्याएं लंबे समय तक बनी रहें, तो उनका चिकित्सकीय मूल्यांकन जरूरी होता है।

Disclaimer : यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। जीभ का रंग स्वास्थ्य के बारे में कुछ संकेत दे सकता है, लेकिन सिर्फ इसके आधार पर किसी बीमारी का निदान नहीं किया जा सकता। अगर जीभ का रंग लंबे समय तक असामान्य रहे या इसके साथ पेट संबंधी या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हों, तो योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।