
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Medically Verified By: Dr. Pragya Rashmi
heart health
Loneliness and Heart Health : आज के समय में लोग पहले से कहीं ज्यादा डिजिटल दुनिया से जुड़े हैं, लेकिन वास्तविक जिंदगी में कई लोग खुद को अकेला महसूस करते हैं। काम का बढ़ता दबाव, बिजी लाइफस्टाइल और सामाजिक मेलजोल में कमी के कारण दोस्ती और रिश्तों का दायरा सिमटता जा रहा है। हालांकि, यह अकेलापन सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि दिल की सेहत पर भी गंभीर असर डाल सकता है। कई स्टडी में पाया गया है कि लंबे समय तक सामाजिक अलगाव और अकेलेपन से हार्ट डिजीज, हाई ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। आइए इस विषय को यशोदा हॉस्पिटल की कंसल्टेंट साइक्लोजिस्ट डॉ. प्रज्ञा रश्मि से विस्तार से समझते हैं-
डॉ. प्रज्ञा रश्मि का कहना है कि अकेलापन और अच्छे दोस्तों की कमी दिल की सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकती है। उनका कहना है कि सोशल आइसोलेशन की वजह से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है और सूजन बढ़ने लगती है। इसके साथ ही व्यक्ति की नींद प्रभावित होती है, शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है और कुछ लोग तनाव से बचने के लिए धूम्रपान या शराब का अधिक सेवन करने लगते हैं।
ये सभी आदतें हृदय रोग के जोखिम को बढ़ाती हैं। लंबे समय तक अकेलापन रहने पर शरीर का सिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम लगातार सक्रिय रहता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर और धमनियों में प्लाक बनने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए हार्ट हेल्थ का आकलन करते समय मरीज के सामाजिक सहयोग पर भी ध्यान देना चाहिए।
अमेरिकल हार्ट असोशिएशन के मुताबिक, सामाजिक अलगाव और अकेलापन हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। डॉक्टर का कहना है कि जिन लोगों के सामाजिक संबंध सीमित होते हैं, उनमें समय से पहले मृत्यु का खतरा भी अधिक हो सकता है। वहीं, जर्नल हार्ट में प्रकाशित एक बड़े मेटा-एनालिसिस में पाया गया कि अकेलापन और सोशल आइसोलेशन से कोरोनरी हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का खतरा लगभग 30% तक बढ़ सकता है। वि
अगर आप अपने हार्ट को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो कुछ चीजों पर ध्यान दे सकते हैं, जैसे-
Disclaimer : अच्छी हार्ट हेल्थ के लिए सिर्फ संतुलित आहार, नियमित एक्सरसाइज और दवाएं ही जरूरी नहीं हैं, बल्कि मजबूत सामाजिक रिश्ते भी उतने ही अहम हैं। दोस्तों और परिवार का साथ तनाव कम करने, पॉजिटिव सोच बनाए रखने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में मदद करता है। इसलिए अपने दिल को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो अपने रिश्तों को भी समय देना न भूलें।