Advertisement

क्या एसी में ज्यादा देर रहने से साइनस की समस्या बढ़ती है? डॉक्टर से जानें

गर्मी और मानसून के इस मौसम में उमस से परेशान होकर हम लंबे समय तक एसी में बैठे रहते हैं। लेकिन जिन लोगों को साइनस की समस्या होती है, उन्हें सिरदर्द जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आइए, डॉक्टर से जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है।

Written By Vidya Sharma
Published : August 10, 2026 4:26 PM IST

AC की ठंडी हवा और साइनस एक दूसरे से कैसे जुड़े हैं?

गर्मियों और उमस भरे मौसम में एयर कंडीशनर भले ही राहत देता है, लेकिन लंबे समय तक AC के संपर्क में रहने के बाद कुछ लोगों को नाक बंद होने, छींक आने, सिर में भारीपन या चेहरे के आसपास दर्द जैसी परेशानी महसूस हो सकती है। ऐसे में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या AC में ज्यादा देर बैठना साइनस की समस्या को बढ़ा सकता है।

सी.के. बिड़ला हॉस्पिटल, गुरुग्राम के एसोसिएट डायरेक्टर और इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. तुषार तायल के अनुसार, “AC अपने आप साइनस इंफेक्शन का कारण नहीं बनता, लेकिन ठंडी और ड्राई हवा तथा AC की खराब सफाई कुछ लोगों में साइनस से जुड़े लक्षणों को जरूर बढ़ा सकती है।” आइए हम डॉक्टर से इस विषय पर थोड़ा विस्तार से जानकारी लेते हैं।

Advertisement

ठंडी हवा नाक पर कैसे असर डालती है?

नाक और साइनस की अंदरूनी सतह पर प्राकृतिक नमी बनी रहती है, जो धूल, एलर्जेन और अन्य कणों को बाहर निकालने में मदद करती है। लंबे समय तक बहुत ठंडी या शुष्क हवा के संपर्क में रहने से यह नमी कम हो सकती है। इसके कारण नाक की अंदरूनी परत में जलन और सूजन बढ़ सकती है।

साइनस के लक्षण कब बढ़ते हैं?

डॉक्टर बताते हैं कि जिन लोगों को पहले से एलर्जिक राइनाइटिस या साइनस की समस्या है, उनमें यह परेशानी अधिक महसूस हो सकती है। इसके अलावा, लंबे समय से साफ न किए गए एसी के फिल्टर में धूल, फंगस और अन्य सूक्ष्म कण जमा हो सकते हैं। जब एसी चलता है, तो ये कण हवा के साथ पूरे कमरे में फैल सकते हैं। संवेदनशील लोगों में इनके संपर्क से छींक, नाक बहना, नाक बंद होना और गले में जलन जैसे लक्षण पैदा हो सकते हैं।

Advertisement

हर बार नाक बंद होना साइनस का संकेत नहीं

हर बार नाक बंद होना साइनस इंफेक्शन का संकेत नहीं होता। डॉक्टरों के अनुसार, “AC का तापमान बहुत कम रखने के बजाय कमरे को आरामदायक तापमान पर रखना बेहतर होता है। लगातार सीधे चेहरे या नाक पर ठंडी हवा पड़ने से भी बचना चाहिए। AC के फिल्टर की नियमित सफाई जरूरी है और कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखना भी फायदेमंद हो सकता है।”

नाक को सूखने से बचाने के लिए क्या करें?

पर्याप्त पानी पीने से शरीर और नाक की अंदरूनी परत में नमी बनाए रखने में मदद मिलती है। अगर नाक बंद रहने के साथ चेहरे में लगातार दर्द या दबाव, पीला या हरा नाक का स्राव, बुखार, सूंघने की क्षमता में कमी या समस्या बार-बार बनी रहती है, तो व्यक्ति को इसे सिर्फ AC का असर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

ऐसे मामलों में ENT विशेषज्ञ से जांच कराना उचित रहता है। इसलिए, विशेषज्ञों का मानना है कि AC को पूरी तरह दोष देना सही नहीं है। सही तापमान, स्वच्छ फिल्टर और उचित कमरे की नमी बनाए रखकर AC से जुड़े संभावित ट्रिगर्स को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है और इसमें दी गई जानकारी विशेषज्ञ की राय पर आधारित है। एसी में रहने से नाक बंद होना या साइनस से जुड़े लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। यह जानकारी किसी चिकित्सीय जांच, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। अगर आपको लगातार नाक बंद रहने, चेहरे में दर्द या दबाव, बुखार, नाक से असामान्य स्राव, सांस लेने में परेशानी या बार-बार साइनस से जुड़ी समस्या हो रही है, तो डॉक्टर या ENT विशेषज्ञ से सलाह लें।