
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : June 1, 2026 11:31 AM IST
Medically Verified By: Dr V. Nagarjuna Maturu
Image Credit : ChatGPT
AC side effects : गर्मियों में कई लोगों के लिए एयर कंडीशनर राहत देने का काम करता है। अक्सर लोग तेज गर्मी और उमस से बचने के लिए पूरी रात AC चलाकर सोना पसंद करते हैं। हालांकि, अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या रातभर AC में सोने से फेफड़ों को नुकसान पहुंच सकता है? क्या यह आदत सांस संबंधी बीमारियों का कारण बन सकती है? इस विषय की जानकारी के लिए हमने हैदराबाद में स्थित यशोदा हॉस्पिटल के क्लिनिकल एंड इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी, सीनियर कंसल्टेंट डॉ. वी. नागार्जुन मातुरु से बातचीत की है। आइए डॉक्टर से जानते हैं इस विषय के बारे में विस्तार से-
डॉ. मातुरु का कहना है कि स्वस्थ लोगों में रातभर AC चलाकर सोने से फेफड़ों को सीधे तौर पर कोई नुकसान नहीं होता। हालांकि, AC से निकलने वाली हवा वातावरण की नमी को कम कर देती है, जिससे हवा अधिक शुष्क हो जाती है। यह शुष्कता नाक, गले और श्वसन मार्ग में सूखापन पैदा कर सकती है।
कुछ लोगों को सुबह उठने पर गले में खराश, खांसी या नाक में सूखापन महसूस हो सकता है। यह स्थिति आमतौर पर अस्थाई होती है, लेकिन यदि समस्या बार-बार हो रही है तो इसके पीछे AC का लगातार उपयोग एक कारण हो सकता है।
जिन लोगों को अस्थमा, एलर्जी या अन्य सांस से जुड़ी समस्याएं हैं, उनके लिए AC की ठंडी और ड्राई हवा परेशानी बढ़ा सकती है। कम नमी वाली हवा श्वसन मार्ग को संवेदनशील बना सकती है, जिससे खांसी, सांस फूलना या सीने में जकड़न जैसे लक्षण उभर सकते हैं।
इसके अलावा, यदि AC की नियमित सफाई नहीं की जाती है तो उसके फिल्टर में धूल, फफूंद, एलर्जन और बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं। AC चालू होने पर ये कण कमरे की हवा में फैल जाते हैं और सांस के जरिए शरीर में पहुंच सकते हैं। इससे एलर्जी के लक्षण बढ़ने या श्वसन संक्रमण होने का खतरा भी बढ़ सकता है।
डॉक्टर कहते हैं कि लंबे समय तक गंदे या ठीक से मेंटेन न किए गए एयर कंडीशनर के संपर्क में रहने से कुछ लोगों में सांस से जुड़ी परेशानी हो सकती है। इसे आम बोलचाल में एयर कंडीशनर लंग कहा जाता है। यह स्थिति तब पैदा होती है, जब व्यक्ति बार-बार धूल, फफूंद या अन्य प्रदूषक कणों के संपर्क में आता है।
हालांकि, यह समस्या हर व्यक्ति में नहीं होती, लेकिन जिनकी प्रतिरक्षा कमजोर है या जिन्हें पहले से फेफड़ों की बीमारी है, उनमें जोखिम अधिक हो सकता है।
कमरे का तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रखें।
पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, ताकि शरीर में नमी बनी रहे।
Disclaimer : रातभर AC चलाकर सोना सामान्य रूप से स्वस्थ लोगों के लिए फेफड़ों के लिए हानिकारक नहीं माना जाता। लेकिन इसकी ठंडी और शुष्क हवा कुछ लोगों में गले, नाक और श्वसन मार्ग में जलन पैदा कर सकती है। वहीं, अस्थमा और एलर्जी से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। AC की नियमित सफाई, सही तापमान और उचित रखरखाव के साथ इसका उपयोग किया जाए तो अधिकांश लोग बिना किसी बड़ी परेशानी के आरामदायक नींद ले सकते हैं।