पेट एनिमल रखा है तो हो जाएं सावधान, बढ़ा सकते हैं अस्थमा का खतरा

क्या वाकई पेट एनिमल रखना अस्थमा का कारण बन सकता है? अगर हां, तो कैसे?

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Written By: Anju Rawat | Published : April 26, 2026 9:45 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Neetu Jain

कई लोग घर पर कुत्ता या बिल्ली पालना पसंद करते हैं। वे उन्हें अपने परिवार का ही हिस्सा मानने लगते हैं। कई लोगों को पालतू जानवर से मानसिक सुकून मिलता है, तो कुछ लोग अकेलापन दूर करने के लिए घर पर कुत्ता या बिल्ली रखना पसंद करते हैं। हालांकि, पालतू जानवरों से इंसानों को भी पूरा प्यार और भरोसा मिलता है। लेकिन, इसी के साथ कई लोगों के मन में चिंता भी रहती है कि पालतू जानवरों से अस्थमा का खतरा रहता है। कई रिसर्च में भी साबित हुआ है कि पेट एनिमल्स अस्थमा का कारण बन सकते हैं। PSRI hospital की पल्मोनोलॉजी क्रिटिकल केयर एंड स्लीप मेडिसिन विभाग की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. नीतू जैन से जानते हैं कि पालतू जानवरों के साथ रहने से अस्थमा हो सकता है या नहीं?

क्या पालतू जानवरों से अस्थमा हो सकता है?

जी हां, जानवरों से अस्थमा का खतरा बढ़ जाता है। दरअसल, जानवरों के बाल श्वास नलियों को संवेदनशील बना सकते हैं। इससे अस्थमा के लक्षण नजर आ सकते हैं। इसलिए अगर आपने पेट एनिमल रखा भी है, तो जानवरों के बालों के संपर्क में आने से बचना चाहिए। अगर किसी व्यक्ति को पहले से अस्थमा है, तो इनके बाल अस्थमा के लक्षणों को ट्रिगर कर सकते हैं।

अक्सर लोगों को लगता है कि कुत्तों के झड़ते हुए बालों की वजह से अस्थमा होता है। जबकि, American Academy of Allergy Asthma & Immunology  के अनुसार, अस्थमा या एलर्जी पालतू जानवरों की त्वचा, लार और पेशाब में पाए जाने वाले प्रोटीन के कारण होता है। कुछ कुत्तों की नस्लों को "हाइपोएलर्जेनिक" कहा जाता है, क्योंकि उनके बाल कम झड़ते हैं। बिना बालों वाले कुत्तों में भी कुछ एलर्जेन होते हैं, जो अस्थमा का कारण बन सकते हैं।

पेट एनिमल्स अस्थमा का कारण कैसे बनते हैं?

अस्थमा एक ऐसी बीमारी है, जिसमें सांस की नलियां सूजकर संकरी हो जाती हैं। इसकी वजह से सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। पेट एनिमल्स को अस्थमा के खतरे को बढ़ा सकता है। पेट एनिमल्स जैसे कुत्ता और बिल्ली के शरीर से निकलने वाले कुछ तत्व अस्थमा को ट्रिगर कर सकते हैं।

  • बाल अस्थमा के खतरे को बढ़ा सकते हैं।
  • पेट एनिमल्स के छोटे-छोटे कण अस्थमा का कारण बन सकते हैं।
  • पेट एनिमल्स की लार भी अस्थमा का खतरा बढ़ सकता है।
  • पेशाब में मौजूद कणों के संपर्क में आने से अस्थमा का खतरा बढ़ सकता है।

किन लोगों को है पेट एनिमल से अस्थमा का ज्यादा खतरा?

  • अगर किसी व्यक्ति को एलर्जी की समस्या है, तो उसमें अस्थमा का खतरा बढ़ सकता है।
  • छोटे बच्चों और जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर है, उनमें भी अस्थमा का जोखिम ज्यादा रहता है।

अस्थमा के लक्षण क्या होते हैं?

अस्थमा रोग होने पर व्यक्ति में कई तरह के लक्षण महसूस हो सकते हैं। इनमें शामिल हैं-

  • अस्थमा होने पर व्यक्ति को बार-बार और लंबे समय तक खांसी हो सकती है।
  • अगर थोड़ा-सा काम करने या सीढ़िया चढ़ने के बाद ही सांस फूल रही है, तो यह अस्थमा का संकेत हो सकता है।
  • अस्थमा की वजह से सीने में जकड़न महसूस हो सकती है।
  • सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज आ सकती है।

पेट एनिमल है तो अस्थमा से बचाव कैसे करें?

अगर आपने पेट एनिमल रखें और आप इनसे दूर नहीं रहना चाहते हैं, तो कुछ टिप्स जरूर फॉलो करें।

  • पेट एनिमल रखा है तो घर की नियमित रूप से अच्छी तरह सफाई करें।
  • पेट को बेडरूम या बच्चों के कमरे में एंट्री बिल्कुल न दें।
  • HEPA filter वाले एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें। यह एक ऐसा फिल्टर होता है, जो हवा में मौजूद छोटे-छोटे कणों को आसानी से पकड़ लेता है।
  • पालतू जानवर को समय-समय पर जरूर नहलाएं।
  • खाना खाने से पहले और बनाने से पहले हाथ धोने की आदत जरूर डालें।

अगर आपने पेट एनिमल रखा है, तो साफ-सफाई का ध्यान जरूर रखें। क्योंकि इनके बाल, लार और पेशाब में मौजूद कण अस्थमा का कारण बन सकते हैं। खासकर, बुजुर्गों और बच्चों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर आपने पालतू जानवर रखा भी है, तो उसे डाइनिंग एरिया, बेडरूम में न आने दें। अगर, लंबे समय से खांसी हो रही है तो एक बार डॉक्टर से जरूर मिलें।

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