क्या थायराइड असंतुलन से बढ़ सकता है यूरिक एसिड? जानिए लक्षण और बचाव का तरीका

रिसर्च बताती है कि थायराइड हार्मोन का असंतुलन शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है, जिससे यूरिक एसिड का स्तर बढ़ या घट सकता है। यदि समय रहते इसे कंट्रोल न किया जाए तो यह गठिया (गाउट), जोड़ों के दर्द और किडनी से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है।

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Written By: Dr. Anupam Biswas | Updated : March 10, 2026 4:05 PM IST

Can thyroid imbalance cause increased uric acid : आजकल थायराइड और यूरिक एसिड दोनों ही समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। कई लोग इन्हें अलग-अलग बीमारी मानते हैं, लेकिन रिसर्च बताती है कि थायराइड हार्मोन का असंतुलन शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है, जिससे यूरिक एसिड का स्तर बढ़ या घट सकता है। यदि समय रहते इसे कंट्रोल न किया जाए तो यह गठिया (गाउट), जोड़ों के दर्द और किडनी से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है।

थायराइड और यूरिक एसिड का क्या संबंध है?

थायराइड ग्रंथि शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करती है। यह हार्मोन ऊर्जा उपयोग, प्रोटीन मेटाबॉलिज्म और कोशिकाओं की गतिविधियों को प्रभावित करता है।

हाइपोथायरॉइडिज़्म (थायराइड कम होना)

  1. हाइपोथायरॉइडिज़्म की स्थिति में मेटाबॉलिज़्म धीमा हो जाता है।
  2. किडनी के काम करने की क्षमता कम या धीमी हो जाती है।
  3. यूरिक एसिड का उत्सर्जन भी थायराइड के कारण धीमा होता है।
  4. हाइपोथायरॉइडिज़्म की स्थिति में खून में यूरिक एसिड जमा होने लगता है।

हाइपरथायरॉइडिज़्म (थायराइड बढ़ना)

  1. हाइपरथायरॉइडिज़्म में शरीर का थायराइड हार्मोन ज्यादा बनने लगता है।
  2. हाइपरथायरॉइडिज़्म में शरीर में प्रोटीन टूटने की प्रक्रिया तेज हो जाती है।
  3. प्यूरिन मेटाबॉलिज़्म बढ़ता है, जिससे यूरिक एसिड का प्रोडक्शन बढ़ जाता है।
  4. इस प्रकार थायराइड असंतुलन दोनों ही स्थितियों में यूरिक एसिड स्तर को प्रभावित कर सकता है।

यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण

थायराइड के कारण यूरिक एसिड पर नीचे बताए गए लक्षण नजर आ सकते हैं।

  1. जोड़ों में दर्द, विशेषकर पैर के अंगूठे में ज्याद दर्द होना
  2. शरीर में सूजन और लालिमा
  3. सुबह जकड़न महसूस होना
  4. चलने में दर्द रहना
  5. किडनी स्टोन की समस्या
  6. बार-बार पेशाब में जलन होना
  7. बालों का झड़ना
  8. नींद की कमी
  9. स्किन से जुड़ी बीमारी

थायराइड के कारण यूरिक एसिड न बढ़े इसके लिए क्या करें?

  1. थायराइड स्तर की नियमित जांच कराएं- अगर आपको थायराइड की समस्या है, तो TSH, T3 और T4 की नियमित टेस्ट करवाएं। थायराइड टेस्ट करवाने से यूरिक एसिड की जानकारी समय-समय पर मिलती रहती है और इसके बढ़ने से पहले कंट्रोल किया जा सकता है।
  2. 8-10 गिलास पानी पिएं- थायराइड के कारण हाई यूरिक एसिड की परेशानी न हो, इसके लिए दिन में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं। सही मात्रा पानी पीने से यूरिक एसिड मूत्र के जरिए बाहर थायनिकलता है। यह किडनी पर दबाव कम करता है। पानी पीने से यूरिक एसिड के कारण बनने वाले किडनी स्टोन की समस्या भी नहीं होती है।
  3. विटामिन सी युक्त पदार्थ खाएं- विटामिन C यूरिक एसिड कम करने में मदद करता है। खाने में विटामिन सी की मात्रा बढ़ाने के लिए आंवला,

    नींबू पानी, संतरा और अमरूद को शामिल करें। सामान्य खानपान से अगर विटामिन सी की पूर्ति नहीं होती है, तो डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट लिया जा सकता है।

  4. कम प्यूरिन वाले फूड्स- नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन पर छपी रिसर्च बताती है कि कम प्यूरिन वाले खाद्य पदार्थ यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। कम प्यूरिन फूड्स को खाने से थायराइड और हाई यूरिक एसिड दोनों ही कंट्रोल में रहता है। इसके लिए खाने में लौकी, तोरी, टिंडा, गाजर, सेब, पपीता, संतरा और लो-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स को शामिल करें।

थायराइड के कारण यूरिक एसिड न बढ़े इसके लिए क्या न करें?

  1. रेड मीट से बचें- थायराइड के मरीजोंको हाई यूरिक एसिड की समस्या से बचने के लिए रेड मीट और अंग मांस का अधिक सेवन करने से बचना चाहिए। मीट में प्यूरिन अधिक होता है, जो यूरिक एसिड बढ़ाता है।
  2. दालें सीमित मात्रा में खाएं- थायराइड की स्थिति में हाई यूरिक एसिड से बचाव करने के लिए अत्यधिक दालों और प्रोटीन सप्लीमेंट का सेवन करने से बचना चाहिए। थायराइड मरीजों को डॉक्टर की सलाह से ही हाई प्रोटीन डाइट लेनी चाहिए।
  3. मीठे पेय और फ्रुक्टोज से बचे- सॉफ्ट ड्रिंक और पैकेज्ड जूस यूरिक एसिड स्तर बढ़ा सकते हैं। इसलिए इन ड्रिंक्स का सेवन करने से बचना चाहिए।

निष्कर्ष

थायराइड हार्मोन का असंतुलन शरीर के मेटाबॉलिज़्म को प्रभावित करके यूरिक एसिड स्तर को बढ़ा सकता है। अगर जीवनशैली अस्वस्थ हो, पानी कम पिया जाए और प्यूरिन युक्त खाना ज्यादा खाया जाए, तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है।

सही खान-पान, नियमित व्यायाम, तनाव नियंत्रण और डॉक्टर की सलाह से उपचार अपनाकर थायराइड और यूरिक एसिड दोनों को नियंत्रित रखा जा सकता है।