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मंकीपॉक्स के मामले लगातर बढ़ रहे हैं। भारत में जहां 8 मामले हैं, वहीं दुनियाभर के लगभग 80 देशों में ये फैल चुका है। ऐसे में सबसे ज्यादा लोगों का ध्यान इस बात पर है कि आखिरकार का ये वायरस कैसे फैल रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की मानें तो, मंकीपॉक्स निकट शारीरिक संपर्क पर निर्भर करता है और आमतौर पर लंबे समय तक एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक या जानवर से व्यक्ति तक फैलता है। वहीं, अमेरिकन सोसाइटी फॉर माइक्रोबायोलॉजी (एएसएम) के मैडलिन बैरोन कहते हैं, यह किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क से हो सकता है, जिसे घाव, पपड़ी और शारीरिक तरल पदार्थ जैसे संक्रामक दाने हों। साथ ही उन वस्तुओं को छूकर भी ये हो सकता है जिन्हें संक्रमित व्यक्ति ने छुआ होगा। पर क्या ये पति से पत्नी और मां से बच्चे में भी हो सकता है। इसी बारे में जानने के लिए हमने Dr. Uma Vaidyanathan Senior Consultant, Obstetrician and Gynecologist, Fortis Hospital, Shalimar Bagh से बात की।
Dr. Uma Vaidyanathan बताती हैं कि मंकीपॉक्स सेक्सुअल इंटरकोर्स के दौरान फैल सकता है। लेकिन इसे भी पूरी तरह नहीं कहा जा सकता है क्योंकि इसके लिए पर्याप्त डेटा उपलब्ध नहीं हैं। वहीं, सीडीसी (CDC) और अमेरिका के कुछ जर्नल में छपे शोध बताते हैं कि यह एक STI (Sexually transmitted disease) है जो कि हाई रिस्क वाले ग्रुप में फैल रहा है। खास कर कि पुरुष से पुरुष संपर्क से। इसी तरह पति से पत्नी में भी फैल सकता है, जो स्किन से स्किन के संपर्क में आने के कारण होता है। साथ ही मंकीपॉक्स म्यूकस के जरिए भी फैल सकता है। पर यहां समझना होगा कि चेचक (Chickenpox) भी एक दूसरे के संपर्क में आने से फैलता है लेकिन वो सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज (STI) नहीं है।
मां से बच्चे में मंकीपॉक्स फैलने के पीछे अभी तक कोई तर्क नहीं है। डॉ. उमा कहती हैं कि इसके बारे में हमारे पास कोई जानकारी नहीं है और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस बारे में कुछ नहीं बताया है। कोरोना के समय पर भी ऐसी बातें हो रही थी कि ये संक्रमण मां से बच्चे में हो सकता ह, लेकिन बाद में पता चाल कि ये प्लेसेंटा के जरिए नहीं बल्कि, मां से बच्चे के बीच कॉन्टेक्ट के जरिए हो सकता है।
लैंसट (Lancet) की एक रिपोर्ट प्रेगनेंसी के दौरान मंकीपॉक्स फैलने को लेकर बहुत कुछ कहती है। दरअसल, इस रिपोर्ट में इस बात की संभावना जताई गई है कि कैसे मंकीपॉक्स मां के गर्भ में पल रहे बच्चे को भी प्रभावित कर सकता है। इस रिपोर्ट में एक शोध की बात की गई है जो कि सेंट्रल अफ्रीका के एक देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (Democratic Republic of the Congo) का है। इसमें बताया गया है कि 4 महिलाएं जो कि मंकीपॉक्स से संक्रमित थीं, उनमें से दो का अचानक ही मिसकैरेज (गर्भपात) हो गया। ये मिसकैरेज (गर्भपात) प्रेगनेंसी के शुरुआत में ही हुआ। इसके अलावा एक महिला ने प्रेगनेंसी के दूसरे ट्राइमेस्टर यानी 18 सप्ताह बाद अपना बच्चा खो दिया। इस दौरान गर्भ में पल रहा बच्चा जिसकी मौत हो गई थी, उसके शरीर पर लाल चकत्ते थे और उस भ्रूण के नाल और प्लेसेंटा में मंकीपॉक्स का डीएनए (Monkeypox DNA) पाया गया, जो कि इस और संकेत करता है कि सीधे तौर पर तो नहीं पर किसी और तरह से मंकीपॉक्स मां से बच्चे तक फैल सकता है।
इस तरह हम ये पूरी तरह से नहीं कह सकते कि मंकीपॉक्स कैसे फैलता है। हालांकि, सीडीसी के अनुसार मंकीपॉक्स वाले व्यक्ति के ओरल, एनल और वजाइनल सेक्स या किसी भी तरह के संपर्क में आने से ये फैल सकता है। गले लगाना, मालिश करना और चूमने से भी ये फैल सकता है। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से भी ये फैल सकता है।