क्या स्ट्रेस के कारण भी हड्डियां कमजोर होने लगी हैं? इसका रिस्क कैसे कम करें

स्ट्रेस हमारे शरीर को किसी एक या दो नहीं बल्कि कई अलग-अलग तरीकों से नुकसान पहुंचा सकता है, जिसमें हड्डियां कमजोर पड़ना भी एक है। इस लेख में एक्सपर्ट्स से जाने स्ट्रेस के कारण हड्डियां कमजोर होने से कैसे रोकें

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Written By: Mukesh Sharma | Published : April 29, 2026 7:12 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Mihir Thanvi

जैसे हर किसी की जेब में मोबाइल जरूर मिलता है, उसी प्रकार ज्यादातर लोगों के दिमाग में तनाव यानी स्ट्रेस जरूर मिलता है। स्ट्रेस आजकल लोगों के लिए एक आम समस्या बन गई है, उनको लगने लगा है कि यह शायद उनकी जीवनशैली की ही एक हिस्सा है। काम का दबाव, नींद की कमी और असंतुलित दिनचर्या ये सब मिलकर स्ट्रेस का कारण बनते हैं। आमतौर पर लोग मानते हैं कि स्ट्रेस का असर केवल दिमाग या दिल पर पड़ता है, लेकिन हाल के शोध बताते हैं कि इसका सीधा संबंध हमारी हड्डियों की सेहत से भी हो सकता है। यानी लगातार तनाव झेलने वाले लोगों में हड्डियों के कमजोर होने का खतरा बढ़ सकता है। डॉ. मिहिर थानवी, कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर ने इस बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं, जिनके बारे में हम इस लेख में जानेंगे।

कितना खतरनाक है स्ट्रेस

स्ट्रेस सिर्फ एक मानसिक परेशानी नहीं है, बल्कि शरीर पर भी इसका गहरा असर जाता है। खासतौर पर जब व्यक्ति को लंबे समय से तनाव है, तो ये समझ लीजिए तनाव ही उसके शारीरिक स्वास्थ्य का सबसे बड़ा दुश्मन है। क्रोनिक स्ट्रेस यानी लंबे समय तनाव रहने से शरीर में “कॉर्टिसोल” नामक हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। यह हार्मोन शरीर को आपात स्थिति से निपटने में मदद करता है, लेकिन अगर यह लंबे समय तक अधिक मात्रा में बना रहे, तो नुकसानदायक हो जाता है।

(और पढ़ें - किस उम्र के बाद कमजोर होने लगती है हड्डियां)

स्ट्रेस का हड्डियों पर असर

आपने शायद कभी सोचा भी नहीं होगा कि आपकी हड्डी कमजोर होने का कारण स्ट्रेस भी हो सकता है कॉर्टिसोल का अधिक स्तर हड्डियों के निर्माण की प्रक्रिया को धीमा कर देता है और हड्डियों से कैल्शियम का नुकसान बढ़ा देता है। इससे हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, तनाव के कारण लोग अक्सर अपनी जीवनशैली में भी गलत आदतें शामिल कर लेते हैं, जैसे

  • संतुलित आहार न लेना
  • धूम्रपान या शराब का सेवन
  • फिजिकल एक्टिविटी में कमी
  • नींद पूरी न होना

स्ट्रेस के कारण हड्डियों का निर्माण तो प्रभावित होता ही है साथ ही साथ ये आदतें अपनाने के कारण हड्डियां और ज्यादा कमजोर पड़ने लगती हैं।

किन लोगों को ज्यादा खतरा

वैसे तो तनाव किसी को भी हो सकता है, लेकिन कुछ स्थितियां हैं जिनके कारण कुछ लोगों में स्ट्रेस का खतरा ज्यादा रहता है जैसे -

  • लंबे समय से मानसिक तनाव झेल रहे लोग
  • ऑफिस में लगातार दबाव में काम करने वाले
  • महिलाएं खासकर मेनोपॉज के बाद
  • बुजुर्ग या किसी क्रोनिक बीमारी के मरीज

इसके अलावा जिन लोगों की डाइट में कैल्शियम व विटामिन डी की कमी होती है, उन्हें अपनी बोन हेल्थ पर खास ध्यान देने की जरूरत है और अपनी मेंटल हेल्थ को मैनेज करने की जरूरत है।

इसके क्या लक्षण हो सकते हैं?

अगर स्ट्रेस के कारण हड्डियां कमजोर हो रही हैं,तो इसका पता सीधे तौर पर नहीं चलता। हालांकि, कुछ संकेत जरूर दिखाई देते हैं,

  • बार-बार हड्डी में दर्द
  • बदन दर्द रहना
  • कमर व घुटनों में कमजोरी
  • छोटी चोट में भी फ्रैक्चर हो जाना
  • मांसपेशियों में जकड़न
  • थकान और कमजोरी

अगर ये लक्षण लगातार बने रहें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है।

बचाव व रोकथाम कैसे करें

स्ट्रेस से हड्डियों की कमजोरी का बचाव करने के लिए सबसे पहले स्ट्रेस को मैनेज करना जरूरी है। इसके बाद हड्डियों की कमजोरी को दूर करने या फिर हड्डियों को कमजोर होने से बचाने के लिए आप निम्न बातों का ध्यान रखें -

  • सबसे पहले संतुलित आहार लें जिसमें कैल्शियम और विटामिन D भरपूर मात्रा में शामिल हों, जैसे दूध, दही, पनीर, हरी सब्जियां, बादाम और तिल
  • सुबह की ताजी धूप में 15 मिनट बैठना भी आपको विटामिन डी प्रदान करता है, जो आपकी हड्डियों के लिए बेहद जरूरी है।
  • हड्डियों मजबूत रखने के लिए नियमित व्यायाम भी जरूरी है जिसमें आप वॉकिंग, योग, हल्की एक्सरसाइज या वेट ट्रेनिंग कर सकते हैं। ये न सिर्फ हड्डियों को मजबूत बनाती है बल्कि स्ट्रेस को भी कम करती है और बोन डेंसिटी को बेहतर करती है।
  • स्ट्रेस मैनेजमेंट बेहद जरूरी है, जिसके लिए मेडिटेशन, प्राणायाम, संगीत या कोई पसंदीदा शौक अपनाया जा सकता है और दिन में थोड़ा समय खुद के लिए निकालना चाहिए।
  • कमजोर हड्डियों और मेंटल स्ट्रेस दोनों को दूर करने के लिए अच्छी नींद भी बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि रोज 7–8 घंटे की नींद शरीर को रिकवर होने का समय देती है और स्ट्रेस हार्मोन को नियंत्रित रखती है।
  • वहीं, धूम्रपान और शराब जैसी आदतों से दूरी बनाना बेहद है, क्योंकि ये हड्डियों को कमजोर करते हैं। साथ ही, अगर उम्र 40 के पार है या पहले से कोई समस्या है, तो समय-समय पर बोन डेंसिटी टेस्ट कराना चाहिए, ताकि शुरुआती अवस्था में ही समस्या का पता लगाकर सही इलाज किया जा सके।

स्ट्रेस को केवल मानसिक समस्या मानना गलत है। यह पूरे शरीर को प्रभावित करता है, जिसमें हड्डियां भी शामिल हैं। अगर व्यक्ति लंबे समय तक तनाव में रहता है, तो उसे अपनी लाइफस्टाइल पर तुरंत ध्यान देना चाहिए। सही डाइट, एक्सरसाइज और मानसिक संतुलन बनाए रखना हड्डियों को सुरक्षित रखने के लिए बेहद जरूरी है। स्ट्रेस और हड्डियों की सेहत के बीच गहरा संबंध है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आज के दौर में तनाव से पूरी तरह बचना मुश्किल है, लेकिन इसे सही तरीके से मैनेज करना संभव है। अगर आप अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव लाते हैं, तो न सिर्फ स्ट्रेस कम होगा, बल्कि आपकी हड्डियां भी लंबे समय तक मजबूत बनी रहेंगी।

डॉ. मिहिर थानवी, कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर

अस्वीकरण: यह लेख सिर्फ स्किन से स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें बताई कई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल हड्डियों से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या के इलाज के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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